58.8% महिलाओं में खून की कमी

Updated at : 17 Mar 2016 7:44 AM (IST)
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58.8% महिलाओं में खून की कमी

ध्यान दें. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के नतीजे नवादा के लिए चिंताजनक नवादा जिले में पुरुषों की तुलना में महिलाओं में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है. उनमें ओवरवेट की शिकायत लगातार बढ़ रही है. इतना ही नहीं, ब्लड शुगर के मामले में भी पुरुष आगे हैं. हालांकि, असली चिंता महिलाओं व बच्चों में खून […]

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ध्यान दें. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के नतीजे नवादा के लिए चिंताजनक
नवादा जिले में पुरुषों की तुलना में महिलाओं में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है. उनमें ओवरवेट की शिकायत लगातार बढ़ रही है. इतना ही नहीं, ब्लड शुगर के मामले में भी पुरुष आगे हैं. हालांकि, असली चिंता महिलाओं व बच्चों में खून की कमी को लेकर है. इसका खुलासा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पाॅपुलेशन सांइसेज के सर्वे में हुआ है. इसके मुताबिक, यह आंकड़ा साल दर साल बड़ी तेजी से बढ़ रहा है.
नवादा कार्यालय : नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 (2015-16) में 15-49 वर्ष तक के लोगों के प्रमुख हेल्थ इश्यू को लेकर रिसर्च किया गया है. सर्वे में नवादा के 942 घरों में 1228 महिलाओं व 130 पुरुषों के साथ बातचीत की गयी. इसके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि नवादा िजले में 58.8 फीसदी महिलाओं में खून की कमी है, जबकि 28.9 फीसदी पुरुष खून की कमी के शिकार हैं.
हालांकि, गर्भवती महिलाओं का आंकड़ा 48.1 फीसदी है. खून की कमी बच्चों के लिए भी चिंताजनक है. छह से लेकर 59 माह तक के बच्चों के साथ किये गये रिसर्च में पाया गया है कि 56.4 फीसदी बच्चे एनिमिक हैं. रिसर्च के मुताबिक, नवादा में 8.7 फीसदी पुरुष मोटापे के शिकार हैं, जबकि 11.0 फीसदी महिलाएं. सर्वे की मानें, तो पुरुषों में महिलाओं की तुलना में ब्लड शुगर लेवल भी ज्यादा है. हाइपरटेंशन के मामले में 5.2 फीसदी के साथ महिलाएं आगे हैं.
(3.9 फीसदी पुरुष हाइपरटेंशन से पीड़ित). सर्वे में एक बात और सामने आयी है कि नवादा में महिलाओं में सर्वाइकल, स्तनरोग व दांत की समस्या तेजी से बढ़ रही है. उल्लेखनीय है कि नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 में ग्रामीण आबादी को शामिल किया गया है. सर्वे करनेवाली संस्था का मानना है कि नवादा में 70 फीसदी आबादी ग्रामीण है, इस आधार पर किये गये सर्वे सटीक हैं.
महिलाओं में खून की कमी होना कहीं न कहीं खान-पान पर निर्भर करता है. महिलाओं में यह आम प्रवृत्ति है कि वे परिवार के सदस्यों की देखभाल के चक्कर में अपना ख्याल नहीं पातीं. गांवों में महिलाओं में अब भी जागरूकता का आभाव है. वहां साफ पानी नहीं है. हरी-साग सब्जी व आयरनयुक्त भोजन नहीं करतीं, इन सब का असर उनके शरीर पर पड़ता है.
डॉ सावित्री शर्मा, स्त्रीरोग विशेषज्ञ
तीन बीमारियों में तेजी से इजाफा
नवादा में महिलाओं के बीच तीन बीमारियां बड़ी तेजी से बढ़ रही हैं. इनमें सर्वाइकल, स्तनरोग व दांत की बीमारी है. रिपोर्ट के मुताबिक, नवादा में 12.6 फीसदी महिलाएं सर्वाइकल से पीड़ित हैं, जबकि 8.4 फीसदी महिलाएं स्तनरोग व दांत की समस्या से पीड़ित महिलाओं का प्रतिशत 4.0 है.
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