ePaper

बिहार के सरकारी स्कूलों में अब हर दूसरी शिक्षक महिला, नीतीश राज में बदली आधी आबादी की तकदीर

Updated at : 02 Apr 2025 5:36 PM (IST)
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

बिहार : राज्य के सरकारी स्कूलों में महिला शिक्षकों की बढ़ती संख्या का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लड़कियां बिना झिझक के स्कूल जा रही हैं. माता-पिता को अब भरोसा है कि उनकी बेटियों को पढ़ाने वाली महिलाएं खुद शिक्षा का एक मजबूत उदाहरण हैं.

विज्ञापन

बिहार में बदलाव की बयार सिर्फ सड़कों और पुलों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भी ऐतिहासिका बदलाव हुआ है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए जो प्रयास किए हैं. उनके नतीजे अब साफ नजर आ रहे हैं. बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में अब महिलाओं की भागीदारी दोगुनी हो गई हैय 2005 में जहां महिला शिक्षकों की संख्या 56,498 थी, वहीं 2025 में यह आंकड़ा 2.61 लाख के पार पहुंच गया है. बिहार के स्कूलों में हर अब हर दूसरी शिक्षक महिला है.

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

बिहार के स्कूलों में आधी आबादी की भागीदारी

बिहार में महिला सशक्तिकरण को लेकर नीतीश कुमार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं.  मुख्यमंत्री साइकिल योजना, बालिका पोषाक योजना, छात्रवृति जैसी योजनाओं ने बेटियों को स्कूल तक पहुंचाने का काम किया है. लड़कियों ड्रापआउट दर कम हुआ है. इन योजनाओं का असर है कि अब महिलाओं को शिक्षा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं.

स्कूलों में अब आधी आबादी की बड़ी भागीदारी

बिहार के स्कूलों में अब महिला शिक्षकों की भागीदारी अब आधी होने वाली है. 2005 में राज्य के सरकारी स्कूलों में जहां महिला शिक्षकों की भागीदारी सिर्फ 24 फीसद थी. 2025 तक यह आंकड़ा 44.1% पार कर गया है. बिहार के स्कूलों में अब हर दूसरी शिक्षक महिला हैं.

150 फीसद से अधिक हुआ इजाफा

पिछले 28 सालों में बिहार में शिक्षकों की संख्या में 150 फीसद से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. इसे आंकड़ों में ऐसे समझें कि 2005 में बिहार में कुल 2 लाख 26 हजार शिक्षक थे. इसमें महिला शिक्षकों की संख्या 56,498 थी. 2025 में कुल शिक्षकों का आंकड़ा 5 लाख 91 हजार पहुंच गया. इसमें महिला शिक्षकों की संख्या दो लाख 61 हजार है.

सीएम नीतीश कुमार
सीएम नीतीश कुमार

BPSC के माध्यम से बिहार में बंपर भर्ती

बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी ने बिहार में तीन चरणों में 2 लाख 38 हजार शिक्षकों की भर्ती की है. इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं. बिहार पुलिस भर्ती में भी महिलाओं को 35 फीसद आरक्षण देने के बाद नीतीश कुमार की सरकार ने पहली से पांचवीं और छठी से आठवीं कक्षा के शिक्षकों की नियुक्ति में 50 फीसद आरक्षण दिया है. 

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

बेटियों को मिली उड़ान, समाज में नई पहचान

बिहार के सरकारी स्कूलों में महिला शिक्षकों की बढ़ती संख्या का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लड़कियां बिना झिझक के स्कूल जा रही हैं. माता-पिता को अब भरोसा है कि उनकी बेटियों को पढ़ाने वाली महिलाएं खुद शिक्षा का एक मजबूत उदाहरण हैं. बिहार में पिछले 20 सालों के नीतीश कुमार के नेतृत्व ने यह साबित किया है कि महिलाओं को जब अवसर मिलता है तो वो कामयाबी की मिसाल पेश करती हैं.

इसे भी पढ़ें : Patna Railway Station Net Worth : बिहार का सबसे अमीर रेलवे स्टेशन है पटना जंक्शन, करोड़ों नहीं अरबों में है मुनाफा

इसे भी पढ़ें : प्यार को नहीं दे पाए मुक्कमल अंजाम तो मौत को लगाया गले, कमरे में मिली प्रेमी जोड़े की लाश 

विज्ञापन
Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन