जिले में सेल्स टैक्स का विरोध करेंगे कपड़ा व्यवसायी

Updated at : 06 Feb 2016 7:29 AM (IST)
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जिले में सेल्स टैक्स का विरोध करेंगे कपड़ा व्यवसायी

बिहारशरीफ. जिले के कपड़ा व्यवसायी व सेल्स टैक्स कार्यालय आमने-सामने की स्थिति में आ गये हैं . एक ओर विभाग द्वारा व्यवसायियों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है. तो इसके विरोध में व्यवसायी भी गोलबंद होने लगे हैं. विभाग द्वारा जिलेे के व्यवसायियों को नोटिस देकर निबंधन कराने को कहा है. निबंधन […]

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बिहारशरीफ. जिले के कपड़ा व्यवसायी व सेल्स टैक्स कार्यालय आमने-सामने की स्थिति में आ गये हैं . एक ओर विभाग द्वारा व्यवसायियों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है. तो इसके विरोध में व्यवसायी भी गोलबंद होने लगे हैं. विभाग द्वारा जिलेे के व्यवसायियों को नोटिस देकर निबंधन कराने को कहा है. निबंधन कराने के लिए 15 फरवरी का समय दिया गया है.
इस दौरान व्यवसायियों द्वारा अगर निबंधन नहीं कराया गया तो दुकानदारों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. जिले में सबसे अधिक बिहारशरीफ में कपड़ा के व्यवसायी है. खासकर सोहसराय में एरिया में मंडी है.
प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार होता है. लेकिन विभाग के कड़े रूख से कपड़ा व्यवसायी आहत है. इससे कपड़ा मंडी पर भी असर पड़ने की आशंका है,क्योंकि अधिकतर दो हजार रुपये की साड़ी बेचने वाले दुकानदारों की संख्या कम है. जिला कपड़ा व्यवसायी संघ टैक्स के विरोध में रणनीति बनाने में लगे हैं . राज्य संघ के आदेश के आलोक में आगे की रणनीति तय करेंगे.
पांच फीसदी देना होगा टैक्स:
टैक्स के दायरे में आने पर कपड़ा दुकानदारों पर कपड़े की कीमत के अनुसार टैक्स देना होगा. पांच सौ रुपये प्रति मीटर से शुरू होने वाले कपड़ा पर पांच. फीसदी. इसी प्रकार वैसी साड़ी जिसकी कीमत दो हजार रुपये से शुरू होताी है उस पर भी पांच फीसदी ही टैक्स लिये जायेंगे.
मिठाई दुकानदार भी सकते में :
टैक्स लगाये जाने से शहर समेत जिले भर के मिठाई दुकानदार भी सकते में है. सेल्स टैक्स के अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई से मिठाई दुकानदारी प्रभावित होने से इनकार नहीं की जा सकता है. सेल्स टैक्स विभाग को सबसे ज्यादा साल में देशी शराब से टैक्स प्राप्त होता है.
साल में इससे 30 करोड़ रुपये की आमदनी होती थी. लेकिन शराब बंदी होने से उक्त राजस्व की हानि विभाग को उठानी पड़ेगी. जिले में करीब 280 शराब की दुकानंें हैं. इन्ही दुकानों से भारी भरकम राजस्व की प्राप्ति विभाग को होती थी. इसके बाद सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला यूनिट टू व्हीलर है. जिले में सभी यूनिट को मिलाकर 65 हजार दुकानदार निबंधित हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिले के कपड़ा व्यवसायियों को नोटिस देकर निबंधन कराने का अनुरोध किया गया है. निबंधन नहीं लेने वाले व्यवसायियों को चिन्हित कार्रवाई की जायेगी. सरकार का आदेश है कि हर हाल में राजस्व वसूली की जाये.
अभिताभ मिश्रा, सहायक कमिश्नर, सेल्स टैक्स विभाग नालंदा
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