हॉस्टलों में कहां से आते हैं बम, किसी को नहीं पता

Updated at : 04 Aug 2018 5:04 AM (IST)
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हॉस्टलों में कहां से आते हैं बम, किसी को नहीं पता

पटना : पटना कॉलेज के हॉस्टलों की सुरक्षा राम भरोसे ही है. कोई इसे देखनेवाला नहीं है. जब तब कॉलेज में बमबाजी होती है. हॉस्टल के छात्र बम चलाते हैं. लेकिन, ये बम कहां से आते हैं किसी को पता नहीं है. इससे कॉलेज प्रशासन के साथ-साथ पुलिस प्रशासन भी बेखबर है. जब घटना हो […]

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पटना : पटना कॉलेज के हॉस्टलों की सुरक्षा राम भरोसे ही है. कोई इसे देखनेवाला नहीं है. जब तब कॉलेज में बमबाजी होती है. हॉस्टल के छात्र बम चलाते हैं. लेकिन, ये बम कहां से आते हैं किसी को पता नहीं है. इससे कॉलेज प्रशासन के साथ-साथ पुलिस प्रशासन भी बेखबर है. जब घटना हो जाती है तो उस दिन पुलिस, कॉलेज प्रशासन व विवि प्रशासन सभी एक्टिव होते हैं और फिर दूसरे दिन से हालात वैसे ही हो जाते हैं. ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किसी भी प्रशासन के पास कोई मैकेनिज्म नहीं है और सभी बस एक दूसरे पर मामले को थोप कर बस पल्ला झाड़ लेते हैं.

एेसे में पटना कॉलेज के विभिन्न हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों में सुलग रही आग कभी भी बड़ा रूप ले सकती है. हाल में 24 जुलाई को पटना कॉलेज कैंपस में बमबाजी हुई थी. इसमें इकबाल और नूतन हॉस्टल के छात्र भिड़ गये और बमबाजी करने लगे.

हॉस्टलों के लड़कों के कई ग्रुप : पिछले एक माह से मारपीट और दूसरी हिंसक घटनाओं की वारदात लगातार बढ़ती जा रही है. दरअसल हॉस्टलों के लड़कों के कई ग्रुप बने हुए हैं. उनकी बैठकें लगातार चलती रही हैं.
बदले की भावना से मारपीट और बमबाजी होती रहती है. खास बात यह है कि हॉस्टलों में यह घटनाक्रम तब हो रहा है, जब पटना कॉलेज ने अभी तक हॉस्टल आवंटित ही नहीं किया है. कई बार छात्रावास में छापेमारी के दौरान आपत्तिजनक सामग्री बरामद हो जाती है. कई बार दर्जनों छात्रों को पकड़ा जाता है. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है. पटना कॉलेज के इकबाल के साथ जैक्सन, नूतन और मिंटो हॉस्टल के बीच टकराव की आशंका हमेशा रहती है. जहां इससे एक ओर पीयू प्रशासन तंग हो चुका है,
वहीं पुलिस भी इनकी हरकतों से परेशान है.
टीओपी की हालत खराब : टीओपी की हालत यह है कि उसमें कभी इंचार्ज होते हैं, तो कभी नहीं होते. दो-तीन हवलदारों के भरोसे पोस्ट है. यूं कहें कि पुलिस पोस्ट के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है. पटना कॉलेज की पुलिस चौकी और पीयू थाने बनने के बाद भी इसका कोई असर नहीं दिख रहा है. हॉस्टलों में हर बार बवाल के बाद पुलिस एक बार रेड करती है. इस रेड के दौरान कई बार हॉस्टल से बम बनाने के सामान बरामद किये जाते हैं, तब भी इसे हल्के में लिया जाता.
स्थानीय लोग भी परेशान : स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि हॉस्टल के छात्र बदमाशी करते हैं. जब मन करता है बम पटक कर चले जाते हैं. इसके अलावा स्थानीय दुकानदारों से भी कभी-कभी रंगदारी मांग लेते हैं.
दो हॉस्टलों का एलॉटमेंट नहीं, अवैध रूप से रहते हैं छात्र
पटना कॉलेज के दो हॉस्टल मिंटो व जैक्सन का एलॉटमेेंट पिछले चार वर्षों से नहीं हुआ है. यही वजह है कि छात्र अवैध रूप से रहने लगे हैं. जब भी पुलिस रेड करती है, अवैध छात्र वहां से फरार हो जाते हैं और फिर वहीं आकर रहने लगते हैं. वह भी तब जब कॉलेज के कैंपस में पुलिस पोस्ट भी है. यही नहीं एक पोस्ट विवि मुख्यालय के पास भी है. वह भी हॉस्टल के ठीक सामने हैं. लेकिन, पुलिस प्रशासन के नाक के नीचे सब हो रहा है. लेकिन, कोई भी कुछ नहीं कर पा रहा है. बस बीच-बीच में कभी छापेमारी होती है और फिर सब उसी तरह हो जाता है.
हॉस्टल आवंटन को लेकर राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
पीयू छात्र संघ अध्यक्ष ने शुक्रवार को राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात कर हॉस्टल आवंटन के संबंध में पत्र सौंपा. पीयू छात्र संघ अध्यक्ष दिव्यांशु भारद्वाज ने जानकारी दी कि पटना कॉलेज के मिंटो और जैक्सन हॉस्टल की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है. परंतु इसके बावजूद अभी तक इसे छात्रों को आवंटित नहीं किया गया है.
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