चिटफंड कंपनी की तर्ज पर पैसा बना रहे बोर्डिंग स्कूल
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Jul 2018 9:19 AM
विज्ञापन
अनपढ़ किसानों को बड़े सपने दिखाकर लूट रहे बोर्डिंग स्कूल संचालक पटना : फतुहा में संचालित तमाम बोर्डिंग स्कूल चिटफंड कंपनी की तर्ज पर पैसा बटाेरने का जरिया बने हुए हैं. ये सभी स्कूल करोड़ों के वारे-न्यारे कर रहे हैं. दरअसल अनपढ़ किसानों के बीच बोर्डिंग स्कूल संचालक खास प्लान लेकर जाते हैं. प्लान में […]
विज्ञापन
अनपढ़ किसानों को बड़े सपने दिखाकर लूट रहे बोर्डिंग स्कूल संचालक
पटना : फतुहा में संचालित तमाम बोर्डिंग स्कूल चिटफंड कंपनी की तर्ज पर पैसा बटाेरने का जरिया बने हुए हैं. ये सभी स्कूल करोड़ों के वारे-न्यारे कर रहे हैं.
दरअसल अनपढ़ किसानों के बीच बोर्डिंग स्कूल संचालक खास प्लान लेकर जाते हैं. प्लान में बोर्डिंग स्कूल संचालक एकमुश्त सवा से डेढ़ लाख रुपये प्रति छात्र लेकर कक्षा दस तक की पढ़ाई (रहने-खाने पीने के साथ) पूरी कराने का दावा करते हैं. यही नहीं बाद में एक मुश्त ली गयी राशि लौटाने का आश्वासन भी दिया जाता है. लिखित करार भी किया जाता है. गुलाबी और पीले रंग की पर्चियों पर वसूली गयी राशि दर्ज करके अभिभावकों को दी जाती है.
गजब की बात यह है कि रसीद पर किसी प्रकार की सील नहीं लगी होती है.कई स्कूलों के नाम से दी गयी प्रिंट रसीदों पर मिली नकदी दर्ज कर सिर्फ हस्ताक्षर किये गये हैं. कुछ लोगों द्वारा सौ रुपये के स्टांप के साथ बनाये गये शपथ पत्र या अनुबंध पत्र देने की बात भी बतायी गयी. ये दस्तावेज कानूनी वैधता नहीं रखते, लेकिन किसानों को इन सब की जानकारी नहीं होती है. ऐसे में तमाम अनपढ़ किसानों ने अपने बच्चों के लिए अपनी जमीनें बेच कर पैसे जुटा उन्हें बोर्डिंग स्कूल संचालकों को थमा दिया.
करोड़ों की उगाही कर निवेश कर रहे संचालक : यह समूची जानकारी प्रभात खबर ने शुक्रवार को फतुहा और उसके आसपास के इलाकों से जुटायी है. चौंकाने वाली बात सामने आयी कि बोर्डिंग स्कूलों के नाम पर की गयी करोड़ों की उगाही से इन संचालकों ने दूसरी जगहों पर तमाम योजनाओं में निवेश किया है. कुछ तो पटना में जमीन का कारोबार कर रहे हैं. हालांकि यह बात सामने आ चुकी है कि फतुहा में किसी भी बोर्डिंग स्कूल को मान्यता हासिल नहीं है.
लोगों की आपबीती
प्रभात खबर ने फतुहा और रसलपुर आदि गांवों में पड़ताल की. यहां के किसान रविन्द्र यादव ने बताया कि मैंने अपने तीन पाैत्रों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये देकर एक बोर्डिंग स्कूल में एडमिशन दिलाया था. इसके लिए अपनी जमीन बेच कर पैसे जमा किये थे. उनकी बहन ने भी अपने तीन पौत्रों को एक बोर्डिंग स्कूल में भर्ती कराया था. यादव ने बताया कि हमारे पास अब सिर्फ रसीदें हैं. कुछ ऐसी ही बातें अन्य लोगों ने भी बतायीं. यादव परिवार ने यह पैसा दिसंबर, 2017 में जमा कराया है.
इसी प्रकार जिस अभिमन्यु नाम के बच्चे की मौत के बाद ये बोर्डिंग स्कूल चर्चा में आये हैं, उसके पिता ने भी अपने परिवार के चार बच्चों के सवा-सवा लाख की दर से चार लाख रुपये मई, 2017 में जमा कराये थे. इस तरह सैकड़ों लोग हैं, जो अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य और पैसों के लालच में आकर बोर्डिंग स्कूल संचालकों के व्यूह में फंस चुके हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










