दोषी चिकित्सकों का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा

Updated at : 08 May 2016 2:08 AM (IST)
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दोषी चिकित्सकों का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा

सिविल सर्जन ने एमसीआइ को भेजा अनुशंसा पत्र मामला बच्चेदानी ऑपरेशन का बिहारशरीफ : गलत ढंग से बच्चेदानी का ऑपरेशन करके मालामाल होने वाले चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दिया गया है. दोषी चिकित्सकों पर एफआइआर करने के बाद लाईसेंस रद्द करने की भी अनुशंसा की गयी है. लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा […]

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सिविल सर्जन ने एमसीआइ को भेजा अनुशंसा पत्र

मामला बच्चेदानी ऑपरेशन का
बिहारशरीफ : गलत ढंग से बच्चेदानी का ऑपरेशन करके मालामाल होने वाले चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दिया गया है. दोषी चिकित्सकों पर एफआइआर करने के बाद लाईसेंस रद्द करने की भी अनुशंसा की गयी है. लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा पत्र मेडिकल काॅउंसिल ऑफ इंडिया को भेजा गया हैं. नालंदा के सिविल सर्जन ने एमसीआइ को पत्र भेजकर लाइसेंस रद्द करने का अनुरोध किया हैं.
बच्चेदानी ऑपरेशन से मामलों की फाइल एक बार फिर से खुल गयी है. बिना ऑपरेशन किये ही रुपये की निकासी करने वाले छह क्लीनिकों पर दोहरी कार्रवाई की गयी हैं. एफआइआर के साथ उनके लाइसेंस रद्द करने की कार्रवांई की गयी है. वर्ष 2011-12 में बच्चेदानी ऑपरेशन के नाम पर चिकित्सकों द्वारा गड़बड़ी करने का आरोप है.
शिकायत के आलोक जांच के बाद यह खुलासा हुआ था कि महिलाओं की बच्चेदानी का ऑपरेशन नहीं किया गया था. मेडिकल के समक्ष महिलाओं ने भी स्वीकार किया था कि उसका ऑपरेशन नहीं किया गया था.कुछ ने यह भी कहा था कि बिना बताये ही ऑपरेशन कर दिया गया था, साथ ही कम उम्र की महिलाओं की भी बच्चेदानी निकाल ली गयी थी.
और अंगूठे का निशान ले लिया गया था. बच्चेदानी ऑपरेशन के लिए निर्धारत राशि 12 हजार रुपये की निकासी कर ली गयी है. जांच के बाद उक्त रिपोर्ट को विभाग के पास भेज दिया गया था. रिपोर्ट के बाद आदेश आने का इंतजार किया जा रहा था. विभाग द्वारा आदेश आने के बाद एफआइआर करने की पहल भी की गयी थी. फिर बाद में फाइल दब गयी थी.राष्ट्रीय मानवाधिकार द्वारा इस प्रकरण में हस्तक्षेप किये जाने के बाद मामला फिर से गरमा गयी है.
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