अब पटना में खुद-ब-खुद जलेंगी स्ट्रीट लाइटें और बटन दबाते ही रुकेगा ट्रैफिक, 2914 करोड़ का बजट पास

Updated at : 17 Mar 2026 9:43 AM (IST)
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Patna News

सांकेतिक तस्वीर

Patna News: पटना को आधुनिक और सुविधाजनक शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2914 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया. मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में हुए इस बजट में शहर की लाइफस्टाइल को आसान बनाने और तकनीक के इस्तेमाल पर खास जोर दिया गया है.

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Patna News: पटना अब आधुनिक तकनीक के मामले में बड़े महानगरों को टक्कर देने के लिए तैयार है. सोमवार को मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में हुई पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2914 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पेश किया गया.

इस बजट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह ‘स्मार्ट टेक्नोलॉजी’ पर आधारित है अब पटना की सड़कों पर रोशनी के लिए किसी स्विच का इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि सेंसर वाली लाइटें खुद फैसला लेंगी कि उन्हें कब जलना है.

‘सेंसर वाली लाइटें और सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम

नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि शहर की पुरानी स्ट्रीट लाइटों का अब कायाकल्प होने जा रहा है. पटना में अब आईओटी (IoT) आधारित सेंसर वाली स्मार्ट लाइटें लगाई जाएंगी. ये लाइटें शाम होते ही अंधेरा महसूस कर स्वतः जल उठेंगी और सूरज की पहली किरण के साथ ही खुद बुझ जाएंगी.

वर्तमान में शहर में लगभग 82 हजार लाइटें हैं, लेकिन अब नई कॉलोनियों और गलियों को भी इस स्मार्ट नेटवर्क से जोड़ने के लिए नए सिरे से सर्वे कराया जाएगा. सबसे खास बात यह है कि इन सभी लाइटों की निगरानी एक सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर से होगी, जिससे खराबी का पता तुरंत चल सकेगा.

बटन दबाते ही थम जाएगा ट्रैफिक

बजट में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक अनोखा ‘डिमांड लाइट’ सिस्टम प्रस्तावित किया गया है. सड़क पार करने के लिए यात्री को बस एक बटन दबाना होगा, जिसके बाद ट्रैफिक सिग्नल खुद-ब-खुद लाल हो जाएगा और वाहन रुक जाएंगे.

हालांकि, ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचने के लिए इस सिस्टम में 20 मिनट का गैप रखा गया है. यानी एक बार बटन दबाने के बाद दोबारा यह सुविधा 20 मिनट बाद ही मिलेगी. इसके अलावा शहर में प्रवेश करने वाले सात मुख्य रास्तों पर भव्य प्रवेश द्वार भी बनाए जाएंगे.

जीआईएस मैपिंग से बढ़ेगा राजस्व और मिलेगी

निगम को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जा रहा है. शहर के सभी घरों और संपत्तियों की जीआईएस (GIS) मैपिंग कराई जाएगी, जिससे होल्डिंग टैक्स की चोरी रुकेगी और राजस्व में बढ़ोतरी होगी. इस बार होल्डिंग टैक्स से 137 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है.

आम जनता की सुविधा के लिए अब पटना के सभी छह अंचलों में शव वाहन उपलब्ध रहेंगे, जिनकी बुकिंग शोक संतप्त परिवार आसानी से कर सकेंगे.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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