बिहार में भूमि अधिग्रहण से पहले किसानों के साथ बैठक करेंगे अधिकारी, देंगे कानून की जानकारी
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 25 Apr 2023 4:47 AM
आलोक मेहता ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि कुछ मामलों में गलत लोगों खासकर पट्टीदारों द्वारा मुआवजा लेने की शिकायतें मिली हैं. इसे ठीक करने के लिए विभाग ठोस उपाय करें ताकि इसकी पुनरावृत्ति नहीं हो
पटना. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री आलोक कुमार मेहता ने निर्देश दिया है कि किसी भी परियोजना के लिए भूमि के अधिग्रहण के समय ही जिला भू अर्जन पदाधिकारी उस परियोजना से प्रभावित हो रहे किसानों के साथ बैठक करें. उसमें प्रभावित रैयतों के समक्ष भू अर्जन से संबंधित सभी कायदा कानूनों की विस्तृत जानकारी दे दें. किसानों को सही जानकारी देने के बाद उनमें नाराजगी नहीं होगी और परियोजना को समय से पूरा करने में भी मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि इससे अदालती मामलों की संख्या में भी कमी आयेगी.
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री सोमवार को जिला भू अर्जन पदाधिकारियों की मासिक बैठक को संबोधित कर रहे थे. बैठक का आयोजन शास्त्रीनगर स्थित सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में हुआ, जिसमें विभाग के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, सचिव जय सिंह, निदेशक भू अर्जन सुशील कुमार सहित सभी जिलों के भू अर्जन पदाधिकारी और अधियाची विभाग के प्रतिनिधि शामिल थे. मंत्री ने कहा कि मुआवजा भुगतान में अनावश्यक विलंब होने से असंतोष बढ़ता है. इसलिए भुगतान की प्रक्रिया शीघ्र होनी चाहिए, भू अर्जन प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन करें.
आलोक मेहता ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि कुछ मामलों में गलत लोगों खासकर पट्टीदारों द्वारा मुआवजा लेने की शिकायतें मिली हैं. इसे ठीक करने के लिए विभाग ठोस उपाय करें ताकि इसकी पुनरावृत्ति नहीं हो. बैठक में अर्जन की जाने वाली भूमि की दर और प्रकृति को लेकर चर्चा की गयी.
अपर मुख्य सचिव ने भूमि की प्रकृति के निर्धारण और दर तय करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जमीन के मुआवजा की गणना तय मापदंडों के हिसाब से और बाजार दर के आधार पर निर्धारित किया जाता है जो अमूमन एमवीआर से अधिक होता है.
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में लोग एसे हैं जो दूसरी जगहों या दूसरे प्रदेशों में काम करते हैं. उनकी अनुपस्थिति में उनके परिजनों द्वारा मुआवज़ा का भुगतान ले लिया जाता है. वर्षों बाद सही दावेदार सामने आता है. इस गड़बड़ी को रोकने के लिए विभाग एक सॉफ्टवेयर पर काम कर रहा है जिसमें आम लोगों को अपने दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड करने की सुविधा दी जायेगी. इससे सारे दस्तावेज आम लोगों की जानकारी में रहेंगे और सारी प्रक्रिया पारदर्शी हो जायेगी.
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बाद में राजस्व मंत्री ने सभी भू अर्जन पदाधिकारी से विभाग को बेहतर तरीके से चलाने के संबंध में सुझाव मांगे. उनके अच्छे सुझाव के आधार पर विभाग को चलाने में मदद ली जायेगी. अच्छे भू अर्जन पदाधिकारियों को विभाग द्वारा प्रशस्ति पत्र भी दिया जायेगा. बिहार में फिलहाल एनएचएआइ, एनएच और रेलवे सहित राज्य की कई योजनाएं चल रही हैं.
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