Webseries Raakh:एक्टर रमनदीप ने कहा ‘राख’की स्क्रिप्ट पढ़ते ही रो पड़ा था

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राख में रज्जो का किरदार निभाने वाले रमनदीप बताते हैं कि मैं थिएटर बैकग्राउंड से हूं, तो किरदार की साइकिक और बॉडी लैंग्वेज को पकड़ना जानता हूं. इस शो की स्क्रिप्ट कमाल की है. वो किसी से भी एक्टिंग करवा सकती थी. जब मैंने पहली बार ‘राख’ की स्क्रिप्ट पढ़ी, तो मैं रो पड़ा था.

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Webseries Raakh :अमेजन प्राइम की की चर्चित वेब सीरीज ‘राख’में रज्जो उर्फ राजिंदर का किरदार निभाकर अभिनेता रमनदीप यादव खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं. वह बताते हैं कि सीरीज देखने के बाद लोग उनसे कहते हैं,‘भाई, तू सामने होता तो मार देता.’रमनदीप इसे अपने अभिनय की सबसे बड़ी तारीफ मानते हैं. पेश से है उर्मिला कोरी से हुई बातचीत के प्रमुख अंश.

इंडस्ट्री छोड़ने का बना चुका था मन

जब ‘राख’की कास्टिंग चल रही थी, तब ऐसा लगता था कि मुंबई में बस इसी एक प्रोजेक्ट की चर्चा है. हर अभिनेता इसका ऑडिशन दे रहा था. सभी जानते थे कि यह रंगा-बिल्ला से प्रेरित शो है और जो भी यह किरदार निभायेगा, उसकी जिंदगी बदल सकती है. ऐसे में काफी दबाव था. मैं ग्रेटफुल हूं कि मुझे इसका हिस्सा बनने का मौका मिला. इससे पहले मैंने नेटफ्लिक्स की ‘कैट’की थी, पर उसके बाद चार साल तक कोई खास काम नहीं मिला. लोग मुझे लगभग भूल चुके थे, मैं भी इंडस्ट्री छोड़ने का मन बना चुका था. तभी एंटी कास्टिंग एजेंसी का फोन आया. उन्हें लगा कि रज्जो के किरदार के लिए मैं सही हूं.

ऑडिशन में ही खानी पड़ी असली मार

ऑडिशन में मेरा सीन बच्चे को मारने और बचाने वाला था. मैं सुबह 10 बजे ऑडिशन रूम में गया था और रात 10 बजे बाहर निकला, क्योंकि वहां 14 बाबू मौजूद थे. मुझे सभी के साथ वही सीन करना था. उस सीन में बाबू का किरदार मुझे बुरी तरह मारता है, इसलिए काफी हाथापाई हुई. आप सोच सकते हैं कि 14 लोगों के साथ वही सीन करने के बाद मेरा क्या हाल हुआ होगा. मुझे कई जगह चोटें आयीं और शरीर पर लाल-नीले निशान तक पड़ गये थे.

रज्जो को जीने के लिए किरदार की हर परत समझी

मैं थिएटर बैकग्राउंड से हूं, तो किरदार की साइकिक और बॉडी लैंग्वेज को पकड़ना जानता हूं. इस शो की स्क्रिप्ट कमाल की है. वो किसी से भी एक्टिंग करवा सकती थी. जब मैंने पहली बार ‘राख’ की स्क्रिप्ट पढ़ी, तो मैं रो पड़ा था. रज्जो के किरदार में ढलने के लिए मुझे कई वर्कशॉप्स से गुजरना पड़ा. आकाश मखीजा के साथ ग्रुप वर्कशॉप हुई, वहीं मेरी सोलो वर्कशॉप भी हुई. मैंने रज्जो के पूरे बैकग्राउंड को समझा. उसकी नसबंदी हुई थी और वह हरियाणा से था, जहां मर्दानगी को अलग नजरिये से देखा जाता है. उसके भीतर की कुंठा और उसके 'कॉकरोच' जैसे एनिमल इंस्टिंक्ट पर भी मैंने काम किया. हरियाणवी बोली पर भी खूब मेहनत की, क्योंकि मुझे पता था कि जरा-सी गलती हुई, तो दर्शक सबसे पहले उसी पर सवाल उठायेंगे.

कार वाला सीन सबसे ज्यादा झकझोर गया

सबसे मुश्किल सीन कार वाला था, जिसमें पहली बार साहिल को तलवार मारता हूं. वह डिजिटल स्क्रीन पर शूट हुआ था, इसलिए असली माहौल नहीं था, जो हमें भावनात्मक रूप से मदद कर सके. इस सीन को शूट करने में दो दिन लगे और कई रीटेक भी हुए. शूटिंग खत्म होने के बाद मैं भीतर तक हिल गया था।. वैसे, रज्जो का किरदार भी कुछ महीनों तक मेरे भीतर बना रहा. कभी-कभी कोई ऑटो वाला मना कर देता था, तो मेरा लुक रज्जो वाला हो जाता था. (हंसते हुए) हालांकि, ज्यादा होशियारी दिखाता, तो पिटता मैं ही.

शूटिंग के दौरान आकाश मेरी गर्लफ्रेंड बन गया था

सीरीज के निर्देशक चाहते थे कि स्क्रीन पर मेरी और आकाश मखीजा की बॉन्डिंग बेहद नैचुरल दिखे, इसलिए मैंने शूटिंग के दौरान उसे खूब परेशान किया. उसकी शादी होने वाली थी. जब वह अपनी मंगेतर से बात करता था, तो मैं बीच में बोल पड़ता था, 'अरे, मुझसे बात कर. उस वक्त मैं मजाक में उसे अपनी गर्लफ्रेंड मानता था. यही वजह रही कि शूटिंग के दौरान उसके सारे दोस्त भी मेरे दोस्त बन गये


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Urmila Kori

लेखक के बारे में

By Urmila Kori

I am an entertainment lifestyle journalist working for Prabhat Khabar for the last 14 years. Covering from live events to film press shows to taking interviews of celebrities and many more has been my forte. I am also doing a lot of feature-based stories on the industry on the basis of expert opinions from the insiders of the industry.

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