तीन साल के अंदर बिहार म्यूजियम का पटना म्यूजियम से भूमिगत जुड़ाव का काम होगा पूरा: सीएम नीतीश कुमार

Updated at : 07 Aug 2022 9:02 PM (IST)
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तीन साल के अंदर बिहार म्यूजियम का पटना म्यूजियम से भूमिगत जुड़ाव का काम होगा पूरा: सीएम नीतीश कुमार

राजधानी पटना में पहली बार आयोजित बिहार म्यूजियम के स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि संग्रहालय में रखी सामग्रियों की जानकारी और महत्व का विस्तृत रूप से प्रदर्शित किया जाए.

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार म्यूजियम को पटना संग्रहालय से जोड़ने वाली डेढ़ किमी लंबी भूमिगत सड़क का निर्माण तीन साल के अंदर पूरा कर लिया जायेगा. इस भूमिगत सड़क के निर्माण पर 375 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसका जिम्मा दिल्ली मेट्रो को दिया गया है. वे रविवार को पहली बार आयोजित बिहार म्यूजियम के स्थापना दिवस समारोह में बोल रहे थे. इस मौके पर उन्होंने बिहार म्यूजियम में प्रदर्शित धरोहरों की विस्तृत जानकारी डिस्प्ले नहीं किये जाने पर नाराजगी जतायी. मुख्यमंत्री ने कहा कि म्यूजियम में रखे धरोहरों और उनके महत्व को विस्तृत रूप से डिस्प्ले किया जाये, ताकि लोग उसे आसानी से देख और समझ सकें. उन्होंने कहा कि उद्घाटन के दिन भी हमने यह बात कही थी, लेकिन बड़े-बड़े लोग हमारी बातों को छोटा कर लगा देते हैं.

पूरे देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का म्यूजियम नहीं

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का म्यूजियम पूरे देश में नहीं है. इसको देखते हुए हमने बिहार म्यूजियम का कॉन्सेप्ट दिया. कनाडा के लॉर्ड कल्चरल रिसोर्सेज ने इसकी परिकल्पना, जबकि जापान के मौकी एंड एसोसिएट्स ने इसकी डिजाइन तैयार की. एलएंडटी ने निर्माण पूरा किया. इसके बाद से यह बिहार का प्रमुख आकर्षण स्थल बन गया है. अक्तूबर 2017 में बिहार दौरे पर आये प्रधानमंत्री ने भी खुद इसको देखने की इच्छा जाहिर की थी.

यहां की मूर्तियां दूसरी जगह न भेजें

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार म्यूजियम व पटना संग्रहालय ऐतिहासिक धरोहरों से भरा पड़ा है. 1764 से पहले के धरोहर बिहार म्यूजियम में, जबकि उसके बाद के धरोहर पटना संग्रहालय में रखे गये हैं. उन्होंने अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि यहां की मूर्तियों को किसी दूसरी जगह न भेजा करें. एक बार भेजा गया था, लेकिन थोड़ा खराब होकर वापस लौटा.

बापू की जयंती के दिन भी करें कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 जुलाई 2013 को बिहार म्यूजियम का शिलान्यास करने के बाद 07 अगस्त, 2015 को इसके एक हिस्से का उद्घाटन किया गया. इसलिए सात साल बाद इसी दिन पर स्थापना दिवस मनाने की परंपरा शुरू की गयी है. दो अक्तूबर , 2017 को बाकी काम पूरा कर इस अंतरराष्ट्रीय म्यूजियम को पूरी तरह खोल दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू जयंती के इस दिन पर भी कोई कार्यक्रम जरूर कराएं. आम लोगों के लिए नि:शुल्क प्रवेश सहित उनके लिए चाय-नाश्ते का भी प्रबंध करें.

मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत रुचि से बना संग्रहालय : आलोक

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कला -संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री आलोक रंजन ने कहा कि विश्व स्तर का यह संग्रहालय मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत रुचि से तैयार हुआ है. इसके लिए उनको आभार. बिहार म्यूजियम ने बिहार की सांस्कृतिक विरासतों के प्रचार-प्रसार को लेकर काफी ख्याति अर्जित की है. इससे पहले बिहार म्यूजियम के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने स्वागत भाषण ,जबकि कला -संस्कृति एवं युवा कार्यक्रम एवं खेल विभाग की सचिव वंदना प्रेयषी ने धन्यवाद ज्ञापन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार व ओएसडी गोपाल सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद थे.

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