मिथिला हाट की तर्ज पर बनेगा पटना हाट, दो साल में तैयार होगा पूरा

Mithila haat
Patna News: गांधी मैदान के पास जल्द ही पटना को एक नया सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र मिलने वाला है. मधुबनी के मिथिला हाट की तर्ज पर बनने जा रहा पटना हाट न सिर्फ हस्तशिल्प को नया बाजार देगा, बल्कि राजधानी की पहचान को भी नया आयाम देगा.
Patna News: पटना में पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए तीन मंजिला ‘पटना हाट’ के निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है. गांधी मैदान स्थित सभ्यता द्वार के पश्चिमी हिस्से में बनने वाले इस अत्याधुनिक हाट पर करीब 48.96 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसके लिए एकता भवन को तोड़ा जा रहा है और परिसर खाली होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.
बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड इस महत्वाकांक्षी परियोजना को क्रियान्वित कर रहा है, जिसे पूरा होने में लगभग दो साल का समय लगेगा.
एकता भवन से पटना हाट तक का सफर
पटना हाट के लिए चुनी गई जगह पहले एकता भवन के नाम से जानी जाती थी, जहां एसटीएफ जवानों के रहने की व्यवस्था थी. अब इस भवन को हटाकर वहां एक भव्य तीन मंजिला इंपोरियम बनाया जाएगा. यह हाट पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और इसे राजधानी के नए पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना है.
महिला उद्यमियों को मिलेगा स्थायी बाजार
पटना हाट की सबसे खास बात यह है कि यहां महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने के लिए स्थायी मंच मिलेगा. यहां मधुबनी पेंटिंग, भागलपुर की मंजूषा कला, पटना की टिकुली और सिक्की शिल्प जैसी पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन और बिक्री होगी.
इसके अलावा समस्तीपुर के बांस-बैत शिल्प, दरभंगा की मिट्टी और चीनी मिट्टी की कलाएं, मुजफ्फरपुर की सुजनी कढ़ाई, गया का पत्थर शिल्प और नालंदा की बूटी कला भी लोगों को आकर्षित करेगी.
पार्किंग, रेस्टोरेंट और गेम जोन
पटना हाट को सिर्फ खरीदारी तक सीमित नहीं रखा गया है. यहां अंडरग्राउंड और सर्फेस पार्किंग की सुविधा होगी, ताकि भीड़ के बावजूद ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रहे. इसके साथ ही रेस्टोरेंट, बच्चों और युवाओं के लिए गेम जोन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे यह जगह परिवारों के लिए पसंदीदा बन सके.
गंगा रिवर फ्रंट से जुड़ेगा पटना हाट
पटना हाट का सीधा जुड़ाव कलेक्ट्रेट घाट से दीघा तक बनने वाले गंगा रिवर फ्रंट और जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना से होगा.
आसपास हरित क्षेत्र, पार्क और खेल मैदान विकसित किए जाएंगे, जिससे यहां चहल-पहल और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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