बेचैनी. पैसे दो, पंचायत चुनाव सीट की जानकारी लो

Updated at : 04 Feb 2016 4:44 AM (IST)
विज्ञापन
बेचैनी. पैसे दो, पंचायत चुनाव सीट की जानकारी लो

रोस्टर का अनुमोदन नहीं प्रखंड से लेकर जिला स्तर पर चल रही दुकानदारी,रोस्टर का अनुमोदन नहीं और सोशल मीडिया पर वायरल हुई सूची बिहारशरीफ : पंचायत चुनाव को लेकर जिले में गजब का उत्साह है. इस बार पंचायत चुनाव नये रोटस्टर के अनुसार कराये जायेंगे. अब तक रोस्टर की फाइनल सूची प्रकाशित नहीं हो सकी […]

विज्ञापन

रोस्टर का अनुमोदन नहीं

प्रखंड से लेकर जिला स्तर पर चल रही दुकानदारी,रोस्टर का अनुमोदन नहीं और सोशल मीडिया पर वायरल हुई सूची
बिहारशरीफ : पंचायत चुनाव को लेकर जिले में गजब का उत्साह है. इस बार पंचायत चुनाव नये रोटस्टर के अनुसार कराये जायेंगे. अब तक रोस्टर की फाइनल सूची प्रकाशित नहीं हो सकी है. सरकारी स्तर पर सूची प्रकाशित नहीं होने से सीटों की जानकारी के लिए इन दिनोंं प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक जमकर दुकानदारी हो रही है.सीटों की जानकारी दिये जाने के लिए रुपये की लेन-देन की शिकायत लोग कर रहे है. लोगों का कहना है कि रुपये लेेकर सीटों की जानकारी दी जा रही है.
साथ ही, सोशल मीडिया पर भी रोस्टर सूची वायरल हो गयी है. जिला परिषद की सभी 34 सीटों की कोटिवार रोस्टर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. जारी की गयी रोस्टर कितना सही है, यह तो सूची के सार्वजनिक होनेे के बाद ही स्पष्ट होगा. वैसे चुनाव लड़ने वाले सभी लोगों को मुखिया पद से लेकर सभी छह पदों के आरक्षण की जानकारी हो गयी है. सोशल मीडिया पर जारी की गयी सूची के अनुसार रसूख वाले क्षेत्र के सीटों से छेड़छाड़ नहीं की गयी है.
सीट बचाने व बदलने के लिए हुआ खेल:
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के सीटों के बचाने से लेकर बदलने के लिए भी रुपये का खेल होने की बात लोग कह रहेे हंै. सीट बचाने से लेकर बदलने के लिए सबसे ज्यादा भाव मुखिया पद का रहा है. इसके बाद जिला परिषद की सीट का स्थान रहा है . हालांकि अधिकारियों का कहना है कि निष्पक्षता के साथ नियमों के अनुसार रोस्टर तैयार की गया है .
3600 बूथों पर डाले जायेंगे वोट:
पंचायत चुनाव के दौरान जिले के 3600 बूथों पर वोट डाले जायंेगे. विभाग द्वारा बूूथों के प्रारूप का प्रकाशन कर दिया गया है. अधिकतम सात सौ वोट पर एक मतदान केन्द्र बनाये गये हैं . बनाये गयेे बूथों के संबंध में आपत्तियों को भी लिया जा रहा है. बूथ बनाने में भी भेदभाव किये जाने की शिकायत की जा रही है.पंचायत चुनाव में बनाये गये बूथों की खास बात यह है कि अधिकतम बूथ सरकारी भवन में ही बनाये गये हंै. सरकारी भवन नहीं मिलने की स्थिति में अन्य स्थानों को प्राथमिकता दी गयी है .
जमकर हो रही चर्चा:
पंचायत चुनाव 2016 का आरक्षण चक्र बदला जा रहा हैं. त्रिस्तरीय चुनाव में आरक्षण की सूची प्रखंड से जिला व जिला से पंचायत राज विभाग को भेजा जा चुकी है. पंचायत राज विभाग से आरक्षण के रोस्टर को अनुमोदन ्रमिलने के बाद ही इस सूची को जिला से प्रखंडों में भेजी जायेगी. पंचायत चुनाव लड़ने के दावेदार इस सूची का ब्रेसब्री से इंतजार कर रहे है. आरक्षण रोस्टर साफ होने के बाद ही यह पता चल पायेगा कि कौन सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित है. इच्छुक दावेदारों का यह मानना है कि जिला से जो रोस्टर तैयार कर सूची विभाग को भेजी गयी है, अंतत: उसी का अनुमोदन होगा .
यही बजह है कि चुनाव लड़ने की ताक में बैसे लोग येन-केन -प्रकरेण आरक्षण रोस्टर की फोटो कॉपी प्राप्त करने में लगे है. विभाग को भेजे गयी सूची में तभी फेरबदल होगा ,जब जरूरी समझा जायेगा. विभाग द्वारा एक-एक पद की गहराई से जांच के बाद ही रोस्टर की सूची को अनुमादित किया जायेगा. जैसे-जैसे पंचायत चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है, चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों की दिल की धड़कन तेज होती जा रही है. इसी बात को लेकर पंचायत के अलावा चौक-चौराहों, खेत-खलिहानों व चाय की दुकानों पर बहस व चर्चा छिड़ी हुई हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन