औषधीय पौधों से स्वस्थ रहने के गुर सीखे बच्चे

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औषधीय पौधों से स्वस्थ रहने के गुर सीखे बच्चे

प्राथमिक विद्यालय दरमनियां बाजार में राज्य आयुष समिति के तत्वावधान में विशेष आयोजन

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गोविंदपुर में लगा आयुष जागरूकता शिविर डॉक्टरों ने जायफल और तुलसी जैसे घरेलू नुस्खों का बताया महत्व, योग के फायदे गिनाये कैप्शन:- जागरूकता शिविर में विद्यार्थी एवं शिक्षक प्रतिनिधि, गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय हिंदी दरमनियां बाजार में सोमवार को राज्य आयुष समिति पटना के तत्वावधान में आयुर्विद्या जागरूकता अभियान के तहत विशेष शिविर लगाया गया. यह कार्यक्रम जिला आयुष समिति और जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी, नवादा के माध्यम से संपन्न हुआ. शिविर में छात्र-छात्राओं को आयुर्वेद के महत्व, स्वास्थ्य लाभ, औषधीय पौधों के उपयोग और नियमित योग के फायदों की जानकारी दी गयी. डॉक्टरों ने बताया कि आयुर्वेदिक पद्धति प्राचीन भारतीय चिकित्सा प्रणाली है, जो प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से शरीर को स्वस्थ रखती है. कार्यक्रम में डॉ राजेंद्र ताती, डॉ अरुण कुमार, डॉ फरहत जवी और डॉ संजय कुमार शामिल हुए. डॉ राजेंद्र ताती ने विद्यालय परिसर में मौजूद आंवला, मूंगा, एलोवेरा, तुलसी, पपीता, पालक और पुनर्नवा जैसे पौधों के औषधीय गुणों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि इनका नियमित उपयोग बीमारियों से बचाने में सहायक है. डॉ ताती ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज लोग छोटी बीमारियों में भी अंग्रेजी दवाओं का सहारा लेते हैं, जबकि पूर्वज घरेलू उपायों से ही उपचार कर लेते थे. उन्होंने उदाहरण दिया कि पहले खांसी-बुखार में बच्चों को जायफल दिया जाता था. आजकल छोटे बच्चों को भी भारी मात्रा में इंजेक्शन और दवाइयां दी जा रही हैं, जो भविष्य के लिए हानिकारक हो सकती हैं. यदि बच्चे प्राकृतिक उपचार अपनाएंगे, तो अंग्रेजी दवाओं पर निर्भरता कम होगी. शिविर में बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली और पौधारोपण के लिए प्रेरित किया गया. मौके पर शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे.

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Javed Najaf

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By Javed Najaf

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