पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र के वोटर चुप, इलाके का हाल बता रहा विकास की कहानी
Updated at : 13 Apr 2019 4:18 AM (IST)
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कृष्ण, पटना : राजधानी पटना से जब एम्स की तरफ बढ़ते हैं, दोनों ओर बन रही बड़ी इमारतों को देख यह यकीन नहीं होता कि पाटलिपुत्र लोकसभा का क्षेत्र शुरू हो गया है. एम्स के अलावा बिहटा में आइआइटी, इएसआइ अस्पताल का कामकाज शुरू हो गया है. इसी इलाके में बिहटा में नया एयरपोर्ट बनने […]
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कृष्ण, पटना : राजधानी पटना से जब एम्स की तरफ बढ़ते हैं, दोनों ओर बन रही बड़ी इमारतों को देख यह यकीन नहीं होता कि पाटलिपुत्र लोकसभा का क्षेत्र शुरू हो गया है. एम्स के अलावा बिहटा में आइआइटी, इएसआइ अस्पताल का कामकाज शुरू हो गया है. इसी इलाके में बिहटा में नया एयरपोर्ट बनने की शुरूआत हो गयी है.
जमीन की बढ़ती कीमतों के बीच खेती किसानी में लगे किसानों में चुनाव के प्रति अभी उत्साह नहीं दिखता. बातचीत में दूसरे लोकसभा की तरह यहां भी वोटरों में विभाजन साफ दिख जाता है.
एनएच संख्या 57 के दोनों ओर की बस्तियों में पीएम नरेंद्र मोदी एक मुद्दा हैं. वहीं, जानीपुर और नौबतपुर के पिपलांवा में लालटेन बड़ा मुद्दा है. पाटलिपुत्र में चुनाव अंतिम चरण में 19 मई को होगा.
मुख्य मुकाबला पिछली बार की ही तरह इस बार भी भाजपा के वर्तमान सांसद व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव और राजद की डॉ मीसा भारती के बीच होगा. संसदीय क्षेत्र के इलाके की हालत यहां के विकास की कहानी बयां कर रहे हैं. वोटर चुप हैं.
आइआइटी और एम्स खुल जाने के बाद भी इलाके का जितना विकास होना चाहिए था, वो नहीं हुआ. हालांकि, पटना के स्मार्ट सिटी बनने से इस संसदीय क्षेत्र के कई इलाकों में भी जमीन की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. ग्रामीण इलाके आज भी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए तरस रहे हैं. कई ग्रामीण इलाकों में सड़कें जर्जर हैं.
जलजमाव की परेशानी है, और गंदे पानी के निकासी की व्यवस्था नहीं है. दानापुर स्टेशन से बिहटा जाने वाली मुख्य सड़क की बायीं तरफ करीब एक किमी दूरी पर मीसा भारती के ससुराल वाले ग्रामीण इलाके जमालुद्दीन चक, मोहम्मदपुर, कुर्जी, नवरत्तरपुर जाने वाली मुख्य सड़कें खराब हैं. बारिश के दिनों में हालत ज्यादा खराब हो जाती है.
1. क्षेत्र में कहीं नरेंद्र मोदी की चर्चा तो कहीं लालू हैं फैक्टर
2. अंतिम चरण में 19 मई को होगा इस सीट पर चुनाव
संसदीय क्षेत्र की समस्याएं
लोगों ने बताया कि फुलवारीशरीफ के ग्रामीण इलाके में नहर की गाद की सफाई नहीं हाेने से समय पर पानी नहीं पहुंचता है. सिंचाई में परेशानी होती है. दानापुर के दियारा इलाका के लिए पक्का पुल नहीं बनना अाैर शहरी क्षेत्र में जल जमाव की समस्या है. वहीं मनेर में आर्सेनिक युक्त पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ है.
बिहटा में विभिन्न परियोजनाओं के लिए वर्ष 2007 में जमीन अधिग्रहण हुआ, लेकिन 2014 के नये भूमि अधिग्रहण कानून के तहत वहां के किसान मुआवजा चाहते हैं. इस मुद्दे पर किसानों का आंदोलन काफी समय से चल रहा है. बिक्रम विधानसभा में समय पर सिंचाई के लिए नहर से पर्याप्त पानी नहीं मिलता.
छह विस सीटें व 16.5 लाख मतदाता
इस संसदीय क्षेत्र में छह विधानसभा सीटें हैं. दानापुर, मनेर, फुलवारी (एससी), मसौढ़ी (एससी), पालीगंज और बिक्रम. पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र में करीब साढ़े सोलह लाख मतदाता हैं.
इसमें यादव करीब पांच लाख और भूमिहार करीब साढ़े चार लाख हैं. दानापुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और फुलवारी में जदयू के उम्मीदवारों का कब्जा है. वहीं मनेर, मसौढ़ी और पालीगंज में राजद व बिक्रम में कांग्रेस का कब्जा है.
एनडीए और महागठबंधन कर रहे जीत का दावा : एनडीए और महागठबंधन पक्ष के लोग जीत का दावा कर रहे हैं. पिछली बार डॉ मीसा भारती करीब इकतालीस हजार वोट से रामकृपाल यादव से हार गयी थीं. उस समय भाकपा माले को करीब पचास हजार वोट मिले थे. इस बार भाकपा माले ने राजद का समर्थन किया है. ऐसे में उसके पचास हजार वोट निर्णायक साबित हो सकते हैं.
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