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पटना : विवि-कॉलेजों में टीडीएस में गड़बड़ी

Updated at : 08 Mar 2019 8:46 AM (IST)
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पटना : विवि-कॉलेजों में टीडीएस में गड़बड़ी

आयकर ने कई कॉलेजों और विवि में किया सर्वे, जांच शुरू पटना : सरकारी कॉलेज और विश्वविद्यालय भी टैक्स या टीडीएस की गड़बड़ी करने में पीछे नहीं हैं. पिछले तीन दिनों के दौरान आयकर विभाग ने दो दर्जन से ज्यादा कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सर्वे किया है. इस दौरान टीडीएस में बड़े स्तर पर गड़बड़ी […]

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आयकर ने कई कॉलेजों और विवि में किया सर्वे, जांच शुरू
पटना : सरकारी कॉलेज और विश्वविद्यालय भी टैक्स या टीडीएस की गड़बड़ी करने में पीछे नहीं हैं. पिछले तीन दिनों के दौरान आयकर विभाग ने दो दर्जन से ज्यादा कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सर्वे किया है.
इस दौरान टीडीएस में बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आयी है. सबसे ज्यादा गड़बड़ी मगध विश्वविद्यालय और इससे जुड़े कॉलेजों में देखी गयी है. इसके बाद बीआरए बिहार विवि मुजफ्फरपुर, आरा के एसडी जैन कॉलेज, छपरा के कुछ कॉलेज, दरभंगा स्थित महाराजा कमेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय समेत अन्य संस्थानों में भी बड़ी गड़बड़ी पायी गयी है.
आयकर सूत्रों के मुताबिक पटना विश्वविद्यालय और इससे संबंधित कॉलेजों में कम गड़बड़ी मिली है. पटना के आसपास या अन्य जिलों में टीडीएस में सबसे ज्यादा गड़बड़ी पायी गयी है. आयकर विभाग इसकी जांच कर रहा है. कई संस्थानों को नोटिस भी दिया गया है और इस वर्ष से इसमें हर हाल में सुधार करने की हिदायत भी दी गयी है. विशेष रूप से शिक्षकों को एचआरए पर टीडीएस की कटौती करने का सख्त निर्देश दिया गया है.
दो तरह की गड़बड़ियां सबसे ज्यादा आयीं सामने
शिक्षण संस्थानों में जांच के दौरान दो तरह की गड़बड़ियां मुख्य रूप से सामने आयी हैं. इनमें शिक्षकों को प्रत्येक महीने मिलने वाले एचआरए (आवास भत्ता) पर टीडीएस की कटौती नहीं होती है. यह सिलसिला शुरू से ही चल रहा है. दरभंगा संस्कृत विवि में आज तक किसी शिक्षक के एचआरए में किसी तरह की कटौती ही नहीं गयी है. कुछ ऐसी ही स्थिति अन्य कई संस्थानों की भी है. इसके अलावा अतिथि शिक्षकों, ठेके से जुड़े कार्यों समेत अन्य कई मामलों में टीडीएस की कटौती होती ही नहीं है.
कुछ मामलों में कटौती की जाती है, तो इसे आयकर विभाग में जमा ही नहीं किया जाता है. इस तरह कई स्थानों पर टैक्स की गड़बड़ी बड़े स्तर पर की गयी है. ऐसे तमाम मामलों की जांच सख्ती से सभी संस्थानों में की जा रही है.
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