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PM मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार का बिहार की राजनीति पर सीधा प्रभाव, जदयू के यह दो चेहरे बनेंगे मंत्री

Updated at : 01 Sep 2017 3:59 PM (IST)
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PM मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार का बिहार की राजनीति पर सीधा प्रभाव, जदयू के यह दो चेहरे बनेंगे मंत्री

पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होना तय है. सियासी हलकों में चल रही चर्चा की मानें हाल में बिहार के बदले सियासी समीकरण का सीधा प्रभाव मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार पर साफ दिखेगा. जदयू अब एनडीए में शामिल है और पार्टी के दो चेहरों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में […]

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पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होना तय है. सियासी हलकों में चल रही चर्चा की मानें हाल में बिहार के बदले सियासी समीकरण का सीधा प्रभाव मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार पर साफ दिखेगा. जदयू अब एनडीए में शामिल है और पार्टी के दो चेहरों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह देने की बात चल रही है. जिसमें आरसीपी सिंह और नीतीश कुमार के करीबी संतोष कुशवाह मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं. बाकी कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है. इस मंत्रिमंडल विस्तार के आईने में बिहार की राजनीति को टटोलना जरूरी है. यह सर्वविदित है कि केंद्र की सत्ता का रास्ता बिहार और उत्तर प्रदेश के आंकड़ों से होकर गुजरता है. वैसे में बिहार पर इसका प्रभाव दूरगामी होगा. बिहार से मोदी मंत्रिमंडल में कुल 7 मंत्री थे. जिनमें कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान,ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रामकृपाल यादव, मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा. कौशल विकास मंत्री राजीव प्रताप रूडी और कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम राज्यमंत्री गिरिराज सिंह.

जानकारी के मुताबिक जदयू के कोटे से एक कैबिनेट और एक राज्यमंत्री बनाया जा सकता है. आरसीपी सिंह कैबिनेट और संतोष कुशवाहा राज्यमंत्री बन सकते हैं. आरसीपी सिंह कुर्मी नेता हैं और नीतीश के दाहिने हाथ माने जाते हैं. संतोष कुशवाहा को आगे कर नीतीश कुमार उपेंद्र कुशवाहा की राजनीति को भी थोड़ा ठंडा रखेंगे. दूसरे दावेदारों में वशिष्ठ नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर और कहकशां परवीन भी हैं. वशिष्ठ नारायण सिंह के स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को देखते हुए यह रास्ता उनके लिए रास्ता आसान नहीं है. उधर रामनाथ ठाकुर की चर्चा जोरों पर हैं, लेकिन दोनों मंत्री राज्यसभा से नहीं बनाये जा सकते हैं. गौर करने वाली बात यह है कि राजीव प्रताप रूडी इस्तीफा दे चुके हैं. राजीव प्रताप रूढ़ी ने इस्तीफे के बाद कहा है कि सरकार में काम करने का मौका मिला. आगे भी पार्टी में काम करने का मौका मिले . वह इसी अभियान के साथ चलते हैं.

बताया जा रहा है कि उस चर्चा में बिल्कुल भी दम नहीं है, जिसमें कहा जा रहा है कि गिरिराज सिंह की मंत्रिमंडल से छुट्टी हो सकती है. पार्टी के अंदर खाने के सूत्रों की मानें तो गिरिराज सिंह मोदी मंत्रिमंडल में बने रहेंगे. सूत्र तो यहां तक दावा कर रहे हैं कि हो सकता है गिरिराज सिंह का कद और बढ़ जाये. कयास यह लगाया जा रहा है कि गिरिराज सिंह को प्रधानमंत्री प्रमोशन दे सकते हैं. बिहार के नवादा से बीजेपी के टिकट पर पहली बार सांसद बने गिरिराज सिंह को मोदी का करीबी माना जाता है. हालांकि, मीडिया में गिरिराज सिंह के टिकट कटने की बात चल रही थी. तर्कयहदिया जा रहाथा कि जदयू एनडीए गठबंधन में आ चुकी है, लिहाजा केंद्रीय मंत्रिमंडल में उसके एक या दो सांसदों को जगह देने के लिए इन्हें बाहर किया जा रहा है. दूसरा तर्क गिरिराज सिंह के मंत्रालय के प्रदर्शन का है. इन दोनों ही बातों को खारिज करनेवाले यह तर्क दे रहे हैं कि बिहार में जातीय समीकरण के हिसाब से गिरिराज सिंह भूमिहारों के कोटे से मंत्री हैं. और प्रदर्शन के हिसाब से उनके मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री कलराज मिश्र ने इस्तीफे की पेशकश पहले ही कर दी है. वैसे भी 2019 के लिहाज से गिरिराज सिंह को बाहर कर बीजेपी भूमिहारों को नाराज करना नहीं चाहेगी.

मंत्रिमंडल का विस्तार 2 सितंबर यानी शनिवार को शाम चार बजे से 6 बजे के बीच हो सकता है. राष्ट्रपति कोविंद शुक्रवार को तिरूपति जा रहे हैं जहां से वे शनिवार दो बजे तक वापस लौट जायेंगें. सरकार के बड़े अधिकारियों को रविवार को वक्त खाली रखने को कहा गया है. मंत्रिमंडल विस्तार में इन और आउट होने वाले चेहरों को लेकर कयास जोरों पर हैं. इतना तय है कि मोदी मंत्रिमंडल का यह विस्तार मंत्रालयों के प्रदर्शन के आधार पर ही नहीं 2019 चुनाव को ध्यान में रखकर किया जायेगा और बिहार लोकसभा चुनाव में बहुत बड़ा फैक्टर है. पार्टी का मानना है कि जदयू के साथ जाने के बाद बिहार में विकास कार्यों को केंद्र की मदद से और आगे बढ़ाया जायेगा और जदयू को भी प्रतिनिधित्व देकर नीतीश समर्थक वोटरों को भी एक बेहतर संदेश दे दिया जायेगा.

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