पटना : मानक से अधिक तेज आवाज में बजाये गये म्यूजिक सिस्टम

Updated at : 23 Oct 2018 9:15 AM (IST)
विज्ञापन
पटना : मानक से अधिक तेज आवाज में बजाये गये म्यूजिक सिस्टम

दशहरे के दौरान बढ़ गया ध्वनि प्रदूषण बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने जारी किया आंकड़ा पटना : दुर्गापूजा के दौरान पूजा पंडालों में बजने वाले डीजे और अन्य वाद्य यंत्रों से राजधानी में जम कर ध्वनि प्रदूषण फैलाया है. सोमवार को बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने दुर्गापूजा से पूर्व व पूजा के दौरान […]

विज्ञापन
दशहरे के दौरान बढ़ गया ध्वनि प्रदूषण
बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने जारी किया आंकड़ा
पटना : दुर्गापूजा के दौरान पूजा पंडालों में बजने वाले डीजे और अन्य वाद्य यंत्रों से राजधानी में जम कर ध्वनि प्रदूषण फैलाया है.
सोमवार को बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने दुर्गापूजा से पूर्व व पूजा के दौरान ध्वनि मापन यंत्रों के मेजरमेंट से मांपे गये आंकड़े प्रस्तुत किये, जिससे इस बात की पुष्टि हुई है. प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने पूजा से पूर्व 13 अक्टूबर को 231 जगहों पर 865 ध्वनि स्तर के नमूनों की जांच की थी. इसके बाद 16 से 18 अक्टूबर तक पूजा के दौरान भी तीन दिनों तक लगातार जांच की गयी.
जांच रिपोर्ट में अधिकांश पूजा पंडालों ने मानक से अधिक ध्वनि प्रदूषण किया है. कई जगहों पर तो बेहद खतरनाक प्रदूषण के स्तरों की रिपोर्ट मिली है.
गौरतलब है कि ध्वनि प्रदूषण विनियमन एवं नियंत्रण नियमावली के तहत व्यावसायिक क्षेत्र में दिन में छह बजे से रात 10 बजे तक ध्वनि स्तर मानक 65 डेसिबल रखा गया है, वहीं सार्वजनिक स्थलों पर इसमें 10 डेसिबल की छूट दी गयी है. यानी कुल मिला कर अधिकतम सीमा 75 डेसिबल है.
हर दिन बढ़ता रहा प्रदूषण : पूजा से पूर्व 13 अक्टूबर को 175 पूजा-पंडालों में से 75 डेसिबल से कम ध्वनि वाले पंडालों की संख्या 116 थी, जबकि उससे अधिक ध्वनि करने वाले पूजा पंडालों की संख्या 81 रही.
इससे बाद जैसे-जैसे पूजा का खुमार लोगों पर चढ़ता गया, पंडालों से ध्वनि सीमा के सारे मापदंडों को तोड़ दिया. 16 अक्टूबर को 231 पूजा-पंडालों में से 75 डेसिबल से कम ध्वनि वाले पंडालों की संख्या मात्र 18 थी, जबकि इससे अधिक ध्वनि करने वाले पंडालों की संख्या बढ़ कर 203 हो गयी थी.
वही हाल 17 अक्टूबर का रहा. कुल 219 पंडालों की जांच की गयी. इनमें 75 डेसिबल से कम ध्वनि करने वाले पंडालों की संख्या मात्र 17 रही, जबकि इससे अधिक ध्वनि करने वाले पंडालों की संख्या 202 हो गयी थी. इसके साथ ही 18 अक्टूबर को 218 पंडालों में से कम ध्वनि करने वाले पंडाल मात्र नौ थे, जबकि अधिक ध्वनि करने वालेपंडालों की संख्या 209 हो गयी थी.
100 डेसिबल से अधिक पहुंच गया था स्तर
प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की जांच में पूजा के दौरान मात्र 13 पंडालों ने ध्वनि विस्तारक यंत्र का स्तर 65 डेसिबल के अंतर्गत रखा, जबकि 36 पूजा पंडालों में ध्वनि स्तर सौ डेसिबल से अधिक पहुंच गया था.
वहीं 258 में से 90 पंडाल ऐसे थे, जिनका स्तर 100 डेसिबल तक पाया गया. प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के आंकड़ों की मानें, तो चमन टोली की श्री काली पूजा समिति, गुलबी घाट की श्रीश्री बड़ी देवी श्री महारानी दुर्गा पूजा समिति व भिखना पहाड़ी की श्रीश्री दुर्गा पूजा समिति ने सबसे कम प्रदूषण किया.
वहीं सबसे अधिक प्रदूषण करने वालों में कदमकुआं का श्रीश्री देवी मंदिर, सुल्तानगंज की श्रीश्री भारत माता पूजा समिति और गोला रोड मोड़ के पास श्रीश्री आदिशक्ति युवा मंच की ओर से किया गया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन