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कांग्रेस नेता ब्रजेश पांडेय और मृणाल किशोर को हाइकोर्ट से राहत नहीं, निचली अदालत में सरेंडर करने का दिया निर्देश

Updated at : 31 Jul 2017 6:27 PM (IST)
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कांग्रेस नेता ब्रजेश पांडेय और मृणाल किशोर को हाइकोर्ट से राहत नहीं, निचली अदालत में सरेंडर करने का दिया निर्देश

पटना : दलित लड़की दुष्कर्म मामले में अभियुक्त बनाये गये कांग्रेस नेता ब्रजेश पांडेय उर्फ बृजेश कुमार और मृणाल किशोर को पटना हाइकोर्ट ने किसी भी प्रकार का राहत देने से साफ तौर पर इनकार करते हुए अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया. जस्टिस विनोद कुमार […]

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पटना : दलित लड़की दुष्कर्म मामले में अभियुक्त बनाये गये कांग्रेस नेता ब्रजेश पांडेय उर्फ बृजेश कुमार और मृणाल किशोर को पटना हाइकोर्ट ने किसी भी प्रकार का राहत देने से साफ तौर पर इनकार करते हुए अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया. जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने ब्रजेश पांडेय एवं अन्य की ओर से दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया. सोमवार को सुनवाई के क्रम में याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि उन लोगों के नाम प्राथमिकी में दर्ज नहीं है और ना ही पीड़िता ने अदालत के समक्ष धारा 164 के तहत दिये गये बयान में ही उनलोगों का नाम लिया था. प्राथमिकी दर्ज होने के करीब एक माह बाद उनलोगों का नाम पीड़िता ने लिया था. अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद याचिकाकर्ता की दलीलों को खारिज करते हुए अग्रिम जमानत की याचिकाकर्ता को खारिज करते हुए उन्हें निचली अदालत में सरेंडर करने का निर्देश दिया.

निखिल प्रियदर्शी है मामले का मुख्य अभियुक्त

बिहार के इस बहुचर्चित दुष्कर्म कांड का मुख्य अभियुक्त निखिल प्रियदर्शी है. मामले में निखिल के अलावा उसके भाई तथा पिता को अभियुक्त बनाते हुए मामला दर्ज कराया गया था. बाद में पीड़िता ने इस कांड मेंबिहार कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रजेश पांडे, मृणाल किशोर तथा संजीत कुमार के शामिल होने की बात बतायी थी. आरोपों के बाद ब्रजेश पांडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था तथा गिरफ्तारी से बचने के लिए अंडरग्राउंड हो गये हैं.

पीड़िता ने आरोप लगाते हुए कहा था- निखिल के सेक्स रैकेट में कई रसूखदार नेता और ब्यूरोक्रेट

पीड़ित लड़की ने बताया था कि निखिल प्रियदर्शी एक पूर्व आईएएस का बेटा तो है ही, उसके बहनोई सीबीआई में एसपी है. उसका दोस्त बिहार के डीजीपी का बेटा है.पीड़ित लड़की ने अपने बयान में कहा था कि उसे न सिर्फ ब्लैकमेल कर यौन शोषण किया गया है, बल्कि उसे प्रताड़ित भी किया है. पीड़िता का आरोप है कि ब्रजेश पांडे और निखिल प्रियदर्शी सेक्स रैकेट चलाते हैं. उनमें बिहार के कई रसूखदार नेता और ब्यूरोक्रेट भी शामिल हैं. पुलिस ने इस मामले में एसआईटी गठित कर जांच शुरू की.पीड़िता ने बताया था कि निखिल प्रियदर्शी से व्हाट्सएप और फेसबुक के जरिये उसकी जान-पहचान हुई थी. इसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी. एक दिन निखिल उसे ब्रजेश पांडे के पास भेजा. वह उसे उनके बोरिंग रोड स्थित एक फ्लैट में ले गया था. यह फ्लैट मृणाल किशोर का था. वहां कोल्ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला कर पिला दिया. इसके बाद उसको कोई होश नहीं था.उसने बताया कि उसके नशे में आने के बाद ब्रजेश पांडे ने उसके प्राइवेट पार्ट को टच किया. उसने इसका विरोध किया, तो निखिल और उसका परिवार उसको बहुत मारता-पीटता था. परिवार के लोग में निखिल के पिता औऱ भाई भी शामिल थे. वे सभी सेक्स रैकेट चलाते हैं. उसको भी सप्लाई करने के लिए दबाव बना रहे थे.

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