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सिंदरी, बरौनी और गोरखपुर फर्टिलाइजर फैक्टरियों को बिना ब्याज के लोन देगी सरकार

Updated at : 01 Aug 2018 8:36 PM (IST)
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सिंदरी, बरौनी और गोरखपुर फर्टिलाइजर फैक्टरियों को बिना ब्याज के लोन देगी सरकार

नयी दिल्ली/पटना : बिहार के बरौनी, झारखंड के सिंदरी और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर ऊर्वरक संयंत्रों को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार की ओर से ब्याजमुक्त कर्ज उपलब्ध कराया जायेगा. बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने इसकी मंजूरी प्रदान की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों […]

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नयी दिल्ली/पटना : बिहार के बरौनी, झारखंड के सिंदरी और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर ऊर्वरक संयंत्रों को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार की ओर से ब्याजमुक्त कर्ज उपलब्ध कराया जायेगा. बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने इसकी मंजूरी प्रदान की है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने हिंदुस्‍तान ऊर्वरक तथा रसायन लिमिटेड द्वारा गोरखपुर, सिंदरी और बरौनी में ऊर्वरक परियोजनाओं को नया जीवन देने के लिए 422.28 करोड़ रुपये, 415.67 करोड़ रुपये तथा 419.77 करोड़ रुपये के निर्माण सापेक्ष ब्‍याज के बराबर ब्‍याज मुक्त ऋण देने के ऊर्वरक विभाग के प्रस्‍ताव को स्‍वीकृति दे दी है. ब्‍याज मुक्त ऋण का कुल मूल्‍य 1257.82 करोड़ रुपये होगा. ब्‍याज मुक्त ऋण में केवल निर्माण अवधि के दौरान बने ब्‍याज को कवर किया जायेगा और समय या लागत की वजह से बढ़े खर्च का बोझ संयुक्त उपक्रम कंपनी उठायेगी.

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ब्‍याज मुक्त ऋण का वितरण निर्माण के पहले तीन वर्षों में किया जायेगा. इसका पुनर्भुगतान 11 वर्षों की अवधि में किया जायेगा और निर्माण के दौरान तीन साल के ऋण वितरण अवधि में इस पर ब्‍याज चुकाने की छूट रहेगी. इसका पुनर्भुगतान अगले आठ साल में चरणबद्ध तरीके से होगा. हिंदुस्‍तान ऊर्वरक और रसायन लिमिटेड राष्‍ट्रीय ताप विद्युत निगम, कोल इंडिया लिमिटेड तथा भारतीय ऊर्वरक लिमिटेड अथवा हिंदुस्‍तान फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन लिमिटेड की सुंयक्त उद्ययम कंपनी है.

यह कंपनी गोरखपुर, सिंदरी और बरौनी की ऊर्वरक परियोजनाओं को पुर्नजीवित करने के लिए 2016 में बनायी गयी. ब्‍याज मुक्त ऋण से परियोजना के लागत व्‍यय में बचत होगी तथा परियोजना आईआरआर और संभावना अनुपात विशेषकर न्‍यूनतम ऋण सेवा कवरेज अनुपात में सुधार होगा.

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