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बिहार में जेपी जयंती पर नीतीश ने शुरू किया गांधी कथा वाचन और बापू आपके द्वार कार्यक्रम

Updated at : 11 Oct 2017 3:44 PM (IST)
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बिहार में जेपी जयंती पर नीतीश ने शुरू किया गांधी कथा वाचन और बापू आपके द्वार कार्यक्रम

पटना : बिहार की राजधानी पटना के ज्ञान भवन में आयोजित गांधी कथा वाचन और बापू आपके द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाल विवाह और दहेज प्रथा को समाज से पूरी तरह हटाने की अपील की. इस मौके पर ज्ञान भवन में उन्होंने चंपारण एवं मिट्टी से नेता बनते हैं, […]

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पटना : बिहार की राजधानी पटना के ज्ञान भवन में आयोजित गांधी कथा वाचन और बापू आपके द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाल विवाह और दहेज प्रथा को समाज से पूरी तरह हटाने की अपील की. इस मौके पर ज्ञान भवन में उन्होंने चंपारण एवं मिट्टी से नेता बनते हैं, नाम की कथा का वाचन किया. मौके पर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के साथ स्कूली छात्र-छात्राओं के अलावा भारी संख्या में जीविका कर्मी मौजूद थे. कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ बैठकर भोजन भी किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के लिए बहुत सारे वीरों और स्वतंत्रता सेनानियों ने योगदान दिया, लेकिन जब उसमें अहिंसा जैसे सिद्धांत को लेकर बापू का प्रवेश हुआ उसके बाद भारत को आजादी मिली. मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी से संबंधित कई खबरें दक्षिण अफ्रीका के अखबारों में छपती थीं. उन्होंने चंपारण की चर्चा करते हुए पंडित राजकुमार शुक्ल और देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि बापू ने सत्याग्रह और अहिंसा का रास्ता अपनाया और उनका प्रयोग कामयाब हुआ. उन्होंने कहा कि गांधी जी ने कभी भी छात्र जीवन में परीक्षा में नकल नहीं की.

मुख्यमंत्री ने पटना के सम्राट अशोक कन्वेंशन हॉल के ज्ञान भवन में जेपी की जयंती पर इस कार्यक्रम की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि गांधी जी ने शराबबंदी, सत्याग्रह और सत्य अहिंसा का संदेश दिया और भारत को आजादी दिलायी. नीतीश कुमार ने कहा कि जो व्यक्ति गांधी जी की आत्मकथा का वाचन करेगा, उसके जीवन में परिवर्तन जरूर आयेगा. नीतीश कुमार ने कहा कि भारत देश दो सौ साल तक गुलामी का दंश झेलता रहा. बिहार के चंपारण में अंग्रेजों का जुल्म किसानों पर बढ़ता जा रहा था. अंग्रेजों ने किसानों पर 44 तरह के कर लगाये थे. चंपारण में नील की खेती होती थी और नील निकाला जाता था. एक बिगहा में तीन कट्ठे पर नील की खेती करना अनिवार्य था, जो किसान नील की खेती नहीं करते थे. उनको तरह-तरह से परेशान किया जाता था, उनके ऊपर कई तरह के टैक्स लगाये जाते थे.

मुख्यमंत्री ने गांधी जी के मुजफ्फरपुर और लंगट सिंह कॉलेज में प्रवास करने की घटना का भी जिक्र करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के बुलावे पर दस अप्रैल 1917 को बापू चंपारण आये थे. उन्होंने कहा कि बापू ने चंपारण में छह स्कूलों की नींव भी रखी. कई लोगों ने अपने घर और जमीन तक दान में दी. उन्होंने स्वच्छता का संदेश दिया. गांधी जी के चंपारण सत्याग्रह ने देश में आजादी की नींव डाली और तीस साल बाद देश आजाद हुआ. एक नये अध्याय की शुरुआत हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी की हत्या कर दी गयी, लेकिन उनके विचारों की हत्या नहीं की जा सकी. उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचार से ही समाज में परिवर्तन लाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि बिहार के हर सरकारी स्कूलों में गांधी जी पर कथा वाचन चलाया जायेगा. कार्यक्रम में शामिल होने आये बच्चों ने कहा कि उन्होंने यहां आकर बहुत सारी बातें जानी, उन्होंने कहा कि दहेज लेकर शादी करनी अच्छी बात नहीं है, बाल विवाह करना भी अपराध है.

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