कोलकाता : तारातला गोदाम हादसे में मृतकों की संख्या 11 पहुंची, रडार की मदद से मलबे में तलाशे जा रहे लोग

Edited by Mithilesh Jha
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मलबे से घायलों को निकालते राहत एवं बचावकर्मी. फोटो : पीटीआई

Kolkata Godown Mishap: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हुए भीषण हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गयी है. मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है. लोगों का पता लगाने के लिए ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार की भी मदद ली जा रही है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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Kolkata Godown Mishap: कोलकाता के दक्षिणी हिस्से के तारातला इलाके में गोदाम ढहने की घटना में जान गंवाने वालों की संख्या बृहस्पतिवार को बढ़कर 11 हो गयी. घटना के करीब 21 घंटे बाद भी बचाव दल, सेना की उन्नत ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (जीपीआर) प्रणाली की सहायता से, मलबे में गहन तलाश अभियान चला रहे हैं. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. बचाव अभियान से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सुबह मलबे से 5 और लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जिसके बाद मलबे से बाहर निकाले गये लोगों की संख्या बढ़कर 30 हो गयी.

हादसे में इन 11 लोगों की हुई मौत

मृतकों के नामउम्रकहां के रहने वाले
कृष्णा चौधरी30उत्तर 24 परगना
रोहित चौधरी40नदिया
राहुल चौधरी17पूर्व बर्धमान
चंद्रमा चौधरी60कृष्णनगर
पप्पू रजक40श्यामनगर
असगर हुसैन55खिदिरपुर
साहिल सरदार17बासंती
घी कुमार17मुंगेर (बिहार)
हसन इमाम44मटियाबुर्ज
नवीन सिंह45आसनसोल
गणेश कालिंदी45आसनसोल

एसएसकेएम में एक व्यक्ति ने तोड़ा दम

यह गोदाम कोलकाता शहर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट के स्वामित्व वाली पट्टे पर दी गयी भूमि पर बनाया जा रहा था. घायलों का इलाज कर रहे एसएसकेएम अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह एक और व्यक्ति ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया.

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पीड़ितों का विवरण पता कर रहे हैं अधिकारी

अधिकारियों ने बताया कि सभी पीड़ितों का विवरण जुटाने और उनकी आधिकारिक पुष्टि करने के प्रयास जारी हैं. राहत और बचाव कार्य पूरी रात जारी रहा. इसकी निगरानी स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम, कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा तथा कोलकाता नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडेय सहित राज्य सरकार और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने की. कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे.

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विशेष उपकरणों से मलबे में तलाशे जा रहे लोग

पश्चिम बंगाल सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मलबे में दबे लोगों का पता लगाने के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है. अधिकारी ने कहा- बचाव अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है. संभावित जीवित लोगों का पता लगाने के लिए सेना के ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (जीपीआर), कैमरों और अन्य विशेष उपकरणों सहित उन्नत संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है. हमारी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है.

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कैमरे की भी मदद ले रहा बचाव दल

मलबे में दबे लोगों का पता लगाने के लिए बचाव दल कैमरे भी इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके साथ ही, जिन लोगों के मोबाइल फोन अब भी सक्रिय हैं, उनकी स्थिति का पता लगाने के लिए मोबाइल फोन टावर के आंकड़ों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.

गोदाम हादसे के बाद मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए ली जा रही अत्याधुनिक मशीनों की मदद. फोटो : पीटीआई

Kolkata Godown Mishap: गोदाम के मालिक समेत 5 गिरफ्तार

हादसे के बाद मलबे से निकाले गये 19 लोगों का इलाज एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है. अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के सिलसिले में अब तक कम से कम 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें गोदाम के मालिक शंभूनाथ बेहरा, अभियंता कमल सामंत, गुलजार हुसैन, दिवाकर भंडारी और अब्दुल हमीद शामिल हैं. कोलकाता पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए गैर-इरादतन हत्या तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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