पटना : चुनाव में सूखे पर हो चर्चा, आस लगाये हैं सूबे के किसान
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Apr 2019 6:12 AM
विज्ञापन
23 जिलों के 280 प्रखंड सूखाग्रस्त, डीजल अनुदान से सूखे से निबटने की होती रही कोशिश पटना : राज्य के 23 जिलाें के 280 प्रखंडों को राज्य सरकार ने सूखाग्रस्त घोषित किया है. हर साल उत्तर बिहार के लोग बाढ़ से, तो दक्षिण बिहार में रहने वाली आबादी सूखे से प्रभावित होती है. दोनों तरफ […]
विज्ञापन
23 जिलों के 280 प्रखंड सूखाग्रस्त, डीजल अनुदान से सूखे से निबटने की होती रही कोशिश
पटना : राज्य के 23 जिलाें के 280 प्रखंडों को राज्य सरकार ने सूखाग्रस्त घोषित किया है. हर साल उत्तर बिहार के लोग बाढ़ से, तो दक्षिण बिहार में रहने वाली आबादी सूखे से प्रभावित होती है. दोनों तरफ हर साल आपदाओं से जूझने वाले मतदाता चुनाव में यह उम्मीद बांधते हैं कि सत्ता संभालने की होड़ में शामिल लोग इस तरफ भी ध्यान देंगे.
इस बार लोकसभा चुनाव आया है और राज्य में सूखा का प्रभाव जारी है. लेकिन, किसी भी राजनीतिक दल द्वारा चुनाव में सूखे की चर्चा ही नहीं की जा रही है. इसका स्थायी समाधान नहीं निकला गया है. राज्य में डीजल अनुदान से ही सूखे का मुकाबला होता है.
बिहार की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था में 77 प्रतिशत वर्कफोर्स काम कर रहे हैं. खेती में ही 77 प्रतिशत लोगों को रोजगार मिलता है. कृषि का राज्य के घरेलू उत्पाद में 24.84 प्रतिशत योगदान है. कृषि विशेषज्ञों की मानें तो राज्य में शुद्ध कृषि योग्य भूमि 55 लाख 63 हजार हेक्टेयर हैं.
उसमें उपयोग की जाने वाली भूमि की क्षमता 26.70 लाख हेक्टेयर है. यानी आधी भूमि ही सिंचित है. राज्य अपनी कृषि योग्य भूमि का सौ फीसदी उपयोग भी नहीं कर पाता है. जितने क्षेत्र में कृषि होती है, उसके लिए भी डीजल अनुदान से ही किसान उत्पादन करने को विवश हैं.
राज्य में कृषि विभाग में 72 लाख 52 हजार 375 किसान निबंधित हैं. इसमें रबी फसल के दौरान 22 लाख 92 हजार 535 किसानों को डीजलका अनुदान दिया गया है. इसी तरह से सूखाग्रस्त प्रखंडों के लिए किसानों को खेती करने के लिए 16 लाख 29 हजार 782 किसानों को इनपुट सब्सिडी दी गयी है.
चल रही सरकारी कवायद
सरकार द्वारा खरीफ फसल के दौरान 19 लाख 38 हजार 207 किसानों को डीजल अनुदान दिया गया है. राज्य की गंभीर सूखे की स्थिति को देखते हुए सरकार ने सूखाग्रस्त किसानों से सहकारिता ऋण, राजस्व लगान एवं सेस, पटवन शुल्क एवं विद्युत शुल्क जो सीधे कृषि से संबंधित हो, की वसूली वर्ष 2018-19 के लिए स्थगित कर दी थी. साथ ही धान की रोपनी को बचाने के लिए कृषि विभाग द्वारा पांच पटवन के लिए डीजल अनुदान दिया था.
नहरों से भी अंतिम छोर तक सिंचाई उपलब्ध कराते हुए जलाशयों में सुलभ संचित जल से भी सिंचाई का प्रबंध कराने का निर्देश दिया गया था. चुनाव में अगर सूखे को लेकर राजनीतिक दलों की अगर चिंता और चर्चा होगी, तो इसका चुनाव के बाद परिणाम भी निकलेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










