बिहार के भ्रष्ट पुलिस अफसरों को DGP की चेतावनी, बोले- अब सस्पेंशन नहीं सीधे डिमोशन होगा
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 19 Mar 2026 8:39 PM
डीजीपी विनय कुमार की फाइल फोटो
Bihar News: बिहार में बिहार पुलिस पर सख्ती बढ़ाई जा रही है. थानों में भ्रष्टाचार और मनमानी की बढ़ती शिकायतों के बीच अब सिर्फ सस्पेंशन नहीं, बल्कि दोषी पुलिसकर्मियों के डिमोशन तक की तैयारी की जा रही है.
Bihar News: बिहार में थानों पर तैनात पुलिस कर्मियों की कार्यशैली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने के बाद अब सख्ती बढ़ाई जा रही है. बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया है कि भ्रष्ट और मनमानी करने वाले पुलिस पदाधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.
सिर्फ सस्पेंशन नहीं, अब होगा डिमोशन
अब तक ऐसे मामलों में अधिकतर सस्पेंशन (निलंबन) की कार्रवाई होती थी, लेकिन अब उससे आगे बढ़कर दोषी अधिकारियों का डिमोशन (पदावनति) करने पर जोर दिया जा रहा है. इस कदम का उद्देश्य दोषी कर्मियों को स्थायी सजा देना और पूरे विभाग में सख्त संदेश भेजना है.
जनसुनवाई में बढ़ीं शिकायतें
विनय कुमार के जनता दरबार और पुलिस मुख्यालय की जनसुनवाई में थानास्तर की कई गंभीर शिकायतें सामने आई हैं. इनमें इंस्पेक्टर, दारोगा और अन्य कर्मियों पर मनमानी, रिश्वतखोरी और बालू-शराब माफिया से सांठ-गांठ के आरोप शामिल हैं.
एसपी को विशेष निगरानी के निर्देश
मुख्यालय ने एसपी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में थानों की कार्यप्रणाली पर विशेष नजर रखें. जिन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है, उनके मामलों का जल्द निपटारा करने को भी कहा गया है.
निलंबन के बाद राहत पर उठे सवाल
समीक्षा में यह भी सामने आया है कि कई मामलों में दोषी पुलिस कर्मियों को पहले निलंबित तो कर दिया जाता है, लेकिन बाद में उन्हें राहत मिल जाती है. इतना ही नहीं, निलंबन अवधि का वेतन-भत्ता भी उन्हें मिल जाता है, जिससे कार्रवाई का असर कम हो जाता है.
पुलिस मैनुअल में है डिमोशन का प्रावधान
पूर्व पुलिस एसोसिएशन महासचिव केके झा के अनुसार, पुलिस मैनुअल में डिमोशन का प्रावधान पहले से मौजूद है. गंभीर आरोपों में दोषी पाए जाने पर इंस्पेक्टर को दारोगा, दारोगा को जमादार बनाया जा सकता है. हालांकि, किसी कर्मी को उसके मूल नियुक्ति पद से नीचे नहीं किया जा सकता.
सख्त संदेश देने की तैयारी
डीजीपी ने साफ कहा है कि पुलिस में अनुशासन और आचरण सर्वोपरि है. दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी. इस नई पहल से उम्मीद है कि थानास्तर पर भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और आम लोगों का भरोसा पुलिस पर मजबूत होगा.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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