पटना : दरवाजे की ओर टुकुर-टुकुर ताक रहे दीपक के माता-पिता, आस में पथरा गयीं आंखें
Updated at : 20 Nov 2018 9:05 AM (IST)
विज्ञापन

अनुराग प्रधान पटना : ‘दीपक’ के घर में अंधेरा-सा छाया है, लेकिन उसके माता-पिता की आस टूटी नहीं है. उनकी दरवाजे की ओर टुकुर-टुकुर ताकती निगाहों में अब भी उम्मीद है, कि वह लौटेगा. उन्हें उम्मीद है कि संभव है कि बेटा गिरा ही न हो. वहीं अपने भाई की जुदाई में तीनों बहनें बेहद […]
विज्ञापन
अनुराग प्रधान
पटना : ‘दीपक’ के घर में अंधेरा-सा छाया है, लेकिन उसके माता-पिता की आस टूटी नहीं है. उनकी दरवाजे की ओर टुकुर-टुकुर ताकती निगाहों में अब भी उम्मीद है, कि वह लौटेगा. उन्हें उम्मीद है कि संभव है कि बेटा गिरा ही न हो. वहीं अपने भाई की जुदाई में तीनों बहनें बेहद निराश हैं.
उनकी आंखों से आंसू नहीं सूख रहे हैं. रेस्क्यू टीम की खोज जारी है, उसके बारे में वे अक्सर दूसरों से पूछते हैं. पिता को तो काठ मार चुका है, लेकिन मां एकदम बदहवास है. दीपक की फोटो हाथ में लिये रहती है. आंखें पथरा-सी गयी हैं. माता-पिता के साथ स्थानीय लोगों की भी सांसें अटकी हुई हैं. दीपक के लिए सभी लोग दुआ भी कर रहे हैं. स्थानीय लोगों से लेकर परिवार और दूर के सगे-संबंधी घर आ-जा रहे हैं. लोग दुआएं कर रहे हैं. माता-पिता बार-बार अपना आपा खो देते हैं. लोगों द्वारा मिले दिलासे पर थोड़ा संभलते हैं.
दीपक के पिता गुड्डू राम कहते हैं कि उन्होंने उसे 10 रुपये दिये थे, चॉकलेट खाने को, पता नहीं मेरा बेटा खाया होगा या नहीं. लौटते वक्त उसे 1100 रुपये भी देकर कहा था कि मां को दे देना और हां, बेटा संप हाउस होकर मत जाना. उधर रास्ता ठीक नहीं है. दीपक के पिता के इतना बोलते-बोलते जुबान लड़खड़ा जाती है.
दीपक की बड़ी बहन शोभा किसी तरह संभाल रही दो छोटी बहनों को : रामकली देवी की दोनों छोटी बेटियां सोनाक्षी और सुरभि को घर का माहौल समझ में नहीं आ रहा है. वह मां का मुंह देखती हैं. मां को रोते देख दोनों बेटियां भी रोने लगती हैं. परिवार वाले किसी तरह चुप कराते हैं. सबसे बड़ी बेटी शोभा का रो-रोकर बुरा हाल है.
बहन कहती है कि मैं उसे अपने साथ स्कूल ले जाती थी. इतना कहते-कहते वह भी रोने लगती है. किसी तरह वह रो-रो कर अपनी दोनों छोटी बहनों को संभालती है. गुड्डू दुल्हिन बाजार के उलार (सूर्य मंदिर) के निकट अलीपुर गांव का रहनेवाला है. यहां पुनाईचक के मोहनपुर में 23 कोठी में किराये के एक घर में पूरे परिवार के साथ रहता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




