पटना : शहरों में अभिशाप बने कचरे से बनायेंगे जैविक खाद, बिजली, डीजल और पानी : सुरेश शर्मा
Updated at : 25 Sep 2018 8:12 AM (IST)
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स्वच्छता सर्वेक्षण कार्यशाला में शामिल हुए निकायों के प्रतिनिधि, मंत्री सुरेश शर्मा बोले पटना : नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि शहरों में अभिशाप बन चुका कचरा अब वरदान बनेगा. शहरों को हम न सिर्फ कचरा मुक्त बनायेंगे, बल्कि उसकी प्रोसेसिंग कर जैविक खाद, बिजली, डीजल, पानी और फ्लाई एेश […]
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स्वच्छता सर्वेक्षण कार्यशाला में शामिल हुए निकायों के प्रतिनिधि, मंत्री सुरेश शर्मा बोले
पटना : नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि शहरों में अभिशाप बन चुका कचरा अब वरदान बनेगा. शहरों को हम न सिर्फ कचरा मुक्त बनायेंगे, बल्कि उसकी प्रोसेसिंग कर जैविक खाद, बिजली, डीजल, पानी और फ्लाई एेश बनायेंगे.
कचरे से बना जैविक खाद रासायनिक खाद की तुलना में काफी बेहतर होगा. अगर सभी नगर निकाय इसे बेहतर ढंग से लागू करे तो न सिर्फ सूबा बल्कि देश भी समृद्ध होगा.
शर्मा सोमवार को ज्ञान भवन में स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे. इस कार्यशाला में सभी 143 नगर निकायों के मेयर, डिप्टी मेयर, मुख्य पार्षद, उपमुख्य पार्षद सहित संबंधित अधिकारी शामिल हुए. मंत्री ने कहा कि हमारी इच्छा है कि सभी नगर निकाय आत्मनिर्भर बनें. आमदनी बढ़ाने का प्रयास करें. अगर निकाय अपने स्थापना का खर्च भी वहन कर लें तो सूबे को समृद्धि की ओर ले जाने से कोई नहीं रोक सकता.
बेहतर रैंकिंग का करें प्रयास
प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने कहा कि हर साल स्वच्छता पर शहरों की रैंकिंग होती है. अगले साल के स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर इसी साल अक्तूबर से अभियान शुरू हो जायेगा. इसमें शहरों की ठोस कचरा प्रबंधन से लेकर शौचालयों की स्थिति सहित कई बिंदुओं पर अंक मिलेंगे. नगर निकाय इस प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझ लें, ताकि अगली बार बिहार के सभी शहरों को देश भर में अच्छी रैंकिंग मिले.
प्लास्टिक पर रोक में अभी से जुटें
विशेष सचिव संजय दयाल ने निकायों को प्लास्टिक कचरा और ठोस कचरा प्रबंधन के लिए तैयार बाइलॉज के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सभी निकाय तत्काल प्लास्टिक पर रोक में जुट जाएं. अधिसूचना जारी होते ही बाइलॉज नगर निकायों में क्रियान्वित हो जायेगा. इसके हिसाब से उनको जिला प्रशासन के साथ को-ऑर्डिनेशन कर पहले जागरूकता और फिर कार्रवाई का अभियान चलाना होगा.
दो अक्तूबर तक सभी निकाय होंगे ओडीएफ
अधिकारियों ने ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) की चर्चा करते हुए कहा कि सूबे के 143 नगर निकायों में से 82 निकायों को केंद्र सरकार की एजेंसी क्यूसीआई का सर्टिफिकेट मिल चुका है. 51 निकायों में क्यूसीआई की जांच चल रही है. शेष नौ नगर निकायों ने भी ओडीएफ की सहमति दे दी है, लेकिन उनके डॉक्यूमेंटेशन को ठीक किया जा रहा है.
दो अक्तूबर तक सूबे के सभी नगर निकाय ओडीएफ हो जायेंगे. कार्यक्रम में बिहारशरीफ, जमुई, सीवान सहित 15 नगर निकायों को ओडीएफ के लिए सम्मानित भी किया गया. इस मौके पर बुडको के जनसंपर्क अधिकारी चंद्रभूषण कुमार भी मौजूद रहे.
रैंकिंग में अंकों का समझाया महत्व : कार्यशाला में भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन एडवाइजर डॉ रमाकांत, डॉ वैभव राव और आदित्य जैन भी शामिल हुए. उन्होंने प्रतिनिधियों को बताया कि स्वच्छ भारत के अगले चरण में गुणवत्ता आधारित स्वच्छता की समीक्षा होगी. ओडीएफ के बाद अब ओडीएफ प्लस व ओडीएफ प्लस प्लस के गुणवत्ता पैमाने पर शहरी निकायों को परख कर अंक मिलेंगे.
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