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बिहार : नगर निगम फाइलों में ही मार रहा मच्छर

Updated at : 30 Oct 2017 6:53 AM (IST)
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बिहार : नगर निगम फाइलों में ही मार रहा मच्छर

प्रतिदिन फॉगिंग पर हो रहे 60 हजार रुपये खर्च पटना : शहर में डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. राजधानी में लगभग एक हजार मरीजों की संख्या पहुंच गयी है. शहर के कई मुहल्ले ऐसे हैं जहां मरीजों की संख्या सैकड़ों में हैं. वहीं दिन प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही […]

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प्रतिदिन फॉगिंग पर हो रहे 60 हजार रुपये खर्च
पटना : शहर में डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. राजधानी में लगभग एक हजार मरीजों की संख्या पहुंच गयी है. शहर के कई मुहल्ले ऐसे हैं जहां मरीजों की संख्या सैकड़ों में हैं. वहीं दिन प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन मच्छरों से बचाव के लिए नगर निगम केवल फाइलों में ही फॉगिंग करा रहा है. लगभग 10 बड़ी मशीनों को एक बार चलाने में 60 हजार रुपये के लगभग खर्च किया जा रहा है. निगम का दावा है कि एक मशीन से प्रतिदिन दो वार्डों में रोस्टर के आधार पर फॉगिंग की जा रही है. लेकिन मुहल्लों में कहीं भी निगम की मशीनें चलती नहीं दिखती हैं.
यहां अधिक है डेंगू का प्रकोप: नूतन राजधानी अंचल में शिवपुरी, कर्पूरी ठाकुर लेन, विवेकानंद मार्ग, विंध्येश्वरी नगर में डेंगू की स्थिति भयावह है. वहीं महेंद्रू, टिकिया टोली, कदमकुआं, सब्जी बाग, पूर्वी व पश्चिमी लोहानीपुर, चित्रगुप्त नगर, पोस्टल पार्क, चिरैयांटाड़, नवरत्नपुर, आनंदपुरी, अशोक नगर, श्रीकृष्णापुरी, इंद्रपुरी, बोरिंग कैनाल रोड सहित दर्जनों मुहल्ले विशेष रूप से प्रभावित हैं.
पुरानी हैंड मशीनें खराब, पांच करोड़ की लागत से खरीदी 10 बड़ी मशीनें : नगर निगम के 75 वार्डों में नियमित फॉगिंग नहीं हो रही थी. इसको लेकर चार वर्ष पहले स्थायी समिति व निगम बोर्ड से स्वीकृति के आलोक में निगम प्रशासन ने 20 लाख की लागत से 59 फॉगिंग मशीनें लोकल एजेंसी से खरीदीं, लेकिन खरीदारी की सेवा-शर्त में रख-रखाव नहीं था. इस कारण सभी मशीनें एक वर्ष बाद ही खराब हो गयीं. निगम प्रशासन ने मेंटेनेंस भी नहीं कराया और मशीनों को जर्जर स्थिति में छोड़ दिया गया. वहीं अब लगभग पांच करोड़ की लागत से दस बड़ी मशीनों को खरीदा गया है.
1 मशीन पर खर्च होनेवाली राशि
प्रतिदिन एक बड़ी मशीन में 80 लीटर डीजल, पांच लीटर पेट्रोल व एक लीटर मैलेथियाॅन डाला जाता है. इसमें क्रमश: 52 सौ, 375 व 300 रुपये खर्च किये जाते हैं, यानी कुल मिला कर एक फाॅगिंग करनेवाली मशीन व वाहन पर 5875 रुपये का खर्च आता है. इस हिसाब से 10 वाहनों पर लगभग 60 हजार रुपये की राशि खर्च होती है.
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