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सावन से पहले ''हरा'' हुआ बाजार, पसंदीदा बनी लहरिया प्रिंट वाली लहठी

Updated at : 09 Jul 2025 5:31 PM (IST)
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सावन से पहले ''हरा'' हुआ बाजार, पसंदीदा बनी लहरिया प्रिंट वाली लहठी

Nawada news. सावन की हरियाली से पहले बाजार 'हरा' हो गया है. इस बार लहरिया प्रिंट वाली लहठी महिलाओं को खूब पसंद आ रही हैं.

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मनभावन कई डिजाइनों में मिल रही है हरी चूड़ियां व लहठी

100 से 1000 रुपये तक है बाजार में लहरिया प्रिंट वाली लहठी की कीमत

10 से 50 रुपये प्रति पीस बिक रहा सामान्य नेल पॉलिश, खूब हो रही खरीदारी

फोटो

कैप्शन- बिक्री के लिए रखी चूड़ियां.

प्रतिनिधि, नवादा कार्यालय

सावन की हरियाली से पहले बाजार ”हरा” हो गया है. इस बार लहरिया प्रिंट वाली लहठी महिलाओं को खूब पसंद आ रही हैं. हरे रंग की चूड़ियों और पारंपरिक लहरिया प्रिंट वाली लहठी की मांग भी बढ़ गयी है. खासकर महिलाओं और युवतियों के बीच लहरिया प्रिंट पर स्टोन वर्क वाली लहठी और कंगनों की धूम है. बाजार में इनकी बिक्री जोरों पर है, जिससे दुकानदारों के चेहरे खिले हुए हैं. पुराने बाजार के चूड़ी-लहठी विक्रेता सोनू अग्रवाल ने बताया कि इस बार जयपुर की लहरिया प्रिंट वाली लहठी की मांग खूब हो रही है. स्टोन वर्क वाली हरी चूड़ियों की भी खरीदारी अधिक हो रही है. चूड़ियों की कीमत 100 से 250 रुपये के बीच है. अलग-अलग डिजाइनों में ये चूड़ियां बाजार में उपलब्ध हैं. उन्होंने बताया कि लहरिया प्रिंट की लहठी की कीमत 100 से 1000 रुपये तक है.

वहीं, लहरिया कंगन 100 से 500 रुपये में और ब्राइडल सेट 500 से 1000 रुपये की कीमत में बिक रहे हैं. खास बात यह है कि इन सेटों में आकर्षक स्टोन वर्क और डिजाइनर पैटर्न भी देखने को मिल रहे हैं, जो पारंपरिकता के साथ आधुनिकता का संगम है. लहरिया लहठी फैशन को नया रूप दे रही है. सावन महीने में हरी चूड़ियों की काफी डिमांड होती है. सावन की हरियाली के साथ हरी चूड़ियों के संयोग की परंपरा रही है. इसे पहनकर त्योहार का आनंद बढ़ जाता है. सोशल मीडिया और फैशन ट्रेंड्स ने भी इसका रुझान बढ़ा दिया है. उनके मुताबिक लहरिया प्रिंट एक पारंपरिक भारतीय कला है, जिसमें कपड़े पर तरंग जैसी डिजाइन बनायी जाती है. यह प्रिंट राजस्थान की एक प्रसिद्ध कला है, जो अपने रंगों और डिजाइनों के लिए जानी जाती है.

11 से सावन शुरू, समापन नौ अगस्त को

इस बार सावन माह की शुरुआत 11 जुलाई से हो रही है और इसका समापन नौ अगस्त को होगा. शोभनाथ मंदिर के पुजारी प्रकाश पांडेय ने बताया कि इस वर्ष सावन रक्षाबंधन के पर्व के साथ समाप्त होगा, जो इस बार नाै अगस्त को मनाया जायेगा. सावन महीना भगवान शिव को समर्पित होता है. इस महीने में महादेव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से मनचाहा फल प्राप्त होता है. पहला सोमवार व्रत 14 जुलाई, दूसरा व्रत 21 जुलाई, तीसरा व्रत 28 जुलाई तथा चौथा व अंतिम सोमवार व्रत 4 अगस्त को किया जायेगा.

हरी बिंदी से सजेंगी महिलाएं

सावन में महिलाएं मुंबई व दिल्ली के नेल पॉलिश व हरी बिंदी से शृंगार करेंगी. दुकानदार प्रदीप बरनवाल ने बताया कि नेल पाॅलिश 10 से 50 रुपये, हरी बिंदी 5 से 10 रुपये, रबर 5 से 10 रुपये पीस, मेहंदी 10 रुपये बाजार में बिक रही है. हरे रंग के बिंदी व नेल पॉलिश की भी डिमांड हो रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VISHAL KUMAR

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By VISHAL KUMAR

VISHAL KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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