बिहार : संभावित सूखे के मद्देनजर नीतीश सरकार ने डीजल अनुदान की राशि 50 रुपये प्रति लीटर की

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 22 Jul 2018 3:24 PM

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पटना : बिहार में 48 प्रतिशत कम वर्षा होने के मद्देनजर प्रदेश की नीतीश कुमार सरकार ने संभावित सूखे से निपटने के लिए किसानों को दी जाने वाली डीजल अनुदान की राशि 50 रुपये प्रति लीटर कर दी है. मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि राज्य में संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए […]

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पटना : बिहार में 48 प्रतिशत कम वर्षा होने के मद्देनजर प्रदेश की नीतीश कुमार सरकार ने संभावित सूखे से निपटने के लिए किसानों को दी जाने वाली डीजल अनुदान की राशि 50 रुपये प्रति लीटर कर दी है. मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि राज्य में संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज समीक्षा बैठक हुई. उन्होंने बताया कि बैठक में मौसम विज्ञान विभाग के प्रतिनिधि ने बताया की राज्य में 48 प्रतिशत कम वर्षा हुई है. सूखे की स्थिति उत्पन्न हो रही है.

दीपक ने बताया कि तत्काल राहत के लिए इसके संबंध में कुछ निर्णय लियेगये हैं जिनमें किसानों को दी जाने वाली डीजल अनुदान की राशि 50 रुपये प्रति लीटर कर दी गयी है. इसका वितरण सोमवार से शुरू होगा. पूर्व में यह अनुदान 40 रुपये प्रति लीटर था. उन्होंने कहा कि सूखे की संभावित स्थिति को देखते हुए किसानों से विचार-विमर्श कर वैकल्पिक फसल के लिए बीज की उपलब्धता कृषि विभाग के पदाधिकारी 28 जुलाई तक प्रत्येक प्रखंड में सुनिश्चित करेंगे.

मुख्य सचिव ने बताया कि कृषि विभाग के सभी पदाधिकारियों द्वारा आज ही क्षेत्र भ्रमण कर कृषकों से विमर्श कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली जायेगी एवं तदनुसार वैकल्पिक फसल के संबंध में निर्णय लिया जायेगा. उन्होंने बताया कि बिजली विभाग ट्रांसफार्मर के खराब होने की सूचना मिलने पर पूर्व में 72 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदलता था, अब 48 घंटे के अंदर ट्रांसफर्मर लगायेगा.

दीपक ने बताया कि कृषि के लिए बिजली शुल्क को 96 पैसे से घटाकर 75 पैसे प्रति यूनिट कर दिया गया है. सरकारी ट्यूबवेल जिसमें पूर्व में व्यावसायिक बिजली शुल्क लगता था, उसे भी कम कर 75 पैसे प्रति यूनिट कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग एक हेल्पलाइन शुरू करेगा. अभी उपलब्ध 175 पानी टैंकरों की संख्या को 500 किया जायेगा. चापाकल की मरम्मत करने वाली टीमों की संख्या बढ़ाई जा रही है.

मुख्य सचिव ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग मनरेगा के तहत जल संरक्षण के साधनों जैसे तालाब वगैरह की खुदाई करायेगा. इससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा. इस वित्त वर्ष में 15 करोड़ दिहाड़ी के बराबर रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है, जिसमें 5 करोड़ का सृजन हो चुका है. उन्होंने कहा कि आगामी 27 जुलाई तक 11 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी जानी है. 4 अगस्त तक एक किश्त की राशि जारी कर दी जायेगी यानी 4 हजार करोड़ रुपये लाभार्थियों के खाते में चले जायेंगे.

उन्होंने कहा कि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग आगामी 31 जुलाई तक 4 लाख राशन कार्ड उपलब्ध करायेगा. मुख्य सचिव ने कहा कि पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग मिलकर पशुओं के लिए शरणस्थली का निर्माण करायेंगे. सौर पंप के माध्यम से उनके लिए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी. वहां पर पशु शिवर लगाने का प्रबंध हो. उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग ने इस संबंध में एक वेबसाइट विकसित की है कि नहरों का पानी कहां तक पहुंचा है, उन्हें अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना है. जहां अभी पानी नहीं पहुंच रहा है, वहां पर जल संग्रहण के साधनों का निर्माण किया जायेगा, जिससे रोजगार का भी सृजन होगा.

दीपक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि राशि की कोई कमी नहीं होगी. सरकार के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है. उन्होंने कहा कि मौसम वैज्ञानिकों का आकलन है कि अगले सप्ताह में वर्षा हो सकती है, इसे देखते हुए आगामी 31 जुलाई को सूखे से संबंधित सारी परिस्थितियों की एक बार फिर से मुख्यमंत्री समीक्षा करेंगे.

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