पटना : मिड डे मील लाभुकों को मिलेगी राशि और अनाज, समय पर स्कूल खुलने और बंद होने की हकीकत जांचेंगे अफसर

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 Feb 2019 8:54 AM

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रसोइयों की हड़ताल के कारण 15 दिनों से नहीं मिल रहा है एमडीएम 60 लाख से ज्यादा बच्चों को नहीं मिल रहा है मध्याह्न भोजन पटना : रसोइयों की हड़ताल के कारण राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 60 लाख से ज्यादा बच्चों को पिछले पंद्रह दिनों से मध्याह्न भोजन नहीं मिल रहा है. […]

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रसोइयों की हड़ताल के कारण 15 दिनों से नहीं मिल रहा है एमडीएम
60 लाख से ज्यादा बच्चों को नहीं मिल रहा है मध्याह्न भोजन
पटना : रसोइयों की हड़ताल के कारण राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 60 लाख से ज्यादा बच्चों को पिछले पंद्रह दिनों से मध्याह्न भोजन नहीं मिल रहा है. ऐसे में मध्याह्न भोजन निदेशालय ने सभी लाभुकों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशि और अनाज देने का फैसला कर लिया है.
इसके मुताबिक महीने में पांच दिन मध्याह्न भोजन नहीं मिलने पर लाभुक बच्चों के खाते में राशि के अतिरिक्त सभी को अनाज भी उपलब्ध कराना होगा. निदेशालय ने राशि और अनाज पहुंचाने का फैसला किया है. वर्ग एक से पांच तक के छात्रों को प्रतिदिन के हिसाब से 4.35 रुपये और क्लास छह से आठ तक 6.51 रुपये मिलेंगे. वर्ग एक से पांच तक के छात्रों को 100 ग्राम और क्लास छह से आठ तक 150 ग्राम चावल रोज के हिसाब से दिया जायेगा. अगले महीने की 15 तारीख से राशि आैर अनाज दी जायेगी.
55% विद्यार्थियों को नहीं मिल रहा एमडीएम, कहीं-कहीं है वैकल्पिक व्यवस्था
रसोइयों की हड़ताल के कारण राज्य के 70130 स्कूलों में कुल 1.17 करोड़ बच्चों में से 55 फीसदी से ज्यादा को एमडीएम नहीं दिया जा रहा है. इंट्रैक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम यानी आइवीआरएस के आंकड़ों के अनुसार 8 फरवरी को स्कूलों में 75 फीसदी बच्चे उपस्थित हुए लेकिन इसमें से 45 फीसदी बच्चों को मध्याह्न भोजन किसी प्रकार मिल पाया था. कुछ जिलों के डीएम वैकल्पिक व्यवस्था अपनाते हुए खाना बनवा रहे हैं, लेकिन इससे अधिकतम 45 फीसदी बच्चों को ही भोजन मिला है. इस बीच शुक्रवार को ही सरकार के साथ रसोईया संघ की वार्ता तो हुई लेकिन उसका कोई परिणाम नहीं निकल पाया है.
हमने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बच्चों को राशि और अनाज देने का फैसला किया है. अगले माह की 15 तारीख से बच्चों के खाते में राशि ट्रांसफर की जायेगी. साथ ही अनाज स्कूलों में हाथोंहाथ दिये जायेंगे.
जिबेंद्र झा, उप निदेशक, मध्याह्न भोजन योजना, बिहार
पटना : समय पर स्कूल खुलने और बंद होने की हकीकत जांचेंगे अफसर
पटना : तय समय पर सरकारी स्कूलों के खुलने और बंद होने की हकीकत शिक्षा विभाग के अधिकारी जांचेंगे. शिक्षकों की लेटलतीफी पर भी नकेल कसा जा सकेगा.
इसके लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की जिम्मेदारी तय की गयी है. इन अधिकारियों को हर माह माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों की मॉनीटरिंग करनी है. जिला शिक्षा पदाधिकारी हर माह कम से कम तीन माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों की मॉनीटरिंग करेंगे.
इसी तरह सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कम से कम चार विद्यालय, सभी कार्यक्रम पदाधिकारी कम से कम पांच विद्यालय और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कम से कम पांच विद्यालय की मॉनीटरिंग करेंगे. हर बुधवार व गुरुवार को स्कूलों का निरीक्षण भी किया जायेगा. स्कूल समय से पहले बंद मिला तो कार्रवाई होगी.
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