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पटना : टूट रही वर्दीधारियों की ईमानदारी की प्रतिज्ञा, पुलिस गश्ती टीम ने दूध विक्रेता से वसूली रंगदारी, 4 गिरफ्तार

Updated at : 07 Aug 2018 7:38 AM (IST)
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पटना : टूट रही वर्दीधारियों की ईमानदारी की प्रतिज्ञा, पुलिस गश्ती टीम ने दूध विक्रेता से वसूली रंगदारी, 4 गिरफ्तार

वर्दी दागदार : सचिवालय डीएसपी ने जांच में आरोप को पाया सही पटना : पुलिस वालों की करतूत लगातार सामने आ रही है. दो दिन पहले पुलिस द्वारा लूटपाट का मामला सामने आया था और अब एक दूध विक्रेता से रंगदारी लेने का मामला सामने आया है. हालांकि जो भी मामले सामने आ रहे हैं, […]

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वर्दी दागदार : सचिवालय डीएसपी ने जांच में आरोप को पाया सही
पटना : पुलिस वालों की करतूत लगातार सामने आ रही है. दो दिन पहले पुलिस द्वारा लूटपाट का मामला सामने आया था और अब एक दूध विक्रेता से रंगदारी लेने का मामला सामने आया है. हालांकि जो भी मामले सामने आ रहे हैं, उस पर एसएसपी द्वारा गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है.
गर्दनीबाग थाने की गश्ती पार्टी ने शनिवार की रात दूध विक्रेता लालजी राय से रंगदारी में तीन हजार रुपये ले लिये. इसके साथ ही दो हजार रुपये और देने का दबाव बना रहे थे. लालजी राय ने एसएसपी मनु महाराज से मिल कर रविवार को शिकायत की. एसएसपी ने सचिवालय डीएसपी राजेश सिंह प्रभाकर को जांच कर 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट देने काे कहा. सचिवालय डीएसपी ने मामला सही पाया और एसएसपी को रिपोर्ट सौंप दी.
एसएसपी के निर्देश पर गर्दनीबाग थाने में पुलिस गश्ती टीम में शामिल एएसआई युगल किशोर, कांस्टेबल बबलू कुमार, राजेश कुमार व चालक राजकुमार के खिलाफ रंगदारी की प्राथमिकी दर्ज की गयी. इसके बाद चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. एसएसपी मनु महाराज ने चारों को जेल भेजे जाने की पुष्टि की और बताया कि गलत करने वाले जो भी हों, उन्हें बख्शा नहीं जायेगा. इधर, चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. विभागीय कार्रवाई भी की जायेगी.
डरा-धमका कर ले लिये थे तीन हजार रुपये
शनिवार की रात गर्दनीबाग पुलिस टीम इलाके में गश्ती कर रही थी. इसी बीच दूध विक्रेता लालजी राय उधर से गुजरा. पुलिस टीम ने उसे रोक लिया और फिर उस पर झूठा आरोप लगाया. पुलिस टीम ने लालजी राय को तस्कर बताया और उससे पांच हजार रुपये की डिमांड कर दी.
लालजी राय ने फिलहाल उतने पैसे नहीं होने की जानकारी दी, तो पुलिसकर्मियों ने उसके पॉकेट में रहे तीन हजार रुपये ले लिये. इसके साथ ही बाकी दो हजार रुपया पहुंचाने काे कहा और नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी दे डाली. इसके बाद दूध विक्रेता ने रविवार को एसएसपी मनु महाराज से मुलाकात की और शनिवार की रात घटित घटना की जानकारी दी. एसएसपी ने सचिवालय डीएसपी को जांच करने का निर्देश दिया. जांच के बाद पुलिसकर्मियों की करतूत सामने आ गयी.
– सिपाही की गिरफ्तारी वारंट के लिए न्यायालय में आवेदन: कदमकुआं इलाके में सोना लूटने के आरोपित सिपाही वेद निधि उर्फ लाली की गिरफ्तारी वारंट के लिए पटना पुलिस ने न्यायालय में आवेदन दिया है. उक्त लूटकांड में वेद निधि के अलावे तीन अन्य सिपाहियों के नाम सामने आये हैं. इन चारों सिपाहियों को पकड़ने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
पटना : टूट रही वर्दीधारियों की ईमानदारी की प्रतिज्ञा
विजय सिंह
पटना : पुलिस महकमे में ईमानदारी की प्रतिज्ञा ‘लक्ष्मी’ के सामने तो टूटती ही रही है. पुलिस वाला पैसा मांग रहा है, मुकदमें में फंसाने की धमकी दे रहा है, पैसा नहीं दिये तो जेल भेज दिया. इस तरह के आरोप तो लगातार आते ही रहते हैं, जब सुबूत सामने आ जाता है तो विभाग कार्रवाई करने से भी नहीं चूकता है, लेकिन थाने की पुलिस अपना वसूली अभियान जारी रखती है. वरीय अधिकारियों से आंख चुराकर थाने पर तैनात पुलिसकर्मी मुठ्ठी गर्म करते रहे हैं.
हालांकि पिछले दो माह में जिस तरह से दागदार पुलिसकर्मियों की फेहरिस्त सामने आयी है, इससे पुलिस महकमे की साख को तो बट्ट लगा ही है, पुलिस ने आम लोगों का विश्वास भी खोया है. लूट के फर्जी मामले में सब्जी विक्रेता को जेल भेजने वाला कांड अभी पुराना भी नहीं हुआ था कि सोना लूट कांड में वेद निधि उर्फ लाली समेत चार सिपाहियों की भूमिका सामने आयी.
चारों के खिलाफ वारंट मांगा गया है, जेल जाना तय है. ठीक दो दिन बाद नया मामला गर्दनीबाग थाने का सामने आ गया. एक दूध वाले से तीन हजार रुपये की वसूली की बात सामने आयी है. इसमें गर्दनीबाग के एएसआई जगुल किशोर, सिपाही बबलू, राजेश कुमार, ड्राइवर राजकुमार पर आरोप है. एसएसपी के निर्देश पर चारों के खिलाफ कार्रवाई हुई है और उन्हें जेल भेजा गया है.
इससे पहले की बात करें तो बहादुरपुर के थानेदार की हरकत ने महकमे के मुंह पर कालिख पोत दी थी. थानेदारों की इस हरकत के बाद अधिकारी एक्शन में हैं. दो महीने में तीन इंस्पेक्टर, एक महिला सब इंस्पेक्टर रैंक के थाना प्रभारी अब तक फर्जीवाड़ा के आरोप में निलंबित हो चुके हैं. 20 पुलिस कर्मी निलंबित हुए हैं. लेकिन पुलिस के वरीय अधिकारियों की चिंता इस बात को लेकर है कि ताबड़तोड़ हुई कार्रवाई के बावजूद सुधार की तस्वीर नहीं दिख रही है.
– केस-1 : सब्जी विक्रेता सुखल पासवान के नाबालिग बेटे को लूट के फर्जी मामले में जेल भेजे जाने की कलई खुल चुकी है. बाइपास के थानेदार राजेंद्र प्रसाद और अगमकुआं के थानेदार कामाख्या सिंह समेत अन्य पुलिस कर्मी दोषी पाये गये. दोनों थानेदार नपे ही 11 पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई हुई.
– केस-2 : जमीन पर गलत तरीके से कब्जा दिलाने और निर्दोष दंपति अजय खत्री अौर उनकी पत्नी अर्चना को घर से बेदखल कर जेल भेजने की भी पोल खुल गयी है. इसमें बहादुरपुर थाने के थानेदार कृष्ण कुमार गुप्ता, आइओ सुधांशु कुमार सस्पेंड हो चुके हैं.
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