मिडिल ईस्ट फिर बारूद के ढेर पर! सऊदी के तेल ठिकानों पर हूती का हमला, US-ईरान की जंग थमी

Updated:
विज्ञापन
यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर किया हमला ( स्रोत - सोशल मीडिया )

यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर किया हमला ( स्रोत - सोशल मीडिया )

यमन के हूती विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर ड्रोन से हमला किया है. इस हमले से तेल सप्लाई पर खतरा बढ़ गया है और यह होर्मुज का विकल्प माने जाने वाले पाइपलाइन पर भी हुआ है. US-ईरान के बीच तनाव में कमी के बावजूद, समुद्री रास्तों पर तनाव बना हुआ है.

विज्ञापन

Houthis attack Saudi Arabia : यमन के हूती विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब के कई तेल ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए.हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि यह कार्रवाई सऊदी अरब की ओर से यमन के हवाई क्षेत्र में ड्रोन भेजे जाने के जवाब में की गई. उनके मुताबिक, हमलों का निशाना पूर्वी सऊदी अरब से लाल सागर के यनबू बंदरगाह तक तेल पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण नेटवर्क था.

तेल सप्लाई पर बढ़ा खतरा, होरमुज का विकल्प भी निशाने पर

सऊदी अरब हाल के महीनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के कारण मिडिल ईस्ट पाइपलाइन के जरिए यनबू तक कच्चा तेल भेजने पर अधिक निर्भर हो गया है. यही पाइपलाइन अब हूती के निशाने पर बताई जा रही है. इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं.

US-ईरान के बीच तनाव में अस्थायी कमी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में राहत देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 6 फीसदी गिरकर 91 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई. शेयर बाजारों में तेजी और निवेशकों का भरोसा लौटा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हूती हमले और क्षेत्रीय संघर्ष बढ़े तो तेल बाजार में फिर बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है.

US-ईरान के बीच हमले रुके, बातचीत की कोशिश जारी

इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तीसरे दिन सीधे हमले नहीं हुए. कतर, ओमान और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं ताकि बातचीत फिर शुरू हो सके. अमेरिका ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीति को मौका देने का फैसला किया है, जबकि ईरान ने भी फिलहाल अपने हमले रोकने की पुष्टि की है.

समुद्री रास्तों पर अब भी तनाव, जहाजों पर मंडरा रहा खतरा

ईरान-अमेरिका युद्ध की रफ्तार धीमी हुई है, लेकिन क्षेत्र में तनाव कम नहीं हुआ है. होर्मुज और बाब-अल-मंदेब जैसे अहम समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. हूती पहले भी लाल सागर में जहाजों और सऊदी टैंकरों को निशाना बनाने की धमकी दे चुके हैं, जिससे वैश्विक व्यापार पर दबाव बना हुआ है.

यह भी पढ़ें- PoJK में फिर भड़का जनआक्रोश! रावलाकोट से मुजफ्फराबाद कूच, चुनाव के बीच हिंसा और धांधली के आरोपों से पाक घिरा


विज्ञापन
सत्येन्द्र गिरि

लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola