98 दिनों बाद बेऊर जेल से रिमांड रूम भेजा गया सब्जी विक्रेता का बेटा

Published at :28 Jun 2018 7:48 AM (IST)
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98 दिनों बाद बेऊर जेल से रिमांड रूम भेजा गया सब्जी विक्रेता का बेटा

पटना : सब्जी विक्रेता सुखल पासवान के बेटे को 98 दिनों तक बेऊर जेल में रखे जाने के बाद बुधवार की रात को बेऊर जेल से रिमांड रूम में शिफ्ट कर दिया गया. उसके घरवालों ने उसके नाबालिग होने का दावा किया था. इसकी जांच हुई और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसे नाबालिग पाया […]

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पटना : सब्जी विक्रेता सुखल पासवान के बेटे को 98 दिनों तक बेऊर जेल में रखे जाने के बाद बुधवार की रात को बेऊर जेल से रिमांड रूम में शिफ्ट कर दिया गया. उसके घरवालों ने उसके नाबालिग होने का दावा किया था. इसकी जांच हुई और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसे नाबालिग पाया गया है. कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे बेऊर जेल से रिमांड रूम में शिफ्ट किया गया है. मालूम हो कि सब्जी विक्रेता ने अपने बेटे के नाबालिग होने और फर्जी लूट केस में जेल भेजने का दावा किया गया था. आईजी की जांच नाबालिग होने की पुष्टि हो गयी है. इसलिए उसे अब रिमांड रूम भेजा गया है. वहीं, एसएसपी मनु महाराज का सुपरविजन जारी है.
जोनल आईजी को परिजनों दी घटना की जानकारी
परिजनों ने जोनल आईजी को बताया कि उनके बेटे को घर से गिरफ्तार किया गया है. लेकिन, गिरफ्तारी दूसरे जगह की दिखायी गयी है. नाबालिग की मां ज्ञांती देवी ने बताया कि उनके बेटे को जेल भेज दिया गया. इंसाफ के लिए राज्यपाल से भी गुहार लगायी थी. उन्होंने बताया कि 19 मार्च की शाम पत्रकार नगर थाने की पुलिस मेरे घर पर आयी और बेटे का नाम पूछा. वह जब पुलिस के सामने आया, तो उसे जबरन जीप पर बैठा कर पुलिस चली गयी. जबकि, घटना उससमय हुई, जब वह महात्मा गांधी नगर चौक पर सब्जी बेच रही थी. इसके बाद जानकारी मिली कि उसे अगमकुआं व बाईपास थाने के केस में आरोपित बनाते हुए जेल भेज दिया गया है. ज्ञांती देवी ने बताया कि उसके बेटे की उम्र 14 साल है और उसका पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. साथ ही बच्चे का आधार कार्ड भी परिजनों ने आईजी के समक्ष प्रस्तुत किया.
दो थानेदारों समेत 12 पुलिसकर्मियों को किया गया सस्पेंड
बाइक लूट केस में नाबालिग को जेल भेजने के मामले में जोनल आईजी नैय्यर हसनैन खां ने अगमकुआं थाने के थानाध्यक्ष कामख्या नारायण सिंह और बाईपास थाने के थानाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद समेत 12 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है. साथ ही अगमकुआं थाने में जो भी पुलिसकर्मी बचे हैं, उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है. अगमकुआं के प्रभारी थानाध्यक्ष रहे मुन्ना कुमार वर्मा को भी सस्पेंड कर दिया गया है. मुन्ना वर्मा को इसलिए सस्पेंड किया गया है, क्योंकि अगमकुआं थाने में दर्ज केस 191/18 और 194/18 दर्ज करने के समय अगमकुआं थानाध्यक्ष कामख्या नारायण सिंह अवकाश पर थे. उस दौरान सब इंस्पेक्टर मुन्ना कुमार वर्मा ही थाने के प्रभारी थानाध्यक्ष थे. इनके अलावा सस्पेंड होनेवालों में बाईपास थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह यादव, सिपाही संदीप कुमार, बद्री शंकर, राघवेंद्र धारी कमल और अगमकुआं थाने के सब इंस्पेक्टर अरविंद किशोर, सुचित कुमार, सुशांत मंडल, कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार व मनोज कुमार सिंह शामिल हैं. अगमकुआं और बाईपास थाने के दोनों थानेदारों को पटना जोन से बाहर कर दिया गया है.
मुख्यमंत्री ने दिया था जांच का आदेश
सब्जी का ठेला लगानेवाले नाबालिग को कथित तौर पर फर्जी तरीके से जेल भेजे जाने के मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जांच का आदेश दिया था. साथ ही कहा था कि जांच पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी करेंगे. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पटना जोन के आईजी नैय्यर हसनैन खान मामले की जांच कर रहे हैं. आईजी ने कहा कि सब्जी विक्रेता के बेटे और परिजनों से मिलने के अलावा घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज देख कर घटना में संलिप्तता की जांच होगी. यह देखा जायेगा कि वह दोषी है या नहीं.
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