रद्दी में बिकीं बिहार बोर्ड की 1.5 लाख कॉपियां बरामद

Updated at : 22 Jul 2018 4:11 AM (IST)
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रद्दी में बिकीं बिहार बोर्ड की 1.5 लाख कॉपियां बरामद

पटना : बिहार बोर्ड से जुड़ा एक और बड़ा घोटाला सामने आया है. इंटरमीडिएट 2017 के एग्जाम की कॉपियों को रद्दी में बेच दिया गया है. इसमें बिहार बोर्ड की आंसर सीट, 2018 के बचे हुए कंपार्टमेंटल परीक्षा की कॉपियां, प्रैक्टिकल की कॉपियां, जरूरी रजिस्टर तक शामिल हैं. ये कॉपियां दरभंगा के मारवाड़ी कॉलेज और […]

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पटना : बिहार बोर्ड से जुड़ा एक और बड़ा घोटाला सामने आया है. इंटरमीडिएट 2017 के एग्जाम की कॉपियों को रद्दी में बेच दिया गया है. इसमें बिहार बोर्ड की आंसर सीट, 2018 के बचे हुए कंपार्टमेंटल परीक्षा की कॉपियां, प्रैक्टिकल की कॉपियां, जरूरी रजिस्टर तक शामिल हैं. ये कॉपियां दरभंगा के मारवाड़ी कॉलेज और शेखपुरा जिले के कंपार्टमेंटल परीक्षा की हैं.
कुल 155 बंडल काॅपियां बरामद हुई हैं. इसमें करीब 1.5 लाख कॉपियां हैं, जिन्हे रद्दी के भाव बेच दिया गया था. कॉपियों को पटना पुलिस ने बरामद किया है. पुलिस ने रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र के खेमनीचक में छापेमारी कर वेस्ट पेपर कॉन्ट्रैक्टर राजकिशोर गुप्ता के गोदाम से कॉपियाें को बरामद किया है. पुलिस ने राजकिशोर को गिरफ्तार किया है.
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड के भंडार शाखा के सहायक पदाधिकारी दीपक कुमार के बयान पर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई है. इसमें बताया गया है कि राजकिशोर गुप्ता वेस्ट पेपर कॉन्ट्रैक्टर हैं. इन्हें रद्दी हो चुके सरकारी दस्तावेजों को खरीदने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है. वह बिहार बोर्ड और हाईकोर्ट समेत अन्य सरकारी संस्थानों से वेस्ट पेपर की खरीदारी करते हैं. लेकिन उन्होंने बिहार बोर्ड से जुड़ी जो कॉपियां खरीदी हैं, बड़ा फॉल्ट सामने आया है.
खुलासा
बिहार बोर्ड की तरफ से शुक्रवार को एफआईआर दर्ज किये जाने के बाद पुलिस टीम ने लगातार छापेमारी की. रामकृष्णा नगर इलाके में स्थित एक गोदाम में छापेमारी कर पुलिस टीम ने 155 बंडल बेची गयी कॉपियों को बरामद कर लिया. पूछताछ में पता चला है कि पटना में इसके 5 गोदाम हैं. अलग-अलग सरकारी महकमों के वेस्ट पेपर को रखने के लिए इसने उसी तरीके से गोदामों को बांट रखा है. दरअसल बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने साल 2014 इंटरमीडिएट आर्ट्स और कॉमर्स व 2016 की कॉपियों को बेचने के लिए निविदा जारी की थी. यह निविदा एक करोड़ रुपये से अधिक की थी. निविदा राजकिशाेर को मिली है. इसके बाद राजकिशोर ने चालाकी दिखाते हुए वर्ष 2017 की आंसर शीट और 2018 की बची हुई कंपार्टमेंटल परीक्षा की कॉपियों को भी खरीद लिया है. कंपार्टमेंटल परीक्षा की कॉपियां शेखपुरा की हैं.
कॉलेज के चपरासी को आठ हजार देकर खरीद ली कॉपियां
इस पूरे खेल में सौदेबाजी का मामला सामने आया है. दरअसल राजकिशोर ने इन कॉपियों को खरीदने के लिए दरभंगा के मारवाड़ी कॉलेज के चपरासी राजकुमार गुप्ता को सेट किया था. 2017 की जिन कॉपियों को खरीदा गया है, वे सारी कॉपियां दरभंगा के मारवाड़ी कॉलेज की थीं. वह भी मूल्यांकन की हुईं. पुलिस की जांच में पता चला है कि इस काम में कॉलेज के एक चपरासी रामपुकार सिंह ने मदद की थी. करीब डेढ़ लाख से अधिक कॉपियों के एवज में चपरासी को 8 हजार रुपये दिये गये थे. अब पुलिस टीम कॉलेज के चपरासी को गिरफ्तार करने में जुट गयी है.
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