हाइ व प्लस टू स्कूलों के चलने के समय पर नहीं चलेंगे कोचिंग संस्थान

Updated at : 13 Sep 2017 10:27 AM (IST)
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हाइ व प्लस टू स्कूलों के चलने के समय पर नहीं चलेंगे कोचिंग संस्थान

जिलाधिकारी की ली जायेगी मदद नवादा : प्रखंडों में हाइ व प्लस टू स्कूलों के चलने के समय पर कोचिंग संस्थान नहीं चलेंगे. इसके लिए शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है. इसकी पूरी जिम्मेदारी जिलों एवं प्रखंडों के जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को दी गयी है. इस काम में जिलाधिकारी की […]

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जिलाधिकारी की ली जायेगी मदद
नवादा : प्रखंडों में हाइ व प्लस टू स्कूलों के चलने के समय पर कोचिंग संस्थान नहीं चलेंगे. इसके लिए शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है.
इसकी पूरी जिम्मेदारी जिलों एवं प्रखंडों के जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को दी गयी है. इस काम में जिलाधिकारी की भी मदद ली जाये. शिक्षा विभाग ने यह फैसला स्कूलों के समय पर कोचिंग संस्थान चलने से स्कूली बच्चों के उसमें जाने की शिकायत मिलने पर लिया है. शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि बिहार कोचिंग संस्थान अधिनियम 2010 के अनुसार कोई भी कोचिंग संस्थान स्कूल अवधि के दौरान न चलें. स्कूल की टाइमिंग के बाद ही कोचिंग संस्थानों चल सके.
जिलों से से मांगी गयी है लिस्ट: इसके लिए चलने वाले कोचिंग संस्थानों में जाकर देखा जायेगा कि स्कूल चलने के समय पर तो कोचिंग क्लास चल तो नहीं रही है. इसके अलावे शिक्षा विभाग ने जिलों से कोचिंग संस्थानों के रजिस्ट्रेशन की भी लिस्ट मांगी है. बिना रजिस्ट्रेशन वाले कोचिंग संस्थानों की जांच करायी जायेगी. जो कोचिंग संस्थान नियम के अनुसार नहीं चल रहे होंगे, उन पर कार्रवाई होगी.
रजिस्ट्रेशन करवा चुके संस्थानों की भी होगी जांच
शिक्षा विभाग ने तय किया है कि जिन कोचिंग संस्थानों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया हैं, उन्हें तो चलने दिया जायेगा, लेकिन जो संस्थान रजिस्ट्रेशन नहीं करवाये होंगे, उन्हें बंद किया जायेगा.
साथ ही रजिस्ट्रेशन करवा चुके संस्थानों की भी जांच की जायेगी कि उनके यहां निर्धारित मापदंड के अनुसार संस्थान चल रहा है या नहीं. एक बैच में 40 बच्चों से ज्यादा तो नहीं पढ़ाया जा रहा है और क्या फीस ली जा रही है, उसकी भी जांच होगी.
क्या है मामला
हाइ व प्लस टू स्कूलों के बच्चे स्कूल तो आ रहे थे, लेकिन वे स्कूल में साइकिल लगाकर कोचिंग क्लास करने चले जाते थे. जिले के सदर प्रखंड सहित पकरीबरावां,हिसुआ,वारिसलीगंज और रजौली के ऐसे कई स्कूल हैं, जहां के बच्चे ऐसा काम कर रहे हैं. उन संस्थानों में एक बैच में 100-200 बच्चे पढ़ रहे हैं. इस पर लगाम लगाने के लिए ही यह निर्देश दिया गया. प्रत्येक प्रखंड में इन दिनों लगभग 3 दर्जन से अधिक कोचिंग एवं संस्थान अवैध रूप से चल रहे हैं. किसी का भी रजिस्ट्रेशन नहीं है.
इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला पदाधिकारी को भी अवगत कराया गया है. बावजूद शिक्षण एवं संस्थान रजिस्ट्रेशन लेने की जरूरत नहीं समझी. अभिभावकों का कहना है कि सरकारी स्कूल की अपेक्षा प्राइवेट शिक्षण संस्थान हमारे बच्चों के लिए उपयोगी है. वहां सभी तरह की सुविधाएं बच्चों को मिलती है जबकि सरकारी स्कूलों में सुविधा नाम की कोई चीज नहीं है.
सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर है लेकिन इसको चलाने वाले कोई शिक्षक बहाल नहीं हुए हैं. प्रखंड से लेकर जिले में जितने भी हाइस्कूल है, सभी स्कूलों से कंप्यूटर की चोरी हो चुकी है जबकि आजकल का जमाना ही है कंप्यूटर व मोबाइल का है. डीइओ डॉ सहजांद कुमार ने कहा कि इस दिशा में काम किया जा रहा है.जल्द ही कोई आदेश जारी होगा.
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