ठगी के शिकार हो रहे उपभोक्ता
Updated at : 05 Feb 2016 4:09 AM (IST)
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बिहारशरीफ : बिहारशरीफ शहर समेत प्रखंडों के बाजारों में वर्तमान समय में भी सामग्री ईंट पत्थर से तौल कर दिये जाने का सिलसिला चल रहा है. तराजू पर वाट न रख कर ईंट पत्थर रख कर सामग्री तौली जा रही है और वहीं ग्राहकों को दी जा रही है. इसके कारण उपभोक्ता ठगी के शिकार […]
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बिहारशरीफ : बिहारशरीफ शहर समेत प्रखंडों के बाजारों में वर्तमान समय में भी सामग्री ईंट पत्थर से तौल कर दिये जाने का सिलसिला चल रहा है. तराजू पर वाट न रख कर ईंट पत्थर रख कर सामग्री तौली जा रही है और वहीं ग्राहकों को दी जा रही है. इसके कारण उपभोक्ता ठगी के शिकार हो रहे हैं. इस ईंट पत्थर के तौल से न केवल आम लोग शिकार हो रहे हैं. बल्कि शासकीय कार्यालयों के बाबू भी इसके शिकार हो रहे हैं. इसके बावजूद इसे दूर करने की कोई पहल नहीं हो रही है.
सब्जी मंडी में किचकिच:
जिले की सबसे बड़ी सब्जी मंडी रामचंद्रपुर बाजार समिति रामचंद्रपुर, मछली मंडी, भरावपर सहित अन्य जगहों पर फुट कर विक्रेताओं एवं थोक विक्रेताओं, फुट कर विक्रेताओं व ग्राहकों में इसको लेकर रोज किचकिच देखने को मिलती है. कम तौल से त्रस्त उपभोक्ता प्रति दिन बाजार में कहीं न कहीं अपने अधिकारों का हनन होते देखते रह जाते हैं. उपभोक्ता इसका विरोध भी करते हैं तो इसका नतीजा नहीं निकल पाता है.
सब्जी व किराना दुकान का यही हाल
सब्जी भाजी की दुकानों से लेकर किराना दुकानों तक में कम तौल के कारण होने वाली चिकचिक से उपभोक्ता परेशान व अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं. विभाग के अधिकारियों व दुकानदारों की इस सांठ गाठ के बीच उपभोक्ता पीसते जा रहे हैं.
इलेक्ट्रॉनिक कॉटों में भी होती है सेटिंग
इलेक्ट्रॉनिक कॉटों की मांग को देखते हुए इन दिनों दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक कॉटों के प्रचलन तेजी से बढ़ा है. इन इलेक्ट्रॉनिक कॉटों की सेटिंग भी सरल हैं. कई व्यापारी खरीदने और बेचने के लिए अलग-अलग कांटे व वाट बना रखे हैं.
मिठाई के भाव में बिक रहे डिब्बे
विभागीय अधिकारियों की उदासीनता का आलम यह है कि मिठाई दुकानदार कागज व कूट का डिब्बा मिठाई के भाव बेच रहे हैं. मिठाई को डिब्बे में रख कर तौला जा रहा है. आम लोगों के अलावा माप तौल विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे पाते हैं.
खरीदारी करते वक्त रहिए सतर्क
यदि आप खरीदारी करने बाजार जा रहे हैं तो सतर्क रहिए. कहीं ऐसा न हो कि दुकानदार पैकिंग का वजन भी मिठाई और ड्राई फ्रूट्स के वजन में शामिल कर लें. यदि आप पैक बंद वस्तुएं खरीदते हैं और दुकानदार उसका बिल न दे तो इसकी शिकायत कर सकते हैं. सही वजन व शुद्धता का सामान नहीं मिलने पर आप उपभोक्ता फोरम में भी शिकायत कर सकते हैं.
कैसे होती है गड़बड़ी
मिठाई तौलते वक्त डिब्बे का वजन करीब 80 से 150 ग्राम तक मिठाई कम दी जा सकती है. बाजार में मिठाई के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले डिब्बों का वजन 80 से 150 ग्राम तक होता है.
आपको क्या कहना है
पहले खाली डिब्बे का वजन तौलवा लें. इसके बाद मिठाई की मात्रा और डिब्बे का वजन मिला कर तौल को कांटे पर देख लें. मान लीजिए आपने एक किलो मिठाई खरीदी है. डिब्बे का वजन 150 ग्राम है तो डिब्बे सहित मिठाई का वजन 1150 ग्राम होना चाहिए.
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