''नालंदा'' की धरोहरों में विदेशी सैलानियों की ''बहार''

Updated at : 24 Dec 2015 4:06 AM (IST)
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''नालंदा'' की धरोहरों में विदेशी सैलानियों की ''बहार''

नालंदा : कानून व्यवस्था पटरी पर लौटी, तो देश दुनिया के सैलानियों की आमद नालंदा में बढ़ने लगी. बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक यहां आने लगे. यहां के धरोहरों और पर्यटन स्थल के प्रति उनका आकर्षण बढ़ने लगा. अब नालंदा और राजगीर विदेशी सैलानियों के लिए पसंदीदा पर्यटन स्थल बन गया है. सरकारी रिपोर्ट भी […]

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नालंदा : कानून व्यवस्था पटरी पर लौटी, तो देश दुनिया के सैलानियों की आमद नालंदा में बढ़ने लगी. बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक यहां आने लगे. यहां के धरोहरों और पर्यटन स्थल के प्रति उनका आकर्षण बढ़ने लगा. अब नालंदा और राजगीर विदेशी सैलानियों के लिए पसंदीदा पर्यटन स्थल बन गया है.

सरकारी रिपोर्ट भी इस बात की पुष्टि करता है कि विश्व पर्यटन के मानचित्र पर नालन्दा तेजी से उभर रहा है. बकौल ऑर्केलाजी विभाग टिकट लेकर दस वषार्ें में 40,06,865 सैलानी प्राचीन नालन्दा विश्वविद्यालय के धारोहर का दीदार किये हैं. इनमें 2,65,458 विदेशी हैं ,जिसमें षार्क देश और बिम्सटेक कंट्री और वीवीआइपी टूरिस्ट शामिल नहीं हैं.

मुख्यमंत्री शैक्षणिक भ्रमण पर आये 15 साल से कम उम्र के छात्र -छात्राएं भी इस आंकड़े से अलग हैं और कई गुणा अधिक हैं. नालंदा आने बाले विदेशी पर्यटकों में अमेरिका, जापान, चीन, ब्रिटेन, कनाडा, मलेषिया, फ्रांस, कोरिया, आस्ट्रेलिया आदि देश के सैलानी हैं .

नालन्दा आने वाले देशी-विदेशी टूरिस्टों के आगमन में साल दर साल इजाफा हो रहा है . हर दिन यहां टूरिस्टों का मेला सा लगा रहता है . इनके अलावे मुख्यमंत्री षैक्षणिक भ्रमण योजना पर आये बच्चों की किलकारी से माहौल और मनोरंजक हो जाता है . प्रतिदिन सैंकड़ों बसों से स्कूली बच्चे इन धरोहरों को देखने के लिए नालन्दा आते हैं .
दस साल में साढ़े चालीस लाख सैलानी आये : प्राचीन नालन्दा विश्वविद्यालय के धरोहर को दस वर्षों में 40,06,865 सैलानियों ने देखा . इनमें 2,65,458 विदेशी हैं . इन सैलानियों से इस अवधि में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को 4,40,53,435 रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई है . इसमेें 2,53,45,800 रूपये विदेशी पर्यटकों से प्राप्त हुए हैं. यह आंकडा वितीय वर्ष 2005-06 से 2014-15 तक का है . .
देश और विदेश के सैलानियों के लिए अलग शुल्क :
इस धरोहर को देखने के लिए दो तरह के टिकट शुल्क निर्धारित हैं . भारतीय और षार्क देशों के पर्यटकों के लिए पांच रुपये प्रतिव्यक्ति टिकट तय है और अन्य देशों के पर्यटकों के लिए 100 रुपये प्रतिव्यक्ति टिकट षुल्क तय है.
षार्क देश बंगलादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, मालदीव, और बिम्सटेक कंट्री थाईलैंड, म्यांमार एवं अन्य देश के सैलानियों को यहां टिकट में विषेष रियायत दी जाती है . इन देशों के सैलानियों को विदेशी पर्यटक की तरह नहीं, भारतीय नागरिक की तरह टिकट की सुविधाएं प्रदान की जाती है
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