पटना : अपने प्रश्न का जवाब भी नहीं सुनना चाहते विपक्षी सदस्य : श्रवण
Updated at : 29 Nov 2018 7:56 AM (IST)
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पटना : संसदीय कार्य सह ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि विपक्षी सदस्य अपने पूछे गये प्रश्न का जवाब भी नहीं सुनना चाहते हैं.वे जिन मांगों को लेकर हंगामा कर रहे हैं, उससे संबंधित प्रश्न भी इन्होंने अल्पसूचित और तारांकित प्रश्नों की श्रंृखला में शामिल करके पूछ रखा है, जिसका उत्तर सरकार देने […]
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पटना : संसदीय कार्य सह ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि विपक्षी सदस्य अपने पूछे गये प्रश्न का जवाब भी नहीं सुनना चाहते हैं.वे जिन मांगों को लेकर हंगामा कर रहे हैं, उससे संबंधित प्रश्न भी इन्होंने अल्पसूचित और तारांकित प्रश्नों की श्रंृखला में शामिल करके पूछ रखा है, जिसका उत्तर सरकार देने को पूरी तरह से तैयार है. बावजूद इनका उत्तर सुनने के ये लोग बेवजह का हंगामा कर रहे हैं. विधानसभा स्थित अपने कक्ष में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग से जुड़े शेल्टर होम से संबंधित अल्पसूचित प्रश्न राजद की विधायक ऐज्या यादव ने पूछा है.
यह प्रश्न दूसरे नंबर पर ही है. सरकार इसका जवाब देने को पूरी तरह से तैयार थी. इसमें इनकी तमाम शिकायतें और समस्याएं दूर हो जातीं. जिस मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड मामले पर विपक्ष लगातार विशेष चर्चा कराने की मांग कर रहा है, उसका विस्तृत उत्तर इस दौरान हो जाता.
परंतु इन्होंने प्रश्नकाल ही चलने नहीं दिया. इससे इस तरह के सभी बेहद महत्वपूर्ण प्रश्न बिना उत्तर हुए ही छूट जाते हैं. उन्होंने कहा कि अन्य प्रश्नों में सामाजिक-आर्थिक जनगणना, राशन-केराेसिन की समस्या जैसे बेहद ही महत्वपूर्ण सवाल मौजूद थे. इन सभी का भी जवाब नहीं हो पाया. इससे जनता को नुकसान हो रहा है.
उन्होंने विपक्षियों पर हमला करते हुए कहा कि इनका मकसद सिर्फ हंगामा खड़ा करना है. न उत्तर जानने की मंशा है और न ही जनता की किसी समस्या के समाधान से ही उन्हें कोई लेना-देना है. विपक्षी दल सिर्फ इस बात का दिखावा करता है कि वे बिहार की जनता के लिए बेहद चिंतित हैं. लेकिन हकीकत इससे इतर है.
सीएम से जुड़े विभागों के प्रश्नों को हटाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि किन प्रश्नों का चयन होना है, यह विधानसभा तय करती है. कौन सवाल पूछा जायेगा, कौन सवाल किस वर्ग से शामिल होगा, इसका नियम-कायदा तय है. इसके जरिये ही वर्गवार सवालों का चयन होता है.
पटना : विधानसभा ने बुधवार को विपक्ष के हंगामे, शोर-शराबा और नारेबाजी के बीच औद्योगिक विवाद ( बिहार संशोधन) विधेयक 2018 को ध्वनिमत से पारित कर दिया. इस विधेयक के जरिये अब विक्रय प्रतिनिधि भी कर्मकार की श्रेणी में शामिल हो गये.
सोमवार को ही विधेयक सदन के पटल पर रखा गया था. बुधवार को भोजनावकाश के बाद जैसे सदन की कार्यवाही शुरू हुई विपक्ष सुबह की ही तरह लालू प्रसाद को लेकर सदन में हंगामा करने लगा. कांग्रेस के रामदेव राय ने कहा कि गरीबों के सर्वमान्य नेता लालू प्रसाद को साजिश के तहत जेल में रखा गया है. वे जब बोल रहे थे तो पूरा विपक्ष बेल में आ गया और सरकार विरोधी नारे लगाने लगा. सदस्य ताली भी पीट रहे थे और रिपोर्टर्स टेबुल को ठोक रहे थे. अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने सदस्यों को ऐसा करने से रोका लेकिन विपक्ष पर आसन के अनुरोध का कोई असर नहीं हुआ. इस बीच संसदीय कार्यमंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि विपक्ष सदन चलाने का इच्छुक नहीं है. वे सिर्फ पॉलिटिकल माइलेज लेना चाहते हैं. सरकार हर तरह की चर्चा को तैयार है.
इस बीच विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार चर्चा से भाग रही है. विपक्षी बेल में पोस्टर भी लहरा रहे थे. आसन ने कई बार सदस्यों से सीट पर जाने की अपील की. लेकिन अपील का कोई असर होता न देख सदन की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गयी.
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