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पार्टी के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा, दिलों को जोड़ने का काम करती है कांग्रेस

Updated at : 26 Nov 2018 5:41 AM (IST)
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पार्टी के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा, दिलों को जोड़ने का काम करती है कांग्रेस

पटना : कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा है कि देश एवं अवाम के विकास के लिए जो लोग सोच रखते हैं, उनका कांग्रेस में स्वागत है. कांग्रेस आम अवाम के बीच लोगों के दिलों को जोड़ने का काम करती है. इस पार्टी का इतिहास त्याग एवं बलिदान का है. भारत अनेकता […]

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पटना : कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा है कि देश एवं अवाम के विकास के लिए जो लोग सोच रखते हैं, उनका कांग्रेस में स्वागत है. कांग्रेस आम अवाम के बीच लोगों के दिलों को जोड़ने का काम करती है.
इस पार्टी का इतिहास त्याग एवं बलिदान का है. भारत अनेकता में एकता का देश है. लेकिन, आज इसके धर्मनिरपेक्ष चरित्र पर ही आक्रमण हो रहा है. वे रविवार को सदाकत आश्रम में पटना के चिकित्सक डाॅ हसनैन कैशर के मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर डाॅ कैशर अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गये.
गोहिल ने कांग्रेस में शामिल होने वाले लोगों से देश के संविधान एवं लोकतंत्र को बचाने का आह्वान किया एवं तीन फरवरी को गांधी मैदान में राहुल गांधी की होने वाली रैली में बड़ी संख्या में आने का आह्वान किया. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ मदन मोहन झा ने डाॅ कैशर का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो देश में लोकतांत्रिक पद्धति से देश के संविधान के तहत इसका सर्वांगीण विकास कर सकती है.
प्रदेश कांग्रेस अभियान समिति के अध्यक्ष डाॅ अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि डाॅ कैशर पार्टी की मजबूती के लिए काम करेंगे. पूर्व केंद्रीय मंत्री डाॅ शकील अहमद ने कहा कि युवाओं का झुकाव कांग्रेस में बड़ी तेजी से हो रहा है.
पटना : अतिपिछड़ों को खुश करने में कांग्रेस भी जुटी
पटना : सूबे में अन्य दलों की तरह अब कांग्रेस भी पिछड़ों और अतिपिछड़ों को खुश करने में जुट गयी है. पार्टी ने यह कवायद तब शुरू की है, जब उस पर अगड़ों के पक्षधर होने का सवाल पार्टी के अंदर से उठने लगा था. पार्टी अब इस मुद्दे पर डैमेज-कंट्रोल करने में जुट गयी है.
पार्टी के कुछ पिछड़े और अतिपिछड़े नेता अपनी नाराजगी का इजहार पार्टी आलाकमान के समक्ष कर चुके हैं. हाल के महीनों में कांग्रेस अपने परंपरागत वोट पर मेहरबान हुई थी. अगड़ी जाति के दो नेताओं को राज्यसभा और विधान परिषद भेजा गया था. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और चुनाव अभियान समिति की कमान अगड़े नेताओं को दी गयी.
अगड़ी जाति के दो नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया. कांग्रेस जब नीतीश सरकार में शामिल थी तो मंत्रिमंडल में भी अगड़ों को तरजीह दी गयी थी. उस समय विधानमंडल दल का नेता होने के बाद भी सदानंद सिंह को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली थी.
बताया जाता है कि डैमेज-कंट्रोल की कवायद की कड़ी में भागलपुर का प्रमंडलीय सम्मेलन कहलगांव में आयोजित किया गया. पार्टी के बड़े नेता सदानंद सिंह कहलगांव से विधायक हैं. सम्मेलन में सदानंद सिंह के बेटे की राजनीतिक ताजपोशी भी हुई. बताया जाता है कि सदानंद सिंह तो इस सम्मेलन के मुख्य चेहरा तो थे ही उनके बाद चंदन यादव को तरजीह मिली.
डाॅ कैशर ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे कांग्रेस में काम करने का मौका मिलेगा. कार्यक्रम को बीरेन्द्र सिह राठौर, राजेश लिलौटिया, अनिल कुमार शर्मा और प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अमिता भूशण ने भी संबोधित किया. समारोह में शामिल होने आये युवाओं ने तालियों की जगह सीटियां बजाई. युवाओं ने एक बाइकर्स गैंग का नारा भी लगाया.
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