गर्दनीबाग से हटेगा धरनास्थल,मरीन ड्राइव के पास होगा शिफ्ट, जाम से मिलेगी मुक्ति

Gardanibagh protest site
Patna News: पटना की यातायात व्यवस्था को राहत देने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. गर्दनीबाग स्थित धरनास्थल को हटाकर अब मरीन ड्राइव के पास दूजरा मौजे में नया धरनास्थल बनाया जाएगा. इसके लिए करीब दो एकड़ जमीन चिह्नित की गई है. प्रशासन का मानना है कि इससे न सिर्फ ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी, बल्कि अस्पताल और सरकारी दफ्तरों तक आम लोगों की पहुंच भी आसान बनेगी.
Patna News: बिहार की राजधानी पटना में अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करने वालों का ठिकाना अब बदलने वाला है. शहर की धड़कन कहे जाने वाले ‘मरीन ड्राइव’ (जेपी गंगा पथ) के पास अब नया धरनास्थल बनाने की तैयारी शुरू हो गई है.
जिला प्रशासन ने इसके लिए दूजरा मौजे में दो एकड़ जमीन चिह्नित की है. यह फैसला शहर की चरमराती यातायात व्यवस्था और गर्दनीबाग इलाके में रहने वाले आम लोगों को होने वाली दिक्कतों को देखते हुए लिया गया है. अब गर्दनीबाग की तंग गलियों के बजाय गंगा किनारे के खुले क्षेत्र में आंदोलनों का शोर सुनाई देगा.
गर्दनीबाग बना ट्रैफिक की बड़ी वजह
गर्दनीबाग में धरनास्थल होने के कारण सिविल सर्जन कार्यालय, गर्दनीबाग अस्पताल और आसपास के इलाकों में अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है. कई बार धरना-प्रदर्शन के दौरान पुलिस को इस रूट पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद करना पड़ता है. खासकर विधानसभा सत्र के समय हालात और बिगड़ जाते हैं, जब प्रदर्शनकारी भीड़ के साथ विधानसभा की ओर कूच कर जाते हैं.
हाल ही में जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने एसडीएम, एडीएम और यातायात पुलिस के अधिकारियों के साथ गर्दनीबाग धरनास्थल का निरीक्षण किया था. इसके बाद दूजरा मौजे में चिह्नित जमीन का भी जायजा लिया गया. डीएम स्तर से अंचलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि जमीन की स्थिति और स्वामित्व को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सके.
दूजरा की जमीन पर दावा-आपत्ति
प्रशासन के अनुसार दूजरा इलाके में 20 एकड़ से अधिक भूमि असर्वेक्षित मानी जा रही है, जिसे सरकारी भूमि माना जा रहा है. हालांकि कुछ किसानों ने इन जमीनों पर अपने कब्जे का दावा करते हुए खतियान होने की बात कही है. अंचलाधिकारी कार्यालय में कई लोगों ने दावा-आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन अधिकांश आवेदन पहले ही खारिज किए जा चुके हैं. इसी क्षेत्र में राज्य सरकार की कई योजनाएं भी प्रस्तावित हैं.
धरनास्थल का पुराना इतिहास
पटना में धरनास्थल का स्थान पहले भी बदला जा चुका है. 1999 से पहले हड़ताली मोड़ के पास धरनास्थल था, जिससे नेहरू पथ पर अक्सर जाम लगता था. न्यायालय के आदेश के बाद इसे आर ब्लॉक शिफ्ट किया गया. 1999 से 2014 तक आर ब्लॉक धरनास्थल रहा, लेकिन हार्डिंग रोड में बस स्टैंड होने के कारण दिक्कतें बढ़ीं. 2014 में हाईकोर्ट के आदेश पर इसे गर्दनीबाग लाया गया, जो अब फिर से छोटा और अव्यवहारिक साबित हो रहा है.
जिला प्रशासन का मानना है कि मरीन ड्राइव के पास नया धरनास्थल बनने से मुख्य सड़कों पर दबाव कम होगा और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था ज्यादा सुचारु बनेगी. साथ ही प्रदर्शनकारियों के लिए भी एक स्थायी और बेहतर स्थान उपलब्ध होगा.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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