अब जान बचाने के लिए भी देना होगा टैक्स

Updated at : 02 Feb 2018 4:54 AM (IST)
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अब जान बचाने के लिए भी देना होगा टैक्स

जीवनरक्षक दवाओं पर जीएसटी लगाना जनहित में नहीं : विक्रेता संघ नवादा : आम बजट से मध्यम वर्ग के लोगों को कोई फायदा नहीं पहुंचा है़ खास कर जीवनरक्षक दवाओं पर जीएसटी लगाये जाने से गरीब मरीजों पर बोझ पड़ेगा. गुरुवार को केंद्र सरकार बजट पेश होने पर नगर के हाटपर दवा व्यवसायियों ने मंथन […]

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जीवनरक्षक दवाओं पर जीएसटी लगाना जनहित में नहीं : विक्रेता संघ

नवादा : आम बजट से मध्यम वर्ग के लोगों को कोई फायदा नहीं पहुंचा है़ खास कर जीवनरक्षक दवाओं पर जीएसटी लगाये जाने से गरीब मरीजों पर बोझ पड़ेगा. गुरुवार को केंद्र सरकार बजट पेश होने पर नगर के हाटपर दवा व्यवसायियों ने मंथन किया. टीवी पर बजट देख कर लोगों ने इस पर मंथन किया़ नवादा दवा बिक्रेता संघ के जिलाध्यक्ष ब्रजेश राय ने बताया कि इसका मुख्य कारण यह है कि केंद्र सरकार ने जीवनरक्षक दवाओं के प्रति कोई गंभिरता नहीं दिखायी गयी है़ जो भी बजट प्रस्तुत किया गया है, उससे राज नेताओं को ही फायदा होनेवाला है़ उन्होंने कहा कि मरीजों के हित में दवा को जीएसटी से मुक्त रखा जाना चाहिए था़
गरीब मरीजों को इलाज के लिए दवा के रूप में टैक्स जोड़ कर लिया जाना जनहित का काम नहीं है़ दवा इंसानों के जीवन को बचाने का माध्यम है, इसे खरीदना हर लोगों की मजबूरी है़ ऐसे महत्वपूर्ण सामग्री पर टैक्स लिये जाने का मतलब है कि जान बचाने के लिए इंसानों को सरकार के खाते में टैक्स भुगतान करना होगा़ इस बजट में ऐसे महत्वपूर्ण सामग्री पर ध्यान नहीं देकर नेताओं के वेतन में बढ़ोत्तरी पर ध्यान दिया जाना जनहित बजट नहीं हो सकता है़ जिलाध्यक्ष ने कहा कि दवा को टैक्स मुक्त करने के लिये संघ के प्रदेश अध्यक्ष परसन कुमार सिंह के माध्यम से भी किया जा चुका है़ उन्होने कहा कि सरकार को टैक्स लेना ही है तो समान के आधार पर शुन्य से 5 प्रतिशत तक लिया जा सकता था़ संघ के लोगों ने इस आम बजट को निराशा जनक बताया और
इसे गरीब व मध्यम वर्ग के लिये शोषण वाला बजट माना जा रहा है़ संघ के लोगों ने कहा कि गरीब व असहाय लोग इलाज के लिये किस तरह से अपने आप को गिरमी रखकर दवा खरीदते हैं इस पर सरकार ने कभी ध्यान नहीं दिया है, यदि सरकार ऐसे गरीबों की परेशानी जानती तो जीवन रक्षक दवा पर टैक्स नहीं लगता और लोगों को राहत भी मिलती. दवा पर टैक्स का मतलब कंपनी अपने पॉकेट से टैक्स नहीं भरेगी, बल्कि दवा का दाम बढ़ा कर मरीजों से इसका भुगतान लेना शुरू कर दिया है़
ऐसी हालत में गरीब मरीजों को अधिक मूल्य देकर दवा खरीदने की बाध्यता हो गयी है, जो जनहित में नहीं है़ मौके पर संघ के एलओटी प्रभारी भोला प्रसाद, कोषाध्यक्ष पंकज कुमार चौरसिया, सचिव अनिल कुमार,उपाध्यक्ष राजेश कुमार,संयुक्त सचिव योगेंद्र कुमार, अमित कुमार राणा, तन्ने पठान,पंकज कुमार सिन्हा आदि लोग मौजूद थे.
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