पटना : सुप्रीम कोर्ट में दलित व पिछड़ा वर्ग के जज नहीं होने से 13 प्वाइंट आरक्षण जैसे आदेश जारी होते हैं : रामविलास पासवान
Updated at : 06 Mar 2019 6:12 AM (IST)
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पटना : केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री रामविलास पासवान ने कहा िक सुप्रीम कोर्ट में दलित और पिछड़ा वर्ग के जज नहीं होने से 13 प्वाइंट आरक्षण जैसे आदेश जारी होते हैं. आइएएस और आइपीएस के तर्ज पर इंडियन जूडिशियरी सर्विस की भी परीक्षा होनी चाहिए और इसके आधार पर जजों की बहाली होनी […]
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पटना : केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री रामविलास पासवान ने कहा िक सुप्रीम कोर्ट में दलित और पिछड़ा वर्ग के जज नहीं होने से 13 प्वाइंट आरक्षण जैसे आदेश जारी होते हैं. आइएएस और आइपीएस के तर्ज पर इंडियन जूडिशियरी सर्विस की भी परीक्षा होनी चाहिए और इसके आधार पर जजों की बहाली होनी चाहिए.
उन्होंने यूनिवर्सिटी में 13 प्वाइंट रोस्टर आरक्षण प्रणाली के खिलाफ विपक्षी दलों के भारत बंद को आधारहीन मुद्दा बताया है. मंगलवार को प्रेस काॅन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर एक-दो दिनों में केंद्र सरकार अध्यादेश लायेगी. इसके बाद 13 प्वाइंट रोस्टर सिस्टम समाप्त हो जायेगा और फिर से पूरी यूनिवर्सिटी को एक यूनिट मानते हुए पहले वाला 200 प्वाइंट सिस्टम वाली आरक्षण प्रणाली लागू होगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले को लेकर पहले से ही चिंतित है.
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की तरफ से इस मुद्दे पर दायर रिव्यू पीटिशन को खारिज कर दिया है. इसके बाद से ही सरकार अध्यादेश लाने की तैयारी में जुट गयी है, लेकिन बीच में पुलवामा आतंकी हमला और जवाबी कार्रवाई होने की वजह से यह मामला कुछ समय के लिए टल गया. चुनावी आचार संहिता की घोषणा होने के पहले तक हर हाल में यह अध्यादेश आ जायेगा. मौजूदा एनडीए सरकार को सभी वर्गों की चिंता है.
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