70 लाख की बिक्री पर असर

Updated at : 15 Oct 2015 2:36 AM (IST)
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70 लाख की बिक्री पर असर

बिहारशरीफ : दवा विक्रेताओं के देश व्यापी बंद से बुधवार को जिले की सभी दुकानें बंद रही. ऑल इंडिया ऑरगेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स के बंद के आहृवान को बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने समर्थन करते हुए इस देश व्यापी बंद में शरीक होते हुए अपनी-अपनी दुकानें बंद रखीं. ऑन लाइन दवाओं की बिक्री […]

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बिहारशरीफ : दवा विक्रेताओं के देश व्यापी बंद से बुधवार को जिले की सभी दुकानें बंद रही. ऑल इंडिया ऑरगेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स के बंद के आहृवान को बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने समर्थन करते हुए इस देश व्यापी बंद में शरीक होते हुए अपनी-अपनी दुकानें बंद रखीं.

ऑन लाइन दवाओं की बिक्री करने के सरकार के निर्णय का दवा दुकानों के एसोसिएशन ने विरोध करते हुए इस दिन का बंद किया था. इस बंद के कारण जिले में करीब 70 लाख की दवाओं की बिक्री प्रभावित हुई.

बंद पूरी तरह सफल रही. दवा दुकानें स्वत: बंद रहीं. उन्हें बंद कराने की जरूरत ही नहीं पड़ी. बंदके कारण जिले के करीब साढ़े ग्यारह सौ दवा दुकानें पूरी तरह बंद रही.

मरीजों को इस बंद से कोई परेशानी न हो इसके लिए एक दो दुकानों को खुला रखने की हिदायत दी गयी थी. इसके अलावा निजी क्लिनिकों में स्थित दवा दुकानदारों को क्लिनिक में भर्ती मरीजों के लिए इमरजेंसी सेवा के तहत दवा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था. सदर अस्पताल के पास स्थित एक दवा दुकान को खुला रखा गया था.

जिससे की अस्पताल के मरीजों को जरूरत के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो. नालंदा जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सह बिहार केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महासचिव अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि यह टोकन स्ट्राइक था. इस एक दिन के बंद के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इस बात को भी ध्यान रखा गया था.

उन्होंने बताया कि एसोसिएशन इस बंद का उद्देश्य सरकार को यह मैसेज देना था कि पूरे देश में ऑनलाइन दवा परचेज की आपकी जो नीति है. वह गलत है. दवा दुकानदार इस नीति का विरोध करेंगे.

दुकानें बंद रहने से हुई फजीहत
बिहारशरीफ.बुधवार को दवा दुकानें बंद रहने से मरीजों एवं परिजनों को काफी फजीहत उठानी पड़ी. बंदी के कारण जीवन रक्षक दवा खरीदने में मरीजों को खाक छाननी पड़ी . मरीज जिधर भी जाते उधर दवा की दुकानें बंद ही नजर आती थी.
हालांकि शहर स्थित निजी क्लिनकों में संचालित दवा दुकानें खुली रहने से मरीजों को कुछ हद तक राहत मिली.लेकिन जिस क्लिनिक के पास दुकानें नहीं थी,
वहां पर मरीजों को दवा खरीदने के लिए दुकानें तलाशनी पड़ी. ऑनलाइन दवा क्रय के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर जिले में दवा की दुकानें बंद रही.
प्रखंड व जिला स्तर पर खुली एक-एक दुकान
मरीजों को परेशानी नहीं उठानी पड़े इसके लिए जिला दवा संघ ने प्रखंड स्तर पर जिला मुख्यालय में एक-एक दवा की दुकानें खुली रखी. शहर में सदर अस्पताल के पास एक दुकान खुली थी, जिससे मरीजों को कुछ राहत जरूर मिली.
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