Bihar News: बिहार में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए चिह्नित किए जायेंगे छठ घाट, जानें बनाने के लिए क्या लगेगा डॉक्यूमेंट
Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 23 Oct 2024 6:37 PM
आयुष्मान कार्ड
Bihar News: आयुष्मान विभाग छठ घाटों को आयुष्मान कार्ड का लाभ देने के लिए चिह्नित कर रहा है. विभाग कार्ड को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चल रहा है.
Bihar News: नवादा जिले में वर्ष 2024-25 में 18 लाख 58 हज़ार 513 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है. विभागीय जानकारी के अनुसार, 22 अक्त्तूबर तक जिले में मात्र छह लाख 94 हजार 11 आयुष्मान कार्ड जारी किये गये हैं. विभाग का कहना है कि प्रत्येक पीएचसी और सीएचसी को 250 आयुष्मान कार्ड प्रतिदिन बनाना है, लेकिन लक्ष्य से विभाग कोसों दूर है. आयुष्मान विभाग अपने लक्ष्य को लेकर आंगनबाड़ी, आशा व अन्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से जागरूकता फैला रहा है.
आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए चिह्नित किए जायेंगे छठ घाट
आयुष्मान विभाग छठ घाटों को आयुष्मान कार्ड का लाभ देने के लिए चिह्नित कर रहा है. वर्तमान समय में मिर्जापुर सूर्य मंदिर, शोभनाथ धाम, गढ़पर और मोती बिगहा छठ घाटों को चिह्नित किया है. आयुष्मान विभाग अपनी बड़ी तैयारी को लेकर जिले के सभी प्रखंडों में भी छठ घाटों को चिह्नित कर रहा है, जहां आयुष्मान कार्ड बनाया जा सके. विभाग कार्ड को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चल रहा है.
आयुष्मान कार्ड केंद्र सरकार का है ड्रीम प्रोजेक्ट
आयुष्मान कार्ड केंद्र सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है. केंद्र सरकार की ओर से प्रत्येक आयुष्मान कार्डधारी को पांच लाख रुपये तक का फ्री इलाज दिया जा रहा है. इस कार्ड के जरिए लाभार्थी रजिस्टर्ड अस्पताल में अपना नि:शुल्क इलाज कर सकते हैं. यह कार्ड सरकारी और प्राइवेट वैसे रजिस्टर्ड अस्पताल जो आयुष्मान से जुड़े है, उन अस्पताल मे लाभार्थी अपना इलाज कर सकते हैं.
लोगों में जानकारी का अभाव
आयुष्मान कार्ड को लेकर आम लोगों में जानकारी का अभाव देखा जाता है. सरकार की ओर से यह कार्ड नि:शुल्क बनाया जाता है. कोई भी आम पब्लिक अगर चाहे, तो अपने घर पर बैठे-बैठे मोबाइल के प्ले स्टोर में जाकर आयुष्मान अप्प, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को डाउनलोड कर अपना आयुष्मान कार्ड स्वयं बना सकते हैं. सरकार की इस योजना का लाभ जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्र पर नि:शुल्क बनाया जा रहा है.
बुजुर्गों को आयुष्मान भारत योजना में मिलेगा और फायदा
केंद्र सरकार की इस योजना में 70 साल और उस से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों को योजना में जोड़ा गया है. बुजुर्गों की चिंता करते हुए अब उनसे जुड़ी बीमारियों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है. खासतौर से ऐसी बीमारियां, जिसमें बुजुर्गों को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ता है. ऐसी बीमारियों से जुड़े पैकेज बनाने की तैयारी है, ताकि योजना के तहत आने वाले बुजुर्गों को सही समय पर सही इलाज मिल सके.
कहां बनेगा आयुष्मान कार्ड
योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थी को आयुष्मान कार्ड बनवाना होता है. आयुष्मान कार्ड के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में अप्लाइ कर सकते है. ऑनलाइन के लिए https://pmjay.gov.in/ की वेबसाइट पर जाकर अप्लाइ करना होगा. या प्ले स्टोर पर वहीं ऑफलाइन के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) वसुधा केंद्र पर जाकर आवेदन करना होगा.
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आयुष्मान कार्ड के लिए डॉक्यूमेंट
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आपको आइडी प्रूफ जैसे राशन कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी आदि में से किसी की एक की आवश्यकता होती है.
किन बीमारियों का होता है फ्री में इलाज
इस स्कीम में सभी छोटी से लेकर बड़ी-बड़ी बीमारियां कवर होती है. योजना में पांच लाख रुपये का फ्री में इलाज मिलता है. नवादा जिले में सदर अस्पताल के साथ-साथ सभी पीएचसी, सीएचसी और तीन प्राइवेट अस्पताल में कैशलेस और पेपरलेस हेल्थ सर्विसेज की सुविधा मिल रही है. आयुष्मान भारत योजना की वेबसाइट के हिसाब से इस योजना में कैंसर, हार्ट डिजीज, किडनी से जुड़ी बीमारियां, कोरोना, मोतियाबिंद, डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया, घुटना और नी रिप्लेसमेंट व अन्य प्रकार की बीमारियों का इलाज होता है.
क्या करती हैं अधिकारी
विभाग का कहना है कि आयुष्मान कार्ड के लिए समय-समय पर अनेक तरह के कार्यक्रम को आयोजित किया जा रहा है. जिला शिक्षा कार्यालय से भी संपर्क किया गया है. इस योजना का लाभ सभी लाभार्थियों को निशुल्क दिया जा रहा है. कोई भी लाभार्थी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, वसुधा केंद्र या मोबाइल के द्वारा भी अपना आयुष्मान कार्ड बना सकते हैं. जिन-जिन लोगों का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है, वे सभी लोग आयुष्मान कार्ड बनवाकर पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा लाभ ले सकते हैं. – नीतू कुमारी, जिला कार्यक्रम समन्वयक, नवादा
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By Radheshyam Kushwaha
राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.
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