दूसरे फेज में घर व शौचालय के लिए मिलेंगे 2250 करोड़
Updated at : 23 Aug 2018 9:20 AM (IST)
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दस साल पहले 2008 में आयी कुसहा की विपत्ति के मारे लोगों को 2023 तक पुनर्वासित किया जायेगा़ इसके लिए दूसरे चरण का काम शुरू कर दिया गया है. मार्च 2023 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है़ कुसहा से प्रभावित सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले में विश्व बैंक की मदद से दूसरे […]
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दस साल पहले 2008 में आयी कुसहा की विपत्ति के मारे लोगों को 2023 तक पुनर्वासित किया जायेगा़ इसके लिए दूसरे चरण का काम शुरू कर दिया गया है.
मार्च 2023 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है़ कुसहा से प्रभावित सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले में विश्व बैंक की मदद से दूसरे फेज में 2250 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे़
पहले चरण में लक्ष्य से कम घरों का निर्माण हुआ है़ हालांकि, सरकारी आंकड़े करीब 54 हजार घरों का हैं. जिन लोगों ने घर निर्माण के लिए पैसा ले लिया और निर्माण नहीं कराया, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी़ राज्य सरकार ने कुसहा पीड़ितों को घर के साथ शौचालय बनाने के लिए पैसे देने का फैसला लिया है़ ऐसे लोगों की संख्या तकरीबन चार से पांच हजार होगी. पैसे लेकर शौचालय का निर्माण नहीं कराने वाले लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की शुरू होगी.
राज्य सरकार की ओर से विश्व बैंक की मदद से कोसी के कुसहा पीड़ितों के पुनवार्सित करने की योजना चल रही है़ कुसहा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए दूसरे फेज में विश्व बैंक जो आर्थिक सहायता मुहैया करायेगी, उसमें कुल रकम का 33 प्रतिशत राशि राज्य सरकार को वहन करना होगा़ बाकी के 67 प्रतिशत राशि विश्व बैंक कर्ज के रूप में मुहैया करायेगी. पहले फेज में विश्व बैंक 85 प्रतिशत राशि मदद दे रही थी. बाकी पंद्रह फीसदी रकम राज्य सरकार को देना था. इस बार राज्य सरकार को अधिक धन राशि की व्यवस्था करनी होगी़
पहले चरण का काम खत्म : दूसरे फेज में बाढ़ नियत्रण के लिए बनाये जानेवाले आधारभूत संरचना पर छह सौ करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे़ पहले चरण में कुसहा पीड़ितों के पुनर्निर्माण पर1223.40 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये गये़ इनमें 80 फीसदी राशि विश्व बैंक ने मुहैया करायी और बाकी 20 प्रतिशत राशि बिहार सरकार को खर्च करना पड़ा़ पहले चरण का काम इस वर्ष जून में पूरा कर लिया गया है़
कुछ छोटे-मोटे काम बाकी हैं जिसे अक्तूबर तक पूरा कर लिया जायेगा़ हालांकि, जानकार बताते हैं कि राज्य सरकार पहले चरण की पूरी राशि खर्च नहीं कर पायी है. बचे रुपयों को तीनों प्रभावित जिलों को मुहैया कराया गया है़
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