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पटना पुलिस लाइन में तोड़फोड़, फायरिंग, एसपी का सिर फोड़ा, बीमार महिला सिपाही की मौत के बाद पुलिसकर्मियों का बवाल

Updated at : 03 Nov 2018 3:25 AM (IST)
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पटना पुलिस लाइन में तोड़फोड़, फायरिंग, एसपी का सिर फोड़ा, बीमार महिला सिपाही की मौत के बाद पुलिसकर्मियों का बवाल

पटना : लोदीपुर स्थित पुलिस लाइन में बीमार चल रही साथी सविता पाठक की बीमारी से मौत हो जाने के बाद ट्रेनी महिला एवं पुलिस कर्मियों ने जमकर उत्पात मचाया. इनका आरोप था कि सविता को बीमार होने के बाद भी उसे अवकाश नहीं दिया गया जिसके चलते उसकी मौत हो गयी. शुक्रवार की सुबह […]

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पटना : लोदीपुर स्थित पुलिस लाइन में बीमार चल रही साथी सविता पाठक की बीमारी से मौत हो जाने के बाद ट्रेनी महिला एवं पुलिस कर्मियों ने जमकर उत्पात मचाया. इनका आरोप था कि सविता को बीमार होने के बाद भी उसे अवकाश नहीं दिया गया जिसके चलते उसकी मौत हो गयी. शुक्रवार की सुबह से शुरू हुए इस उपद्रव में ग्रामीण एसपी,सिटी एसपी समेत कई अफसरों पर हमला किया गया.
ग्रामीण एसपी और कई थानों के थानेदार लहूलुहान हो गये. करीब तीन घंटे तक इन पुलिसकर्मियों ने पुलिस लाइन पर कब्जा कर रखा था. करीब दस राउंड हवाई फायरिग भी की गयी. महिला सिपाही सीवान की रहनेवाली थी. अघोषित तौर पर यह विद्रोह की स्थिति थी.
उत्पात सुबह साढ़े नौ बजे के बाद शुरू हुआ. महिला पुलिस कर्मी सविता की मौत की एक स्थानीय अस्पताल में हुई. उसका इलाज चल रहा है. जानकारों के मुताबिक शुरुआती दौर में डेंगू होने की बात कही गयी थी,लेकिन पिछले दिनों उसे टाइफाइड हो गया. उसे पेट में तेज दर्द भी हुआ. इसके बाद वह मर गयी.
उसके मरने की जैसे ही खबर ट्रेनी महिला पुलिस कर्मियों और साथी पुरुष कर्मियों को मिली, वे आपा खो बैठे. जानकारों का कहना है कि उसने अवकाश के लिए अावेदन भी दिया था,लेकिन उसे अवकाश नहीं दिया गया. मामले को शांत कराने उपद्रव कर लोगों के गुस्से को नियंत्रित करने पुलिसकर्मियों ने करीब दस राउंड हवाई फायर भी किये गये.
साथी सिपाही की मौत की सूचना मिलते ही शुक्रवार को साढ़े नौ बजे सुबह में पुलिस लाइन से लेकर सड़क पर जमकर उपद्रव मचाया. इस दौरान सिपाहियों ने सबसे पहले पुलिस लाइन के मेजर मसेलउद्दीन व उनके चार बॉडीगार्ड की लाठी-डंडों से जम कर पिटाई कर उसे लहूलुहान कर दिया. इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उनके सरकारी आवास में भी घुस कर तोड़-फोड़ की.
परिजनों को भी पीटा गया. पुलिस लाइन कैंपस में लगी तमाम गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया. पुलिस लाइन के तमाम कार्यालय कक्ष में तोड़ फोड़ की गयी. हंगामे की खबर मिलने पर ग्रामीण एसपी आनंद कुमार व सिटी एसपी मध्य अमरकेश डी दल-बल के साथ पहुंचे. ग्रामीण एसपी व सिटी एसपी पर हमला कर दिया. इसमें ग्रामीण एसपी का सिर फट गया है.
इसी बीच कई थानों के थानाध्यक्ष व पुलिसकर्मी को भी पीट कर घायल कर दिया गया. उपद्रव कर रहे पुलिस कर्मियों ने एसएसपी मनु महाराज पहुंचे और उन्हें भी अंदर आने से रोका गया और जैसे ही वे गेट पर पहुंचे तो अंदर से पथराव किया गया.
हालांकि काफी संख्या में सशस्त्र बल लेकर एसएसपी मनु महाराज एवं बीएमपी सशस्त्र बल एआईजी अरविंद ठाकुर ने पुलिस लाइन में प्रवेश किया. एसएसपी मनु ने कहा कि पूरे मामले की जांच करायी जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच के बाद जिनकी भी संलिप्तता पायी जायेगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
ग्रामीण एसपी व सिटी एसपी पर हमला
कई पुलिस अफसर हुए लहूलुहान
फायरिंग के बाद भी शांत नहीं हुआ उपद्रव
उपद्रवी पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई, आईजी करेंगे जांच
पटना. पुलिस लाइन पटना में महिला कांस्टेबल की बीमारी से मौत के बाद तोड़फोड़, पुलिस अधिकारियों से अभद्रता और बवाल करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी. पुलिस मुख्यालय का मानना है कि किसी के उकसावे के कारण पुलिस कर्मियों ने कानून अपने हाथ में लिया. डीपीसी की बैठक में भाग लेने दिल्ली गये डीजीपी केएस द्विवेदी ने एडीजी मुख्यालय को फोन पर ही जांच और कार्रवाई के निर्देश दिये हैं.
एडीजी मुख्यालय एसके सिंघल ने बताया कि ट्रेनी महिला सविता पाठक ने तीन माह पहले ही पुलिस ज्वाइन की थी. उसकी कभी -कभी ट्रैफिक में ड्यूटी लग रही थी. बीमारी के कारण उसकी मौत हो गयी. साथी की मौत के बाद ट्रेनी पुलिस कर्मियों में आक्रोश फैल गया. उन्होंने पुलिस के पदाधिकारियों से मारपीट की. सरकारी संपत्ति की तोड़फोड़ की. मामले की जांच जोनल आईजी पटना को सौंपी गयी है. वह चार दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे.
इंसेट–
इन बिन्दुओं पर केन्‍द्र‍ित होगी जांच
– पुलिस कर्मियों को किसने उकसाया कि वह शिकायत की जगह कानून हाथ में ले लिया
– पुलिस लाइन अस्पताल में ट्रेनी महिला के इलाज में कोई लापरवाही तो नहीं बरती गयी,
– पुलिस लाइन के पदाधिकारियों ने क्या- क्या लापरवाही बरती जिससे आक्रोश पनपा
– बवाल करने वाले कौन- कौन पुलिस कर्मी थे, उनके खिलाफ क्या- कार्रवाई बनती है
सीएम ने तलब की रिपोर्ट
पटना. पुलिस लाइन पटना में ट्रेनी महिला सिपाही की बीमारी से मौत के बाद सिपाहियों द्वारा किये गये बवाल को लेकर मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की है. सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जैसे ही घटना की जानकारी हुई उन्होंने प्रधान सचिव गृह आमिर सुबहानी और पुलिस महानिदेशक केएस द्विवेदी को तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिये. सीएम ने विस्तृत ब्योरे के साथ यह जानकारी भी मांगी है कि घटना के आरोपी पुलिस कर्मियों पर क्या कार्रवाई की जा रही है. ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए कदम उठाने को भी कहा है.
चार घंटे अराजकता की चपेट में पुलिस लाइन इलाका
पटना : महिला सिपाही सविता पाठक की मौत की सूचना साढ़े आठ बजे पुलिसकर्मियों को हो गयी थी. इसके बाद आक्रोशित पुलिसकर्मी काफी संख्या में पुलिस लाइन के मैदान में जमा हो गये. इसी बीच साढ़े नौ बजे सविता का शव पुलिस लाइन लाया गया. उसके शव को देखते ही पुलिसकर्मियों ने उपद्रव मचाना शुरू कर दिया. पहले पुलिस लाइन में और फिर सड़क पर उपद्रव किया तो तमाम दुकानें बंद हो गयी.
पुलिस लाइन के अंदर पुराने सिपाहियों से भी मारपीट की गयी
एसपी, डीएसपी, थानाध्यक्ष के साथ मारपीट करने के कारण पुलिस लाइन के अंदर रणक्षेत्र का माहौल हो गया. इसके बाद सड़कों पर भी भगदड़ की स्थिति हो गयी और पटना-दानापुर मार्ग पर भीषण जाम लग गया. लोदीपुर चौराहा से लेकर बुद्धा कॉलोनी थाना मोड़ तक वाहनों की लंबी लाइन लग गयी. इसके साथ ही पुलिस लाइन से लेकर तारा नर्सिंग होम और पुलिस लाइन से लेकर फायर ब्रिगेड कार्यालय तक हंगामा और पथराव होता रहा. इस कारण इन सड़कों पर वाहनों का परिचालन बंद हो गया.
सारे सिस्टम को अपने कब्जे में ले रखा था
आक्रोशित सिपाहियाें ने तीन घंटे तक पुलिस लाइन के सारे सिस्टम को अपने कब्जे में ले लिया. पुलिस का कोई भी आलाधिकारी अंदर प्रवेश नहीं कर सका. लाइन के अंदर गाड़ी, कार्यालय से लेकर अन्य साजो-सामान को तहस-नहस कर दिया. पुलिस लाइन में हो रहा उपद्रव करीब एक बजे दिन में शांत हुआ. इस दौरान रह-रह कर पथराव होता रहा और अफरातफरी मची रही.
,पुलिसकर्मी पुलिस लाइन से बाहर आकर उपद्रव मचा रहे थे, ऐसे में उनकी स्थानीय लोगों से भी भिड़ंत हो गयी. स्थानीय लोगों के कड़े प्रतिरोध के चलते इन लोगों को वापस पुलिस लाइन लौटना पड़ा. हालात ऐसे थे कि जैसे ही कोई पुलिस अधिकारी अंदर जाता तो उन पर हमला कर दिया जाता. अंत में बीएमपी को बुलाना पड़ा. इस घटना में एक अनुमान के तहत करोड़ों की संपत्ति नष्ट की गयी है.
सीसीटीवी में उपद्रवी सिपाहियों की तस्वीर
मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरा को तोड़ दिया गया. उसका डीवीआर भी ले जाने की फिराक में थे, लेकिन तब तक मंदिर को नुकसान पहुंचाने की खबर आग की तरह फैल गयी और काफी संख्या में लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया. इसके बाद दोनों ओर से जम कर पथराव हुआ. इसमें कुछ लोग घायल हो गये. इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने फायरिंग भी की. हालांकि पुलिस को पीछे हटना पड़ा. फिर लोगों ने डीवीआर को अपने कब्जे में ले लिया और उसमें से वीडियो फुटेज निकाला गया.
इसमें यह स्पष्ट दिख रहा है कि एक सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी सीसीटीवी कैमरे को तोड़ने का इशारा कर रहा है. इसके अलावा उसके साथ कई अन्य पुलिसकर्मी भी हैं. वह वीडियो फुटेज अब पुलिस के आलाधिकारियों के पास पहुंच गया है और उनकी पहचान की जा रही है.
अलग-अलग बयान पर चार प्राथमिकी दर्ज
हंगामा मामले में चार प्राथमिकी दर्ज की गयी है. एक प्राथमिकी डीएसपी मसेलउद्दीन के बयान पर, दूसरी बुद्धा कॉलोनी पुलिस के बयान पर, तीसरी घायल स्थानीय लोगों के बयान पर और चौथी घायल पुलिसकर्मियों के बयान पर दर्ज की गयी है. इसमें 100 से अधिक नामजद बनाये गये हैं. इसमें 30 महिला पुलिस व 70 से अधिक पुरुष पुलिसकर्मी को आरोपित बनाया गया है. कुछ को हिरासत में लिया गया है.
साथियों ने कहा, छुट्टी नहीं मिली इसलिए हो गयी मौत
आक्रोशित पुलिसकर्मियों का आरोप था कि महिला सिपाही की तबीयत खराब थी. उसे पिछले माह डेंगू हुआ था. तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं हुई थी. इसी बीच उसे टाइफाइड हो गया था और 31 अक्टूबर की रात से उसे पेट दर्द था. कुछ दिन पहले कारगिल चौक पर सविता की ड्यूटी लगी थी. इसी दौरान उसकी तबीयत खराब हो गयी. लेकिन छुट्टी लेने जब वह यातायात थाना गयी, तो उसे महज तीन दिन की छुट्टी मिल सकी. इतने कम समय में वह सही से इलाज नहीं करा सकी. इस कारण उसकी मौत हो गयी.
सीवान की रहने वाली है सविता
सविता पाठक मूल रूप से सीवान जिले के आंदर थाने की हुजहुजीपुर की रहने वाली है. ट्रेनी सिपाही के रूप में एक हजार पुलिसकर्मियों ने पुलिस लाइन में 20 सितंबर को ज्वाइन किया था. बीमारी के कारण उसका भाई बाल्मिकी पाठक भी पटना में ही था. बाल्मिकी ने भी आरोप लगाया कि उसकी बहन की तबीयत खराब थी और उसे छुट्टी नहीं मिली, जिसके कारण वह इलाज सही से नहीं करा पायी और उसकी मौत हो गयी. पुलिसकर्मियों ने 25 लाख रुपया मुआवजा व सविता के भाई को नौकरी देने की मांग की है.
जोनल आईजी भी पहुंचे पुलिस लाइन
जोनल आईजी नैय्यर हसनैन खां भी शुक्रवार की शाम पुलिस लाइन पहुंचे. वहां उन्होंने एसएसपी के साथ बैठक की और तमाम जानकारी ली. आईजी ने इस मामले में एसएसपी को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. इधर, पटना पुलिस लाइन का प्रभार डीएसपी आर के झा को मिल गया है.
डीएसपी की पत्नी और बेटी को भी पीटा
गुस्साये सिपाही डीएसपी के घर के अंदर पहुंचे तो मसेलउद्दीन सिविल ड्रेस पहन कर निकलने का प्रयास करने लगे. इसी बीच सिपाही उनके घर के गेट पर पहुंच गये और उनकी पत्नी अंजुम आरा व बेटी से भी मारपीट की.
किसी तरह बचे डीएसपी मसेलउद्दीन
डीएसपी मसेलउद्दीन के साथ उनके कार्यालय कक्ष में मारपीट हुई. किसी तरह से जान बचा कर वह पुलिस लाइन से सटे अपने सरकारी कार्यालय में पहुंचे. लेकिन पुलिसकर्मी वहां पहुंच गये वहां रखी गाड़ियों को तोड़ने लगे.
और बड़ा हो सकता था उपद्रव
खास बात यह है कि सुबह के समय पुलिसकर्मियों के हथियार जमा करा लिये जाते हैं. इसलिए उपद्रवी पुलिसकर्मियों के पास कोई हथियार नहीं थे. उपद्रव होते ही हथियार रखे कमरे को बंद कर वहां का गार्ड धीरे से निकल गया. अगर इन तमाम सिपाहियों के पास हथियार होते, तो तो उपद्रव और बड़ा हो सकता था.
अफसर करते हैं प्रताड़ित
पुलिसकर्मियों का यह भी आरोप है कि उन्हें अफसर प्रताड़ित करते हैं. छुट्टी नहीं दी जाती है. बीमार होने पर भी जबरन ड्यूटी करायी जाती है. उनसे भूखे पेट काम कराया जाता है और जो इसका विरोध करता, उसे ट्रैफिक ड्यूटी दे दी जाती है. उनका यह भी आरोप है कि ट्रेनिंग सही ढंग से नहीं करायी जाती है.
ग्रामीण एसपी के बॉडीगार्ड ने हवाई फायरिंग कर बचायी जान
पुलिस लाइन की हालत ऐसी थी कि आक्रोशित सिपाही ग्रामीण एसपी आनंद कुमार को और नुकसान पहुंचाते और सिटी एसपी मध्य अमरकेश डी को भी पीट देते. लेकिन ग्रामीण एसपी के बॉडीगार्ड ने आठ राउंड हवाई फायरिंग की और ग्रामीण एसपी को भीड़ से बचाते हुए बाहर निकल गये. इसके साथ ही उनके पीछे सिटी एसपी मध्य भी निकल गये.
पत्रकारों से मारपीट कैमरा, मोबाइल फोन तोड़ा गया
घटना के शुरू में तो पत्रकारों ने वहां का सारा दृश्य अपने कैमरे में उतारा. लेकिन धीरे-धीरे जब मामला काफी गर्म हो गया तो सिपाहियों ने पत्रकारों पर हमला कर दिया जिसमें पत्रकार संजय कुमार, कैमरामैन राहुल कुमार के साथ मारपीट की. राहुल को गंभीर चोटें आयी हैं. पत्रकार मरगूब आलम का मोबाइल फोन चूर कर दिया गया.
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