इस वजह से सरकार में शामिल नहीं हुए निशांत कुमार, खुद बताया आगे का प्लान

Published by :Pratyush Prashant
Published at :16 Apr 2026 9:44 AM (IST)
विज्ञापन
Nishant Kumar 16 April 2026

निशांत कुमार

Nishant Kumar: जदयू नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि वे नई सरकार में डिप्टी सीएम बन सकते हैं. इन अटकलों पर खुद निशांत ने फिलहाल विराम लगा दिया है. उन्होंने सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया है और राजनीति को समझने के लिए अभी और समय लेने की बात कही है.

विज्ञापन

Nishant Kumar: बिहार की सत्ता के गलियारों में यह माना जा रहा था कि नई सरकार के गठन के साथ ही नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार सत्ता के केंद्र में एक बड़ी भूमिका संभालेंगे, तभी उनके एक फैसले ने सबों को हैरान कर दिया है.

चर्चा थी कि सम्राट चौधरी की कैबिनेट में निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री जैसा भारी-भरकम पद दिया जा सकता है, लेकिन अंतिम क्षणों में उन्होंने इससे किनारा कर लिया.

डिप्टी CM की चर्चा, लेकिन आखिरी वक्त पर बदलाव

नई सरकार के गठन के दौरान यह लगभग तय माना जा रहा था कि निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. यहां तक कि उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा थी. लेकिन अंतिम समय में यह फैसला बदल गया और विजय कुमार सिन्हा को डिप्टी सीएम बनाया गया. इस बदलाव ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

उन्होंने हाल ही में पार्टी कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी शुरू की है. माना जा रहा है कि वे संगठन और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं, ताकि भविष्य में बड़ी भूमिका निभा सकें.

पार्टी नेतृत्व चाहता है कि निशांत अब सक्रिय राजनीति में आगे आएं और सरकार में अहम जिम्मेदारी संभालें. निशांत का खुद का रुख फिलहाल अलग नजर आ रहा है. वे जल्दबाजी में कोई पद लेने के बजाय धीरे-धीरे अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करना चाहते हैं.

मीडिया की अटकलों पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी का जवाब

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने मीडिया में चल रही चर्चाओं को लेकर कहा कि यह सब कयास हैं और पार्टी के स्तर पर इस तरह की कोई औपचारिक जानकारी नहीं थी. इससे साफ है कि निशांत कुमार को लेकर अभी भी कई बातें केवल अटकलों के आधार पर चल रही हैं.

निशांत कुमार का यह फैसला बताता है कि वे जल्दबाजी में सत्ता की राजनीति में कूदने के पक्ष में नहीं हैं. ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे किस तरह अपनी राजनीतिक पहचान बनाते हैं और बिहार की राजनीति में अपनी जगह तय करते हैं.

Also Read: सम्राट चौधरी के सर ‘कांटों का ताज’, केवल ‘3C’ नहीं! इन्‍हें कैसे साधेंगे मुख्‍यमंत्री बिहार?

विज्ञापन
Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन