पटना : 15 साल तक राज करने वालों के शासनकाल में नहीं खुला कोई शैक्षणिक संस्थान : सुशील मोदी
Updated at : 12 Nov 2018 8:14 AM (IST)
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पटना : शिक्षा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में जिन लोगों ने 15 साल तक शासन किया, उन्होंने एक भी शैक्षणिक संस्थान नहीं खोला. बल्कि जो भी संस्थान चल रहे थे, वह भी बंद होने की कगार पर आ गये. उनकी गठबंधन की सरकार जब सत्ता में […]
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पटना : शिक्षा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में जिन लोगों ने 15 साल तक शासन किया, उन्होंने एक भी शैक्षणिक संस्थान नहीं खोला.
बल्कि जो भी संस्थान चल रहे थे, वह भी बंद होने की कगार पर आ गये. उनकी गठबंधन की सरकार जब सत्ता में आयी, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मोतिहारी, गया और दरभंगा में बंद पड़े इंजीनियरिंग कॉलेज को 2008 में शुरू किया. इसके अलावा पावापुरी और बेतिया में मेडिकल कॉलेज खोले गये. 13 नये मेडिकल कॉलेजों को खोलने की कवायद चल रही है.
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने चरवाहा विद्यालय खोला था, वह भी बंद हो गया. बीआईटी मेसरा की शाखा यहां सिर्फ इसलिए स्थापित नहीं हो पायी थी कि इसका भवन कौन बनायेगा. उनकी सरकार ने आते ही इसके लिए पैसे जारी किये और भवन तैयार करवाया. उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष औसतन 35 हजार करोड़ राज्य सरकार शिक्षा पर खर्च कर रही है. प्रति वर्ष 12-13 लाख छात्रों को साइकिल दी जा रही है. इस बार स्नातक पास करने वाली एक लाख 20 हजार लड़कियों को 25-25 हजार रुपये दिये जायेंगे.
शिक्षा मंत्री ने कहा : शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने कहा कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े काम हुए हैं. बेहतरीन योजनाओं के कारण शिक्षा में क्रांति आयी है. शिक्षा पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक मानस बिहारी वर्मा ने कहा कि शिक्षा और ज्ञान का विकास आगे बढ़ने के लिए बेहद जरूरी है. ज्ञान पथ को प्रदर्शित करता है. मानव सभ्यता के विकास में इसकी भूमिका अहम है. तेजस, अरिहंत समेत अन्य लड़ाकू विमान ज्ञान की ही देन हैं.
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