पटना : कंप्यूटर से हो विवि का सारा काम-काज

Updated at : 27 Dec 2018 9:23 AM (IST)
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पटना : कंप्यूटर से हो विवि का सारा काम-काज

आगामी सत्र से सभी विश्वविद्यालयों को राज्यपाल ने दिया निर्देश पटना : राज्यपाल लालजी टंडन ने सभी विश्वविद्यालयों को सख्त निर्देश दिया है कि वे आगामी शैक्षणिक सत्र से हाजिरी, नामांकन से लेकर अन्य सभी कामकाज को पूर्ण रूप से कंप्यूटरकृत कर दें. राज्यपाल सचिवालय की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि […]

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आगामी सत्र से सभी विश्वविद्यालयों को राज्यपाल ने दिया निर्देश
पटना : राज्यपाल लालजी टंडन ने सभी विश्वविद्यालयों को सख्त निर्देश दिया है कि वे आगामी शैक्षणिक सत्र से हाजिरी, नामांकन से लेकर अन्य सभी कामकाज को पूर्ण रूप से कंप्यूटरकृत कर दें. राज्यपाल सचिवालय की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि विश्वविद्यालय में डिजिटाईजेशन की प्रक्रिया को कुछ चरणों में करते हुए इसे आगामी शैक्षणिक सत्र में पूर्ण करने के लिए कहा गया है. इसके लिए अनिवार्य रूप से यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (यूएमआइएस) को लागू करने के लिए कहा गया है.
इससे उच्च शिक्षा की गतिविधियों में तकनीकी सुविधाएं बढ़ेगी और क्रिया-कलापों में पूरी तरह पारदर्शिता भी आयेगी. यूएमआइएस को लागू करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों को कहा गया है कि वे 15 जनवरी 2019 तक इसका काम करने के लिए एजेंसी का निर्धारण हर हाल में कर लें. यूएमआइएस के पहले चरण में स्टूडेंट लाइफ साइकिल की शुरुआत की जाये. ताकि छात्रों को इससे तमाम कार्य सुचारु ढंग से करने में सहूलियत हो, मसलन छात्रों का नामांकन, प्रवेश, निबंधन, उपस्थिति, आंतरिक मूल्यांकन, परीक्षा से जुड़े कार्य इससे हो सकेंगे.
यूएमआइएस से होंगे ये फायदे
– अलग-अलग विश्वविद्यालयों में अलग कार्य एजेंसी होने के बावजूद, गुणवत्ता में एकरूप उत्कृष्टा होनी चाहिए. सभी विश्वविद्यालयों को अपनी एजेंसी के जरिये राजभवन और शिक्षा भवन को डैसबोर्ड या इससे संबंधित लिंक की सुविधा भी उपलब्ध करानी होगी. ताकि विश्वविद्यालयों के विभिन्न आंकड़ों और सूचनाओं की जानकारी सीधे इन दोनों स्थानों से प्राप्त की जा सके.
– यूएमआइएस की यह व्यवस्था छात्रों के अलावा मानव विकास प्रबंधन सिस्टम के तहत शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों की पूरी प्रोफाइल उनके सेवा इतिहास समेत तमाम जानकारियों का भी डिजिटाईजेशन कराया जायेगा. ताकि सभी स्तर के कर्मियों का प्रोफाइल भी पूरी तरह अपडेट रहे और किन्ही के सेवानिवृत्त होने पर तुरंत सभी सुविधाएं मिल सकें.
– विश्वविद्यालयों को रूसा, राज्य सरकार समेत अन्य स्थानों से मिलने वाले तमाम फंड या अनुदान का हिसाब भी ऑनलाइन रहेगा. साथ ही इनके खर्च का पूरा हिसाब से संबंधित उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी आसानी से जारी हो सकेगा.
छात्रावास आवंटन और यहां रहने वाले छात्रों की पूरी सूची समेत तमाम प्रबंधन इसके जरिये हो सकेंगे.
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