परबत्ता की बेटी ऋतु कुमारी बनी बिहार पुलिस की सिपाही, पिता ने पहनाई दीक्षांत कैप

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पिता ने पहनाई दीक्षांत कैप

Khagaria News: परबत्ता की बेटी ऋतु कुमारी ने बिहार पुलिस में सिपाही बनकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है. जमुई में आयोजित दीक्षांत समारोह में जब पिता ने अपनी बेटी को कैप पहनाई, तो यह भावुक पल हर किसी के लिए यादगार बन गया.

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परबत्ता (खगड़िया) से पलटु झा की रिपोर्ट

Khagaria News: जमुई स्थित बीएमपी-11 (बिहार सैन्य पुलिस) परिसर में आयोजित बिहार पुलिस दीक्षांत समारोह में परबत्ता निवासी संजय कुमार सिंह की पुत्री ऋतु कुमारी ने सफलतापूर्वक अपना पुलिस प्रशिक्षण पूरा कर एक नई उपलब्धि हासिल की. प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह में ऋतु कुमारी को सम्मानपूर्वक दीक्षांत कैप प्रदान की गई.

जब पिता ने बेटी को पहनाई कैप, भावुक हो उठा समारोह

दीक्षांत समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब ऋतु कुमारी के पिता संजय कुमार सिंह स्वयं मंच पर पहुंचे और अपनी पुत्री को दीक्षांत कैप पहनाकर उसका उत्साहवर्धन किया. पिता और बेटी के इस भावनात्मक पल ने समारोह में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.

इस अवसर पर परिवार के सदस्यों के चेहरे गर्व और खुशी से खिल उठे. समारोह में उपस्थित लोगों ने भी इस उपलब्धि पर ऋतु और उनके परिवार को बधाई दी.

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कठिन मेहनत और लगन से हासिल की सफलता

परिजनों ने बताया कि ऋतु कुमारी ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया है. उनकी सफलता युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है.

परिवार का कहना है कि ऋतु बचपन से ही पढ़ाई और अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर थीं. लगातार मेहनत और समर्पण के कारण उन्होंने बिहार पुलिस में सिपाही बनने का सपना साकार किया.

Khagaria News: परबत्ता में खुशी का माहौल, लोगों ने दी बधाई

ऋतु कुमारी की सफलता से परबत्ता क्षेत्र में खुशी का माहौल है. स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है. लोगों का कहना है कि यदि मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां भी बड़े मुकाम हासिल कर सकती हैं.

शुभचिंतकों, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों ने ऋतु कुमारी को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है. उनकी सफलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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