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भारत विभाजन के असली गुनहगार कांग्रेस, मुस्लिम लीग और तत्कालीन ब्रिटिश सरकार : सुशील मोदी

Updated at : 14 Aug 2018 7:22 PM (IST)
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भारत विभाजन के असली गुनहगार कांग्रेस, मुस्लिम लीग और तत्कालीन ब्रिटिश सरकार : सुशील मोदी

पटना : विद्यापति भवन में आयोजित ‘अखंड भारत दिवस’ समारोह के उद्घाटनकर्ता उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि भारत विभाजन के असली गुनहगार कांग्रेस, मुस्लिम लीग और तत्कालीन ब्रिटिश सरकार हैं. भारत-पाकिस्तान का विभाजन अप्राकृतिक है. पश्चिमी और पूर्वी पाकिस्तान (आज का बांग्लादेश) के बीच 1700 किमी की दूरी थी. अंग्रेजों की बांटो और […]

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पटना : विद्यापति भवन में आयोजित ‘अखंड भारत दिवस’ समारोह के उद्घाटनकर्ता उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि भारत विभाजन के असली गुनहगार कांग्रेस, मुस्लिम लीग और तत्कालीन ब्रिटिश सरकार हैं. भारत-पाकिस्तान का विभाजन अप्राकृतिक है. पश्चिमी और पूर्वी पाकिस्तान (आज का बांग्लादेश) के बीच 1700 किमी की दूरी थी. अंग्रेजों की बांटो और राज करो की नीति की वजह से भारत का बंटवारा हुआ. डॉ लोहिया ने भारत-पाकिस्तान के एका की बात कही थी, जिसका समर्थन करते हुए पं. दीनदयाल उपाध्याय का मत था कि भविष्य में भारत-पाकिस्तान का संघ बन सकता है.

मोदी ने कहा कि अखंड भारत की कल्पना को संजो कर रखने की जरूरत है. जर्मनी, वियतनाम तथा प्रथम व द्वितीय विश्वयुद्ध में एक-दूसरे के खिलाफ लड़ने वाले यूरोपीय देश आज यूरोपीय संघ बना कर एक हो गए हैं. भारत से अलग हुए पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा म्यांमार, श्रीलंका भी समान हितों पर एक परिसंघ बना कर एक हो सकते हैं.

1857 में हिन्दू-मुस्लिम मिल कर अंग्रेजों के खिलाफ लड़े थे. उसके बाद अंग्रेजों ने बांटो व राज करो की नीति को अपना लिया. अंग्रेजों ने 1905 में बंग-भंग और 1906 में मुस्लिम लीग की स्थापना कराया.भारत विभाजन का बीजारोपण 1909 में मुसलमानों को पृथक निर्वाचन का अधिकार देकर किया. वैसे, 1937 के चुनाव में पृथक निर्वाचन के अधिकार के बावजूद पांच राज्यों में मुस्लिम लीग को एक सीट नहीं मिली. अंततः इसी की कोख से पाकिस्तान का जन्म हुआ.

भारत का बंटवारा दुर्भाग्यपूर्ण रहा. 1.5 करोड़ लोगों का विस्थापन हुआ, 20 लाख लोग मारे गये और 1 लाख लड़कियां बलात्कार का शिकार हुई या मार दी गयीं.

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